गुवाहाटी के एक गुमनाम होमस्टे में कैसे छिपी है खौफनाक दास्तान
असम की शांत वादियों और शैक्षणिक नगरी के रूप में मशहूर गुवाहाटी से एक ऐसी दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शहर के बाहरी इलाके गराल में स्थित एक सामान्य से होमस्टे के कमरे में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 साल की एक युवा छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस महकमे में भी हड़कंप की स्थिति है। शुरुआती जांच में जहां इस मामले को एक साधारण दुर्घटना या खुदकुशी दिखाने की कोशिश की गई, वहीं मृतका के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने इस पूरी घटना को एक गहरे आपराधिक षड्यंत्र में बदल दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मृतका के साथ उस होमस्टे में मौजूद युवक मोहम्मद आसिफ को हिरासत में ले लिया। पुलिस इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर उस बंद कमरे के भीतर उस मनहूस रात में ऐसा क्या हुआ था, जिसके चलते एक होनहार छात्रा की जान चली गई। हर बीतते घंटे के साथ इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे सनसनी फैलती जा रही है।
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आरोपी मोहम्मद आसिफ की मां का दो टूक बयान: 'दोषी है तो कानून दे सजा'
इस पूरे मामले में एक नया और हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आसिफ की मां ने खुलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखी। एक मां के लिए यह स्वीकार करना बेहद कठिन होता है कि उसका बेटा किसी गंभीर जुर्म में शामिल हो सकता है, लेकिन आसिफ की मां ने न्याय के पक्ष में खड़े होने की बात कही। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि उनका बेटा इस जघन्य कृत्य में दोषी पाया जाता है, तो उसे कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आरोपी की मां ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा शुक्रवार को बीमार था और दोपहर तक घर पर ही सो रहा था। शाम के वक्त वह यह कहकर घर से बाहर निकला था कि वह जल्द ही वापस लौट आएगा, लेकिन वह रात को घर नहीं लौटा। अगली सुबह परिवार को पुलिस कार्रवाई और इस खौफनाक वारदात के बारे में जानकारी मिली। परिवार की यह प्रतिक्रिया इस बात को दर्शाती है कि वे भी इस अनपेक्षित घटना से गहरे सदमे में हैं।
खून के निशान न मिलने से उलझी पुलिस की गुत्थी, आत्महत्या के दावे पर संदेह
इस मर्डर मिस्ट्री की जांच कर रहे गुवाहाटी पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (DCP) बोलिन देओरी ने मीडिया को बताया कि पुलिस आरोपी के बبوतों और दावों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं कर रही है। आरोपी आसिफ ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए दावा किया था कि छात्रा ने खुदकुशी की है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में घटनास्थल पर हालात इस दावे की पुष्टि नहीं करते हैं।
पुलिस के अनुसार, मौके पर या कमरे के फर्श पर खून का कोई निशान नहीं मिला है, जो आमतौर पर इस तरह की गंभीर घटनाओं में देखा जाता है। इसके बावजूद, पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। फॉरेंसिक टीम और जांच अधिकारियों की टीमें हर छोटे-बड़े साक्ष्य को बारीकी से खंगाल रही हैं ताकि यह साफ हो सके कि यह आत्महत्या का मामला है या सुनियोजित हत्या।
मृतका के पिता का सनसनीखेज आरोप: 'मारपीट और प्रताड़ना के बाद ली जान'
दूसरी ओर, मृतका के पिता ने इस पूरी घटना को लेकर बेहद गंभीर और डरावने आरोप लगाए हैं। पिता का दावा है कि उनकी बेटी की हत्या करने से पहले उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और उसके साथ दरिंदगी की गई। उनके अनुसार, मृतका के शरीर पर मौजूद निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि उसे शारीरिक रूप से बहुत यातनाएं दी गई थीं।
जांच अधिकारियों के हाथ लगे विवरणों के मुताबिक, घटना की रात करीब दो बजे उस छात्रा ने घबराते हुए अपनी मां को फोन किया था। फोन पर रोते हुए उसने अपनी मां से गुहार लगाई थी कि उसे बचा लिया जाए क्योंकि कमरे में मौजूद लोग उसे मार डालेंगे। छात्रा ने यह भी बताया था कि उसकी छाती पर लात मारी गई है जिससे उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है। इसके तुरंत बाद उसका फोन कट गया या उससे छीन लिया गया।
अलग-अलग धर्म और पांच साल पुराना रिश्ता: क्या थी इस खूनी अंजाम की वजह
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आ रही जानकारियों के मुताबिक, आरोपी आसिफ और मृतका के बीच पिछले पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। हालांकि, दोनों के अलग-अलग धर्म होने के कारण परिवारों में इस रिश्ते को लेकर सहमति नहीं थी। आरोपी के परिवार के मुताबिक, वे गरीब तबके से ताल्लुक रखते हैं और आसिफ पेंटर के साथ-साथ रैपिडो चालक के रूप में काम करता था।
आसिफ की मां ने स्वीकार किया कि उन्हें इस रिश्ते की जानकारी थी और उन्होंने धार्मिक मतभेदों के चलते इसका विरोध भी किया था। उनका कहना था कि ईद के दौरान जब वह लड़की उनके घर आई थी, तो उन्होंने उसे बहुत प्यार से समझाया था कि दोनों के परिवार और भविष्य की राहें अलग हैं, इसलिए यह रिश्ता आगे नहीं चल सकता। लेकिन पांच साल पुराना यह प्रेम प्रसंग किस तरह इस खौफनाक अंजाम तक पहुंचा, इसकी जांच पुलिस गहराई से कर रही है।
निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई
गुवाहाटी के इस होमस्टे कांड ने एक बार फिर युवाओं के रिश्तों, सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के अंतिम नतीजे आने के बाद इस मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। जो भी इस जुर्म का असली गुनहगार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अदालत और कानून के शिकंजे में यह तय होगा कि इस दुखद मौत के पीछे का सच क्या था।
"हमारी जांच अभी शुरुआती दौर में है और हमें शक है कि यह हत्या का मामला है। हम सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — बोलिन देओरी, डीसीपी, गुवाहाटी पश्चिम







