लग्जरी शोरूम को बनाया गया निशाना
राजधानी के पॉश टोंक रोड इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित स्विस वॉच ब्रांड राडो के शोरूम में हुई इस सनसनीखेज चोरी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। चोरों ने इतनी सफाई और चालाकी से इस वारदात को अंजाम दिया कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। सुबह के वक्त जब बाजार पूरी तरह बंद था, तब इस हाईप्रोफाइल चोरी की योजना को अमलीजामा पहनाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तड़के करीब साढ़े चार बजे की है। बदमाशों ने पहले से ही रेकी कर रखी थी और उन्हें पता था कि किस हिस्से में सबसे महंगी घड़ियां रखी जाती हैं। शोरूम के भीतर दाखिल होने के बाद बदमाशों ने बिना समय गंवाए सीधे डिस्प्ले और स्टोर रूम का रुख किया, जहां बेशकीमती घड़ियां सजाई जाती थीं।
इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि बदमाशों के आने और जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके। इलाके में इस बड़ी चोरी के बाद से दुकानदारों और व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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फिल्मी अंदाज में तानी चादर और तोड़ा शटर
चोरों ने इस वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज से सामने आया है कि बदमाशों ने सड़क किनारे एक बड़ी चादर या पर्दा तान दिया था, ताकि मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों या लोगों को उनकी गतिविधि दिखाई न दे।
इस पर्दे की आड़ में खड़े होकर बदमाशों ने लोहे की भारी-भरकम रॉड से शोरूम के मुख्य शटर को तोड़ना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जब वे शटर तोड़ रहे थे, तब सड़क पर कुछ इक्का-दुक्का वाहन गुजर रहे थे, लेकिन चोर पूरी तरह बेखौफ नजर आए। गिरोह के सदस्यों ने आपस में काम बांट रखा था, जिसमें कुछ लोग शटर तोड़ रहे थे और बाकी सड़क की तरफ निगरानी कर रहे थे।
"बदमाशों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने शटर तोड़ने के लिए लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया और महज कुछ ही मिनटों में अंदर घुसकर बैग में घड़ियां भर लीं। हमारी टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी, बजाज नगर थाना
महज 36 मिनट में समेट लीं 251 घड़ियां
सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग के मुताबिक, बदमाश सुबह करीब 4 बजकर 36 मिनट पर शोरूम के अंदर दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने बड़ी ही तेजी के साथ अलमारियों और डिस्प्ले केस को खंगालना शुरू कर दिया। उनके पास पहले से ही बड़े बैग मौजूद थे, जिनमें वे एक-एक करके कीमती घड़ियां डालते जा रहे थे।
करीब 5 बजकर 12 मिनट पर यानी महज 36 मिनट के भीतर बदमाश पांच बड़े बैगों में कुल 251 घड़ियां भरकर शोरूम से बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की इन घड़ियों की बाजार में भारी मांग और कीमत है, जिसके चलते चोरी हुए सामान का कुल मूल्यांकन 4 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है।
इतनी बड़ी संख्या में घड़ियों को समेटने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे किस वाहन से आए थे और चोरी के बाद किस दिशा की ओर भागे। शहर के अन्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
DVR समझकर म्यूजिक सिस्टम ले गए चोर
इस चोरी के दौरान एक बेहद दिलचस्प वाकया भी सामने आया, जो चोरों की हड़बड़ाहट और तकनीकी नासमझी को बयां करता है। बदमाशों को अच्छी तरह पता था कि शोरूम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनकी फुटेज रिकॉर्ड हो रही है। इसलिए वे सबूत मिटाने के लिए रिकॉर्डिंग मशीन यानी डीवीआर (DVR) की तलाश कर रहे थे।
तलाश के दौरान उन्हें शोरूम में रखा एक म्यूजिक सिस्टम दिखाई दिया, जिसे वे गलती से सीसीटीवी का डीवीआर समझ बैठे। चोरों ने उसे उठाया और अपने साथ ले जाने लगे। हालांकि, जब वे शोरूम के दरवाजे तक पहुंचे और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तो वे उस म्यूजिक सिस्टम को वहीं फर्श पर छोड़कर खाली हाथ आगे बढ़ गए।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस शातिर गिरोह का संबंध किसी अंतराज्यीय चोर गैंग से तो नहीं है। पूर्व में इस तरह के मामलों में कुछ विशेष गिरोहों का हाथ रहा है, जो लग्जरी दुकानों को ही अपना निशाना बनाते हैं। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।








