होम/देश/शेयर बाजार में अचानक कोहराम: किस बड़ी वजह से निवेशकों के डूब गए दो लाख करोड़ रुपये, जानें पूरा सच
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

शेयर बाजार में अचानक कोहराम: किस बड़ी वजह से निवेशकों के डूब गए दो लाख करोड़ रुपये, जानें पूरा सच

वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप दो लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया, जिससे आम निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
23 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
शेयर बाजार में अचानक कोहराम: किस बड़ी वजह से निवेशकों के डूब गए दो लाख करोड़ रुपये, जानें पूरा सच
📷 शेयर बाजार में अचानक कोहराम: किस बड़ी वजह से निवेशकों के डूब गए दो लाख करोड़ रुपये, जानें पूरा सच — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में बड़ी सेंध लगी है।
  • आईटी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई।
  • विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों का असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर साफ दिखाई दे रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई भारी गिरावट से निवेशक हैरान

सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई थी, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही थी कि भारतीय बाजार की शुरुआत भी मजबूत होगी। शुरुआती घंटों में बाजार का रुख सकारात्मक भी रहा और सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार का मिजाज पूरी तरह बदल गया और बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही नुकसान के साथ लाल निशान पर बंद हुए।

इस अप्रत्याशित उठापटक के कारण निवेशकों की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा पलक झपकते ही स्वाहा हो गया। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की चाल में यह अचानक बदलाव इस बात का संकेत है कि घरेलू स्तर पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। जब भी बाजार अपने ऊपरी स्तरों पर होता है, मुनाफावसूली का दौर शुरू होना आम बात है, लेकिन जिस पैमाने पर बिकवाली हुई उसने बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

पॉलिसीबाजार के शेयर में भारी भूचाल: एक नए सरकारी नियम से निवेशकों में मचा हड़कंप, जानिए क्या है माजरा

पॉलिसीबाजार के शेयर में भारी भूचाल: एक नए सरकारी नियम से निवेशकों में मचा हड़कंप, जानिए क्या है माजरा

बदल गया ईपीएफओ का पेंशन नियम: सैलरी 25 हजार होने पर अब रिटायरमेंट पर मिलेगा भारी फायदा, जानिए कैलकुलेशन

बदल गया ईपीएफओ का पेंशन नियम: सैलरी 25 हजार होने पर अब रिटायरमेंट पर मिलेगा भारी फायदा, जानिए कैलकुलेशन

डीजल पर नया संकट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, एक दिन में खरीदने की सीमा तय

डीजल पर नया संकट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, एक दिन में खरीदने की सीमा तय

निवेशकों के दो लाख करोड़ रुपये डूबे, चौतरफा दिखा बिकवाली का दबाव

कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई। एक ही दिन के भीतर निवेशकों के दो लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन डे-हाई से सेंसेक्स में सैकड़ों अंकों की भारी गिरावट आई, जिससे छोटे और मझोले निवेशकों को भी बड़ा झटका लगा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का यही आलम देखने को मिला। बाजार के ज्यादातर सेक्टर लाल निशान के साथ बंद हुए। हालांकि, इस बड़ी गिरावट के बीच भी कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए नाकाफी साबित हुआ। कोल इंडिया, इंडिगो और टाइटन जैसे कुछ शेयरों में जरूर बढ़त दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश बड़े शेयरों में आई कमजोरी ने सूचकांक को नीचे खींच लिया।

किन सेक्टरों और शेयरों ने बिगाड़ा बाजार का पूरा गणित

मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव फाइनेंशियल, कंज्यूमर गुड्स, कैपिटल गुड्स और आईटी सेक्टर के शेयरों पर रहा। बजाज फिनसर्व, टाटा कंज्यूमर, ट्रेंट और बजाज फाइनेंस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में एक से डेढ़ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इन प्रमुख सेक्टरों में चौतरफा बिकवाली होने की वजह से सूचकांक को उबरने का कोई मौका नहीं मिला।

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, जब एक साथ कई बड़े सेक्टरों में मुनाफावसूली शुरू होती है, तो इंडेक्स तेजी से नीचे आता है। ऐसा ही कुछ इस कारोबारी सत्र में भी देखने को मिला, जहां निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से अपने पैसे निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना बेहतर समझा।

कच्चे तेल की कीमतें घटने के बाद भी क्यों नहीं संभला बाजार

आमतौर पर कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दामों में नरमी आने को भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर निचले स्तरों के आसपास आ गई थीं, जिससे यह उम्मीद थी कि बाजार में तेजी बनी रहेगी। इसके बावजूद घरेलू बाजार का इस तरह मचल जाना कई सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक कारक बाजार की दिशा तय नहीं करता है। क्रूड ऑयल सस्ता होने के फायदों पर अन्य वैश्विक और घरेलू चिंताएं हावी हो गई थीं। आयात लागत, घरेलू मुद्रास्फीति और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर अनिश्चितता का माहौल अभी भी बना हुआ है, जिसका असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ रहा है।

विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताएं बनी मुख्य वजह

भारतीय शेयर बाजार में इस समय उतार-चढ़ाव का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और पूंजी की निकासी है। इसके अलावा दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितताओं ने निवेशकों के मन में संशय पैदा कर दिया है।

"शेयर बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव वैश्विक और स्थानीय कारकों का मिलाजुला परिणाम होते हैं। निवेशकों को घबराने के बजाय अपनी वित्तीय रणनीति मजबूत रखनी चाहिए और बाजार के बुनियादी फंडामेंटल्स को देखकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।" — वरिष्ठ वित्तीय विश्लेषक

आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को किसी भी अफवाह या पैनिक में आकर अपने शेयर औने-पौने दामों पर बेचने से बचना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइड रखना चाहिए।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियतNATIONAL

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

25 सित॰
शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदाNATIONAL

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

25 सित॰
बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानीNATIONAL

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

25 सित॰
ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्यNATIONAL

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

25 सित॰
बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारीNATIONAL

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

25 सित॰
पॉलिसीबाजार के शेयर में भारी भूचाल: एक नए सरकारी नियम से निवेशकों में मचा हड़कंप, जानिए क्या है माजराNATIONAL

पॉलिसीबाजार के शेयर में भारी भूचाल: एक नए सरकारी नियम से निवेशकों में मचा हड़कंप, जानिए क्या है माजरा

24 सित॰
बदल गया ईपीएफओ का पेंशन नियम: सैलरी 25 हजार होने पर अब रिटायरमेंट पर मिलेगा भारी फायदा, जानिए कैलकुलेशनNATIONAL

बदल गया ईपीएफओ का पेंशन नियम: सैलरी 25 हजार होने पर अब रिटायरमेंट पर मिलेगा भारी फायदा, जानिए कैलकुलेशन

24 सित॰
डीजल पर नया संकट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, एक दिन में खरीदने की सीमा तयNATIONAL

डीजल पर नया संकट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, एक दिन में खरीदने की सीमा तय

24 सित॰