देश के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी में मुकेश अंबानी
भारतीय टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। बाजार में लंबे समय से इस मेगा इश्यू का इंतजार किया जा रहा था और अब निवेशकों के लिए कमाई का बड़ा मौका सामने आने वाला है। वित्तीय बाजार के जानकारों और बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज की यह डिजिटल शाखा शेयर बाजार में इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सार्वजनिक निर्गम देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा शेयर बाजार ऑफर साबित हो सकता है। कंपनी इस पेशकश के जरिए लगभग 3.8 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी कर रही है जिसके लिए बाजार नियामक सेबी के पास अंतिम दस्तावेज इसी महीने जमा किए जाने की संभावना है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही शेयर बाजार के निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें पूरी तरह से इस पर टिक गई हैं।
रिलायंस समूह के भीतर साल 2008 के बाद यह पहला ऐसा सार्वजनिक प्रस्ताव है और किसी भी कंज्यूमर बेस्ड बिजनेस का यह पहला आईपीओ होने जा रहा है। यही वजह है कि निवेशकों के बीच इस इश्यू को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय रोडशो और विदेशी निवेशकों की भारी दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स ने देश के बाहर कई प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्रों में रोडशो का सफल आयोजन किया है। अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर जैसे दुनिया के बड़े बाजारों में आयोजित इन रोडशो में अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों और विदेशी फंड हाउसों की तरफ से बहुत ही सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।
इन महत्वपूर्ण विदेशी दौरों और बैठकों की अगुवायी खुद जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के अध्यक्ष आकाश अंबानी के साथ-साथ रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने की। इन युवा दिग्गजों ने वैश्विक निवेशकों के सामने कंपनी के भविष्य के विजन, डिजिटल इकोसिस्टम की मजबूती और विकास की संभावनाओं को बहुत ही प्रभावी ढंग से रखा।
"जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। वैश्विक स्तर पर निवेशकों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स से साफ है कि बाजार इस ऑफर का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।" — वित्तीय बाजार विश्लेषक
क्या होगी कंपनी की वैल्यूएशन और शेयरों की कीमत?
बैंकिंग और मार्केट सूत्रों से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेशी रोडशो के दौरान निवेशकों से मिले शानदार रुझान को देखते हुए जियो प्लेटफॉर्म्स का शुरुआती बिजनेस वैल्यूएशन 143 से 146 अरब डॉलर यानी कम से कम 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़ा भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में किसी भी कंपनी के लिए सबसे बड़े मूल्यांकन में से एक है।
कंपनी की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार इस आईपीओ के तहत लगभग 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने की योजना है। इस भारी-भरकम साइज के जरिए कंपनी अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने तथा अपने भावी विस्तार योजनाओं को गति देने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस डिजिटल होल्डिंग कंपनी में वर्तमान में रिलायंस की हिस्सेदारी करीब 66.4 प्रतिशत है जबकि वैश्विक दिग्गज टेक कंपनियां जैसे मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 17.7 प्रतिशत है।
अक्टूबर महीने में ही खुल सकता है शेयरों का पिटारा
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार यह आईपीओ कब खुलेगा और कब उनके डीमैट खाते में शेयर आएंगे। बाजार के अंदरूनी सूत्रों से मिल रही टाइमलाइन के मुताबिक कंपनी 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास अपने फाइनल डॉक्यूमेंट्स फाइल कर सकती है।
इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दशहरा से पहले एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। वहीं मुख्य इश्यू दशहरा के ठीक बाद यानी 21 से 23 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुल सकता है। सब कुछ तय योजना के मुताबिक चला तो अक्टूबर के आखिरी सप्ताह यानी 28 अक्टूबर तक इसके शेयर भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकते हैं।
आम निवेशकों और शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस कदम से भारतीय शेयर बाजार में एक नई रौनक आने की पूरी उम्मीद है। जिस तरह से पिछले कुछ सालों में जियो ने देश के कोने-कोने में डेटा क्रांति और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है उसने हर आम नागरिक के जीवन को प्रभावित किया है। अब निवेशकों के पास उस डिजिटल साम्राज्य का हिस्सा बनने का सीधा मौका आ रहा है जिसने देश में इंटरनेट की परिभाषा ही बदल दी है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस आईपीओ के आने से खुदरा निवेशकों को भी बड़े पैमाने पर वेल्थ क्रिएशन का अवसर मिलेगा। हालांकि निवेशकों को किसी भी प्रकार की जल्दबाजी करने से पहले कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों और इश्यू प्राइस का बारीकी से अध्ययन कर लेना चाहिए ताकि वे एक समझदारी भरा निवेश निर्णय ले सकें।





