राजधानी लखनऊ में दिल दहला देने वाली वारदात
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया है। नाका हिंडोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजेंद्र नगर इलाके में एक किशोर ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना राजेंद्र नगर चौराहे के पास स्थित विजन अपार्टमेंट के एक फ्लैट में हुई। मृतका की पहचान 42 वर्षीय गीता भागचंदानी के रूप में की गई है, जो अपने परिवार के साथ वहां रहती थीं। उनके पति का चारबाग इलाके में कपड़ों का कारोबार है। घटना के वक्त मृतका के पति अपनी दुकान पर गए हुए थे, और घर पर केवल मां और उनका 17 वर्षीय बेटा ही मौजूद था।
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खुद पुलिस को फोन कर दी हत्या की जानकारी
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किशोर ने खुद घबराए बिना पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। उसने पुलिस अधिकारियों से बेहद शांत और ठंडे लहजे में कहा कि उसने अपनी मां की हत्या कर दी है और पुलिस आकर उसे गिरफ्तार कर सकती है। इस फोन कॉल के मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्थानीय थाने की फोर्स के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रवाना हो गए।
जब पुलिस टीम विजन अपार्टमेंट के उस फ्लैट में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर उनके भी होश उड़ गए। मृतका का खून से लथपथ शव फर्श पर पड़ा था और आरोपी बेटा वहीं पास में ही मौजूद था। पुलिस ने बिना किसी देरी के नाबालिग किशोर को अपनी हिरासत में ले लिया और घटनास्थल से खून से सना हुआ रिंच भी बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल इस हत्या को अंजाम देने के लिए किया गया था।
पिता ने बताई बेटे की मानसिक बीमारी की दास्तान
घटना के बाद मीडिया और पुलिस के सामने आए मृतका के पति राकेश भागचंदानी ने अपने बेटे की मानसिक स्थिति के बारे में कई बड़े खुलासे किए। पिता का कहना है कि उनका बेटा पिछले पांच-छह वर्षों से गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने लखनऊ के बड़े मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में उसका इलाज भी कराया, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती चली गई।
पिता ने यह भी बताया कि बेटे की बिगड़ती मानसिक हालत और आए दिन होने वाले पारिवारिक कलह के कारण उसे पिछले चार महीनों से घर से अलग एक किराए के कमरे में रखा गया था। हालांकि, वे उसकी पढ़ाई, कमरे का किराया और खाने-पीने का सारा खर्च खुद उठा रहे थे। घटना वाले दिन आरोपी बेटा अपनी मां से मिलने की बात कहकर घर आया था, लेकिन किसी बात को लेकर उपजे विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
"हमारा बेटा पिछले कई सालों से गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित था। हमने उसका हरसंभव इलाज कराया, लेकिन बीमारी कम होने का नाम नहीं ले रही थी। हमें कभी अंदाजा नहीं था कि वह अपनी ही मां के साथ ऐसा खौफनाक सलूक कर बैठेगा।"— राकेश भागचंदानी, मृतका के पति
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच जारी
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने फ्लैट के कोने-कोने की जांच की और हत्या में इस्तेमाल किए गए लोहे के रिंच को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का और अधिक खुलासा हो सकेगा।
प्रारंभिक पूछताछ और तफ्तीश में यह बात भी सामने आ रही है कि आरोपी किशोर अपनी पहचान और जेंडर से जुड़े मामलों को लेकर मानसिक द्वंद्व में था, जिसको लेकर परिवार में पहले भी असहजता और विवाद की स्थिति बनती रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से जांच कर रही है और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।







