अमेरिका में भारत विरोधी और आपराधिक नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित अपराधियों के खिलाफ अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अब बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में, अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के कुख्यात गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी सबसे अहम और प्रतिष्ठित 'टॉप-10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों' की सूची में शामिल कर लिया है। इस सूची में जगह पाने वाला वह 543वां अपराधी बन गया है। एफबीआई द्वारा इस स्तर की कार्रवाई से साफ जाहिर होता है कि विदेशों में बैठकर आपराधिक सिंडिकेट चलाने वाले तत्वों पर अब वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी बराड़ मुख्य रूप से अमेरिका, कनाडा और भारत के बीच फैले एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को संचालित करता है। उस पर सुनियोजित हत्याओं, कारोबारियों से जबरन रंगदारी वसूलने, फिरौती मांगने और अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के कई संगीन मामले दर्ज हैं। अमेरिकी धरती पर लगातार बढ़ रही इस तरह की आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार की घटनाओं के बाद से ही अमेरिकी सुरक्षा तंत्र इस गिरोह पर पैनी नजर बनाए हुए था।
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लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट का उत्तरी अमेरिका में मुख्य संचालक
सुरक्षा एजेंसियों की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि गोल्डी बराड़ अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई के संगठित अपराध सिंडिकेट के उत्तरी अमेरिकी विंग की कमान संभालता था। यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया समेत विभिन्न अमेरिकी राज्यों और कनाडा में लगातार हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में विदेशी धरती से भारत और अन्य देशों में आपराधिक साजिशें रचने में इस नेटवर्क का नाम प्रमुखता से सामने आया है।
लॉस एंजिल्स की फेडरल कोर्ट में गोल्डी बराड़ के खिलाफ कई संघीय मामलों में अभियोग दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उसकी आपराधिक गतिविधियों और गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर रखा है। अमेरिकी पुलिस और अन्य सहयोगी एजेंसियां इस सिंडिकेट के अन्य गुर्गों की भी पहचान करने और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
10 लाख डॉलर का भारी-भरकम इनाम और खुफिया सूचनाओं पर जोर
गोल्डी बराड़ के ठिकाने का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने अब आम जनता और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मदद की अपील की है। एफबीआई ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली सटीक जानकारी देगा, उसे 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय करेंसी के हिसाब से लगभग 9 से 10 करोड़ रुपये का भारी इनाम दिया जाएगा।
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी चिंता न रहे। इस बड़े वित्तीय इनाम की घोषणा के बाद से भगोड़े गैंगस्टर की तलाश तेज कर दी गई है और अमेरिका की स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कनाडाई एजेंसियां भी इस साझा अभियान में जुटी हुई हैं।
कनाडा में हुई हाई-प्रोफाइल हत्याओं से भी जुड़े हैं तार
अमेरिकी जांच एजेंसियों के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पर भारत के पंजाब से ताल्लुक रखने वाले एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक शख्सियत की हत्या का आदेश देने का भी गंभीर आरोप है। यह घटना कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक सिख मंदिर के बाहर हुई थी, जहां अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उस नेता की हत्या कर दी थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हलचल काफी तेज हो गई थी। अमेरिका और कनाडा की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इन मामलों की तह तक जाने के लिए संयुक्त रूप से कई बड़े अभियान शुरू किए हैं, जिसके तहत पिछले कुछ महीनों में दर्जनों संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
ऑपरेशन हार्डबॉल और वैश्विक स्तर पर गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई
जुलाई महीने में अमेरिका में चलाए गए एक व्यापक अभियान जिसे 'ऑपरेशन हार्डबॉल' का नाम दिया गया था, के तहत भारत से जुड़े तीन प्रमुख आपराधिक गिरोहों के कुल 37 गुर्गों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप तय किए गए थे। इस बड़े क्रैकडाउन के बाद से कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, हालांकि गोल्डी बराड़ समेत कुछ मुख्य सरगना अब भी कानून की नजरों से बचकर भागने में कामयाब रहे हैं।
"गोल्डी बराड़ न केवल अमेरिका और कनाडा में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न हिंसक अपराधों, जबरन वसूली और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त रहा है। उसकी गतिविधियों से देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को गंभीर चुनौती मिल रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — एफबीआई अधिकारी, संघीय जांच ब्यूरो, अमेरिका
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्डी बराड़ का नाम एफबीआई की टॉप-10 वांटेड सूची में आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पश्चिमी देश अब अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों को पनाह देने वाले नेटवर्कों के प्रति बेहद सख्त हो चुके हैं। आने वाले दिनों में उसकी तलाश और धरपकड़ के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में और तेजी आने की पूरी संभावना है।






