उत्तर प्रदेश की सियासत में गरमाया माहौल, रामपुर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर और मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच तमाम राजनीतिक दलों के नेता अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटे हैं। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री और अपनी अलग पार्टी बना चुके स्वामी प्रसाद मौर्य सीधे रामपुर पहुंचे। रामपुर पहुंचकर उन्होंने समाजवादी पार्टी के कद्दावर और वरिष्ठ नेता आजम खान के आवास पर जाकर उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद-विधायक डॉ. ताजीन फातिमा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, क्योंकि हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्य की दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी भेंट हुई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का इस तरह लगातार विपक्षी खेमे के दिग्गज नेताओं से मिलना आने वाले दिनों में किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा करता है। हालांकि, मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मौर्य ने इसे एक मानवीय और पारिवारिक भेंट करार दिया, लेकिन उनके तीखे तेवर और बयानों ने साफ कर दिया कि इसके सियासी मायने बहुत गहरे हैं।
संबंधित खबरें
योगी सरकार पर फूटा गुस्सा, कहा- लोकतंत्र में बदले की कोई जगह नहीं
रामपुर में डॉ. ताजीन फातिमा से मुलाकात करने के बाद मीडिया के सामने आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है और वरिष्ठ नेता आजम खान को निशाना बनाया जा रहा है। मौर्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की तानाशाही और बदले की राजनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि छोटे-छोटे और पुराने मामलों का हवाला देकर एक वरिष्ठ नेता को लंबे समय से सलाखों के पीछे रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज जो परंपरा सत्ता में बैठे लोग डाल रहे हैं, वह भविष्य में उनके लिए ही भारी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में वे आजम खान के परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
"योगी सरकार वरिष्ठ नेता आजम खान से बदले की भावना से दुश्मनी निकाल रही है और लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है। यह भाजपा का बेहद गिरा हुआ चेहरा दिखाता है, और हम इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।" — स्वामी प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री
जेल में बंद आजम खान से नहीं हो पाई मुलाकात, रविवार का दिन बना वजह
स्वामी प्रसाद मौर्य जब रामपुर पहुंचे तो उनकी इच्छा समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से सीधे जेल में जाकर मिलने की थी। हालांकि, रविवार का दिन होने और प्रशासनिक औपचारिकताओं के चलते वे जेल के भीतर आजम खान से नहीं मिल सके। इस बात की जानकारी खुद मौर्य ने मीडिया को दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आज सिर्फ डॉ. ताजीन फातिमा और उनके परिवार का हाल जानने आए थे, क्योंकि ताजीन फातिमा एक प्रोफेसर, विधायक और सांसद जैसी गरिमामयी पदों पर रह चुकी हैं।
मौर्य ने कहा कि उनके और आजम खान के संबंध पुराने हैं और वे पहले भी उनके साथ थे, आज भी उनके साथ खड़े हैं और आगे भी साथ रहेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मुलाकात को तत्काल चुनावी चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि वे केवल एक शुभचिंतक के तौर पर परिवार का दुःख बांटने आए थे।
डॉ. ताजीन फातिमा ने स्पष्ट की स्थिति, कहा- राजनीति नहीं, सिर्फ पारिवारिक मुलाकात
दूसरी ओर, आजम खान की पत्नी और पूर्व विधायक डॉ. ताजीन फातिमा ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ हुई मुलाकात के बाद मीडिया के सामने आकर सभी राजनीतिक अटकलों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात के दौरान आगामी चुनावों के लिए किसी भी तरह के टिकट की मांग या राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है। ताजीन फातिमा ने कहा कि मीडिया में चल रही वे खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं जिनमें टिकट बंटवारे या सीटों के समझौते की बात कही जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके घर केवल आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम की खैरियत जानने आए थे। ताजीन फातिमा ने कहा कि अखबारों और चैनलों में बहुत सी ऐसी बातें छापी जाती हैं जिनका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस वक्त उनका पूरा परिवार और वे खुद किसी भी राजनीतिक पद या चुनाव के बारे में नहीं सोच रहे हैं, बल्कि उनका एकमात्र और सर्वोपरि उद्देश्य आजम खान को कानूनी लड़ाई के जरिए न्याय दिलाना और उन्हें जेल से बाहर लाना है।
अब्दुल्लाह आजम और जेल की स्थिति पर छलका दर्द
मुलाकात के दौरान डॉ. ताजीन फातिमा ने अपने बेटे अब्दुल्लाह आजम और पति आजम खान की वर्तमान स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जेल के अंदर हालात बहुत ज्यादा अच्छे नहीं हैं और अब्दुल्लाह की स्थिति भी वैसी ही है जैसी आमतौर पर लंबे समय तक सलाखों के पीछे रहने वाले कैदियों की होती है। परिवार इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है।
जब उनसे अदालती कार्रवाइयों और सुनवाई में हो रही देरी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में हो रही लंबी देरी पर उनका बस नहीं चलता और यह सब कुछ ऊपर वाले की मर्जी पर निर्भर है। उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः सच्चाई की जीत होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और मुस्लिम मतदाताओं के बीच समन्वय को लेकर नए समीकरण बनाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं, और स्वामी प्रसाद मौर्य का इस तरह रामपुर पहुंचना इसी रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है।





