मायानगरी की चकाचौंध से दूर पहाड़ों की शांत वादियों में बसा नया आशियाना
बॉलीवुड गलियारों में पावर कपल के रूप में पहचान बना चुके निर्देशक आदित्य धर और अभिनेत्री यामी गौतम ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मशहूर जोड़े ने मुंबई की तेज रफ्तार और शोरगराबे वाली जिंदगी को अलविदा कहकर हिमाचल प्रदेश की शांत और खूबसूरत वादियों में बसने का मन बना लिया है। हालांकि फिल्म निर्माण और अभिनय के अपने पेशेवर प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में दोनों का मुंबई आना-जाना लगातार जारी रहेगा, लेकिन उनका असली और स्थायी ठिकाना अब हिमाचल की पहाड़ियां बन चुकी हैं।
द फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कपल अब अपने उस पैतृक और खास घर में ज्यादा समय बिता रहा है, जो उनके दिल के बेहद करीब है। मायानगरी के खार इलाके में एक किराए के अपार्टमेंट में रहने वाले इस परिवार ने अब प्रकृति के बीच सुकून भरी जिंदगी चुनने का फैसला किया है। साल 2024 में अपने बेटे वेदाविद के माता-पिता बनने के बाद से ही वे अपनी पारिवारिक जिंदगी को पूरी तरह से लाइमलाइट और मीडिया की चकाचौंध से दूर रखना पसंद कर रहे हैं।
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मंडी के गोहर में स्थित है सौ साल पुराना ऐतिहासिक हेरिटेज घर
यह खूबसूरत आशियाना हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में स्थित है। खास बात यह है कि यह कोई आम आधुनिक विला नहीं है, बल्कि लगभग 25 एकड़ जमीन पर फैला हुआ एक सौ साल पुराना पारंपरिक हेरिटेज घर है। इस शानदार प्रॉपर्टी को यामी गौतम ने आदित्य धर के साथ शादी के बंधन में बंधने से काफी पहले ही खरीद लिया था। इस घर की वास्तुकला पहाड़ी संस्कृति की अनूठी छाप छोड़ती है, जो पूरी तरह से मजबूत लकड़ी और पत्थरों के मेल से तैयार की गई है।
पहाड़ों की गोद में बना यह मकान यामी गौतम के लिए सिर्फ एक संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी जड़ों और बचपन की यादों से जुड़ा एक जज़्बात है। चूंकि अभिनेत्री का जन्म और शुरुआती जुड़ाव हिमाचल प्रदेश से ही रहा है, इसलिए इस घर के प्रति उनका और उनके परिवार का लगाव बहुत गहरा है। यही वजह है कि जब उन्होंने अपने जीवन की नई शुरुआत करने का सोचा, तो उनके जेहन में सबसे पहला नाम इसी शांत और एकांत जगह का आया।
शादी के पवित्र बंधन में बंधने की गवाह रही है यही ऐतिहासिक प्रॉपर्टी
आदित्य धर और यामी गौतम की प्रेम कहानी और उनका विवाह दोनों ही इंडस्ट्री में सादगी की मिसाल माने जाते हैं। इस कपल ने साल 2021 की शुरुआत यानी 4 जून को किसी बड़े पांच सितारा होटल या भव्य समारोह के बजाय इसी हिमाचल वाली ऐतिहासिक प्रॉपर्टी पर बेहद सादगी के साथ सात फेरे लिए थे। उस दौरान उनके इस फैसले ने हर किसी का ध्यान खींचा था, क्योंकि उन्होंने अपनी शादी को पूरी तरह से निजी और पारिवारिक मामलों तक ही सीमित रखा था।
अब एक बार फिर उसी पवित्र और ऐतिहासिक स्थल पर वापस लौटना उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत को दर्शाता है। हाल ही में फिल्म 'आर्टिकल 370' के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने वाली यामी और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ने वाले आदित्य अपने काम और निजी जीवन के बीच बेहतरीन संतुलन बना रहे हैं।
ऑर्गेनिक खेती और प्रकृति के बीच जीवन बिताने का अनूठा अनुभव
मंडी के गोहर स्थित इस विशाल परिसर की सबसे बड़ी खासियत इसके चारों तरफ फैले हुए हरे-भरे ऑर्गेनिक बगीचे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस 25 एकड़ की जमीन पर परिवार खुद अपनी जरूरत की शुद्ध चीजें उगाता है। यहां हिमाचल के विश्वप्रसिद्ध स्वादिष्ट सेब, आलू, आलू बुखारा और ताजा अदरक की बंपर पैदावार होती है। आधुनिकता और प्रदूषण से कोसों दूर यह जीवनशैली आजकल के दौर में किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती है।
पहाड़ी आबोहवा, शुद्ध जैविक खान-पान और शहर की भागदौड़ से पूरी तरह मुक्ति ने इस कपल के जीवन को एक नया आयाम दिया है। अपनी इस जीवनशैली को लेकर उनके करीबियों का मानना है कि वे अपने बच्चे की परवरिश एक शांत और प्राकृतिक वातावरण में करना चाहते हैं, जहां उसे प्रकृति के करीब रहने का पूरा अवसर मिल सके।
"कलाकारों के जीवन में व्यस्तता और चकाचौंध का दौर हमेशा रहता है, लेकिन मानसिक शांति और असली सुकून हमेशा अपनी जड़ों से जुड़ने में ही मिलता है। प्रकृति के बीच बसा यह आशियाना न सिर्फ एक घर है, बल्कि जीवन को नए सिरे से देखने का एक नजरिया भी है।" — मनोरंजन विशेषज्ञ और समीक्षक
फिल्मों की सफलता के बाद शांत आशियाने में सुकून के पल
बतौर निर्देशक आदित्य धर की हालिया फिल्मों ने सिनेमाघरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है और दर्शकों के बीच काफी सराहना बटोरी है। व्यावसायिक सफलता की इस दौड़-भाग के बीच मानसिक शांति हासिल करने के लिए पहाड़ों की गोद में वक्त बिताना इस कपल के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है। मुंबई के खार इलाके स्थित चित्रकार धुरंधर मार्ग पर बने अपने पूर्व निवास से निकलकर अब वे हिमाचल की ठंडी हवाओं और वादियों में सुकून के पल तलाश रहे हैं।
हालांकि अभी तक यामी या आदित्य की ओर से इस स्थायी रूप से शिफ्ट होने की आधिकारिक पुष्टि सोशल मीडिया के जरिए नहीं की गई है, लेकिन मीडिया हलकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि उन्होंने मायानगरी की चकाचौंध को पीछे छोड़ते हुए अपनी जिंदगी की नई और शांत पारी की शुरुआत कर दी है। हिमाचल की वादियों में बसा यह परिवार अब अपनी कला और निजी जिंदगी को एक नए मुकाम पर ले जाने की तैयारी में है।







