झारसुगुड़ा में आधुनिकीकरण का काम और रेल सेवाओं पर असर
देश के विभिन्न हिस्सों में रेलवे अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पटरियों की क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार विकास कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड की रिमाडलिंग का कार्य शुरू किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है। निर्माण कार्यों के सुचारू संचालन के लिए इस रूट से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिए कुछ दिनों के लिए थम जाएंगे।
यार्ड आधुनिकीकरण का यह चरण यात्रियों की लंबी अवधि की सुरक्षा और ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम है। हालांकि, इसके तात्कालिक प्रभाव के रूप में रेल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने साफ किया है कि सुरक्षा और तकनीकी मानकों से कोई समझौता किए बिना कार्यों को समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि भविष्य में ट्रेनों का परिचालन और अधिक समयबद्ध और सुरक्षित हो सके।
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कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द?
झारसुगुड़ा यार्ड रिमॉडलिंग और प्री-नॉन इंटरलॉकिंग के चलते धनबाद और आसपास के रेल खंड से गुजरने वाली लगभग आठ प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पहले ही रद्द होने वाली गाड़ियों की सूची जारी कर दी है ताकि वे अपनी यात्रा की योजना में बदलाव कर सकें। दक्षिण भारतीय राज्यों और पूर्वी राज्यों को जोड़ने वाली ये गाड़ियां अलग-अलग तारीखों पर नहीं चलेंगी।
रेलवे द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद से रक्सौल जाने वाली गाड़ी संख्या 17005 आगामी 10 दिसंबर को रद्द रहेगी। वहीं वापसी में रक्सौल से हैदराबाद आने वाली गाड़ी संख्या 17006 का परिचालन 13 दिसंबर को बंद रहेगा। इसके अलावा तिरुपति और रक्सौल के बीच चलने वाली ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी। गाड़ी संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस सात और 14 दिसंबर को तथा गाड़ी संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस 10 और 17 दिसंबर को अपने गंतव्य के लिए रवाना नहीं होगी।
गोवा और गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी झटका
दक्षिण और पश्चिमी भारत को जोड़ने वाली लंबी दूरी की अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी इस रिमॉडलिंग का असर साफ दिखाई देगा। गोवा के वास्को द गामा से जसीडीह आने वाली गाड़ी संख्या 17321 को 11 दिसंबर के दिन रद्द किया गया है। इसी प्रकार, वापसी की यात्रा में जसीडीह से वास्को द गामा जाने वाली गाड़ी संख्या 17322 का परिचालन 14 दिसंबर को स्थगित रहेगा।
पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से गुजरात के सूरत जाने वाली गाड़ी संख्या 13425 पांच और 12 दिसंबर को नहीं चलेगी। वहीं, सूरत से मालदा टाउन लौटने वाली गाड़ी संख्या 13426 सात और 14 दिसंबर को पूरी तरह से रद्द रहेगी। इन रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें, अन्यथा उन्हें स्टेशन पर पहुंचकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मौर्य एक्सप्रेस के रूट में बड़ा बदलाव
महत्वपूर्ण ट्रेनों में शुमार संबलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस के परिचालन मार्ग में भी रेलवे ने बड़ा बदलाव किया है। यार्ड कार्य के दौरान यह ट्रेन अपने निर्धारित शुरुआती और अंतिम स्टेशन संबलपुर के बजाय बीच रास्ते से ही संचालित की जाएगी। यात्रियों को इस तकनीकी फेरबदल के बारे में पहले से ही अवगत करा दिया गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।
गोरखपुर और संबलपुर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 15027 संबलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस एक और सात दिसंबर तथा नौ से 16 दिसंबर तक संबलपुर के स्थान पर हटिया से अपनी यात्रा शुरू करेगी। इसी तरह, वापसी दिशा में आने वाली गाड़ी संख्या 15028 गोरखपुर-संबलपुर मौर्य एक्सप्रेस 30 नवंबर, छह दिसंबर और आठ से 15 दिसंबर तक गोरखपुर से चलकर केवल हटिया तक ही आएगी और वहीं से वापस लौट जाएगी।
"यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे नेटवर्क के दीर्घावधि विकास के लिए यार्ड रिमॉडलिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग के कार्य बेहद जरूरी हैं। अस्थायी असुविधा के लिए हमें खेद है, और यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबर या आधिकारिक ऐप के जरिए ट्रेनों की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें।" — वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे
यात्रियों के लिए सलाह और वैकल्पिक व्यवस्था
इस मेगा ब्लॉक और तकनीकी कार्यों के कारण रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या रेलवे के आधिकारिक पूछताछ केंद्रों से संपर्क करके ही स्टेशन पहुंचें। अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए टिकट बुकिंग रद्द कराने या वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने का यह सही समय है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा है कि यह असुविधा कुछ दिनों की है, लेकिन इसके परिणाम से आने वाले समय में ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो जाएगा।






