सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कवायद तेज
देशभर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को लेकर लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने का संकल्प लिया है। प्रशासनिक स्तर पर इसे लेकर लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं, ताकि अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न बचे।
हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हर जिले में राशन वितरण तंत्र को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत आने वाले दिनों में नए राशन डिपो खोलने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में डिपो की संख्या कम है या जहां लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वहां नए डिपो आवंटित किए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को उनके घर के नजदीक ही राशन मिल सके।
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समय पर मिलेगा मार्जिन, डिपोधारकों को नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
राशन डिपो चलाने वाले दुकानदारों के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। अधिकारियों के अनुसार, अब डिपोधारकों को मिलने वाला कमीशन यानी मार्जिन प्रत्येक माह की 1 से लेकर 5 तारीख के बीच सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से डिपो संचालकों को अपने भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से डिपोधारकों की आर्थिक स्थिति अधिक स्थिर होगी और वे पूरी ईमानदारी व सुगमता के साथ अपना काम कर सकेंगे।
मंत्रालय के प्रतिनिधियों का कहना है कि हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शुमार है जो डिपोधारकों को सबसे अधिक मार्जिन राशि प्रदान करता है। सरकार का यह प्रयास है कि जमीनी स्तर पर राशन बांटने वाले इन संचालकों को किसी भी प्रकार की वित्तीय समस्या का सामना न करना पड़े, ताकि वे बिना किसी तनाव के अपने सेवा कार्य को अंजाम दे सकें।
लाखों जरूरतमंदों को मिल रहा मुफ्त राशन, परिवहन शुल्क पूरी तरह मुफ्त
देश भर में जहां करीब 80 करोड़ से अधिक लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं, वहीं अकेले हरियाणा राज्य में लगभग 40 लाख पात्र नागरिकों को यह सुविधा निशुल्क दी जा रही है। सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि डिपो तक अनाज पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया निशुल्क हो। डिपोधारकों से किसी भी प्रकार का परिवहन शुल्क, लोडिंग या अनलोडिंग चार्ज नहीं वसूला जाता है। यदि कोई ट्रांसपोर्टर या ठेकेदार इस एवज में अवैध वसूली की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
"सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से लागू करने में राशन डिपोधारकों की मुख्य भूमिका है। डिपोधारकों की जिम्मेदारी है कि वह हर कार्डधारक को उसकी पात्रता के अनुसार पूरा राशन दें।" — राजेश नागर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री
स्मार्ट तकनीक और डिजिटल वेइंग मशीनों से हो रहा है वितरण
वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब पुरानी मैन्युअल प्रणालियों को पूरी तरह अलविदा कहा जा रहा है। स्मार्ट पीडीएस के तहत डिपो संचालकों को आधुनिक 5जी-सक्षम ई-पॉस मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक कांटे उपलब्ध कराए गए हैं। इन डिजिटल कांटों को सीधे इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के साथ जोड़ा गया है, जिससे वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाती है। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के आने से खाद्यान्न के डायवर्जन या कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
इसके साथ ही सरकार ने डिपो संचालन के लिए स्पष्ट समय-सारणी भी निर्धारित की है। गर्मियों के मौसम में डिपो सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे। वहीं सर्दियों के मौसम में डिपो खुलने का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे और दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है। दुकानदारों को अपने परिसरों में अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड लगाने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खाद्यान्न की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े।
चीनी की आपूर्ति में बदलाव और भविष्य की रणनीति
वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने आगामी महीनों से चीनी के वितरण के स्वरूप में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब डिपोधारकों को खुले रूप में मिलने वाली चीनी के स्थान पर एक-एक किलोग्राम के प्री-पैक्ड पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल वजन की सटीक तौल सुनिश्चित होगी, बल्कि वितरण के दौरान होने वाली बर्बादी से भी बचा जा सकेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कोटे में किसी भी तरह की कोताही बरतने वाले अधिकारियों या ठेकेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह पूरा खाका सार्वजनिक वितरण प्रणाली को देश का सबसे आधुनिक और पारदर्शी तंत्र बनाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। आम जनता से लेकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले डिपो संचालकों तक, सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई ये नीतियां आने वाले समय में भ्रष्टाचार मुक्त वितरण प्रणाली की एक नई मिसाल पेश करेंगी।


