उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ बड़ा सड़क हादसा
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने सुनने वालों का दिल दहला दिया। चंडीगढ़ में तैनात सेना के एक सूबेदार मेजर के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक गांव लौट रहा परिवार रास्ते में ही भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शहीद के बेटे और भाई समेत चार लोगों की मौत हो गई। एक साथ चार अर्थियां उठने की खबर मिलते ही देवरिया जिले के उनके गांव में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
यह भीषण सड़क हादसा सुल्तानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 79.6 के पास हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस काफी तेज गति में थी और जब वह इस रूट से गुजर रही थी तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि एंबुलेंस का नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ गया और वह सड़क के किनारे पहले से खड़े एक भारी-भरकम ट्रक में जा घुसी। इस टक्कर से वाहन के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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चंडीगढ़ से देवरिया लौट रहा था सूबेदार मेजर का पार्थिव शरीर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गहिला-दुधैला गांव के रहने वाले सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी तैनाती मौजूदा समय में चंडीगढ़ में थी। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या के कारण उनका इलाज चंडीगढ़ के एक सैन्य अस्पताल में चल रहा था। तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ और अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
एक तरफ जहां परिवार अपने फौजी बेटे के खोने के गम में डूबा हुआ था, वहीं दूसरी तरफ उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव लाने की तैयारियां शुरू की गईं। परिवार के कई सदस्य और रिश्तेदार चंडीगढ़ पहुंचे थे ताकि वे पार्थिव शरीर के साथ सुरक्षित गांव लौट सकें। शहीद सूबेदार मेजर के परिवार में उनकी पत्नी पिंकी सिंह और बेटी दीक्षा सिंह भी थीं, जो एक अन्य निजी वाहन (अर्टिगा कार) से उनके पीछे-पीछे आ रही थीं।
राह में काल बनकर आया हादसा, चार जिंदगियां हुईं खत्म
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर ही शहीद के 18 वर्षीय बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो चुकी थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल हुए शहीद के बड़े भाई रामसमुझ सिंह और उनके साथ मौजूद रिश्तेदार व स्थानीय सभासद राजन चौधरी को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अयोध्या के कुमारगंज स्थित अस्पताल रेफर किया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस मर्मांक दुर्घटना में कुल चार लोगों की जान चली गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले रामसमुझ सिंह डाक विभाग में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे, जबकि राजन चौधरी रुद्रपुर नगर पंचायत के भरटोली वार्ड से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित सभासद थे। एक ही परिवार और गांव के चार प्रतिष्ठित और प्रिय लोगों की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरा क्षेत्र गमगीन है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक और दुख
इस अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर संवेदना संदेश जारी करते हुए कहा गया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जनहानि बेहद दुखद है।
"जनपद सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। अधिकारियों को परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने हेतु निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति प्रदान करें।" — मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। पीड़ित परिवार के संपर्क में रहकर हर संभव कानूनी और चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जा रही है। हादसे के बाद से शहीद की पत्नी और बेटी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे गहरे सदमे में हैं। परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि कुछ ही पलों में यह क्या अनहोनी हो गई।
पुलिस जांच और अज्ञात वाहन की तलाश जारी
सड़क हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए यातायात और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया और क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को क्रेन की मदद से रास्ते से हटवाया। पुलिस अब इस मामले में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस अज्ञात वाहन का पता लगाया जा सके जिसकी टक्कर से यह भयानक दुर्घटना हुई।
प्रशासन की प्राथमिकता इस समय शोकाकुल परिवार को सांत्वना देना और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए पार्थिव शरीरों को उनके पैतृक गांव तक सम्मान के साथ पहुंचाना है। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर होने वाली तेज रफ्तार और सुरक्षा के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां जरा सी चूक कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देती है।








