भारतीय ऑटो बाजार में मारुति सुजुकी का दबदबा कायम
भारतीय पैसेंजर वाहन बाजार में एक बार फिर मारुति सुजुकी के मॉडलों को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही शोरूमों में ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि कंपनी के पास ग्राहकों की भारी डिमांड के चलते दो लाख से अधिक कारों की डिलीवरी का बैकलाग जमा हो गया है। इस भारी मांग के पीछे ग्राहकों का नए और अपडेटेड मॉडलों के प्रति गहरा रुझान है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि त्योहारी दौर में यह मांग और भी ज्यादा ऊंचे स्तर को छू सकती है। कंपनी का डीलर नेटवर्क इस समय भारी दबाव में है क्योंकि खरीदारों की कतार लंबी होती जा रही है और स्टॉक सीमित बचा हुआ है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर को पाटने के लिए मारुति प्रबंधन ने अपनी निर्माण इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करना शुरू कर दिया है ताकि ग्राहकों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
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मारुति ब्रेजा ने तोड़े बिक्री के सभी पुराने रिकॉर्ड
इस पूरे बिक्री अभियान में मारुति की नई एसयूवी ब्रेजा सबसे बड़ा सितारा बनकर उभरी है। बाजार से मिल रही रिपोर्टों के अनुसार इस दमदार गाड़ी की बुकिंग 95,000 के आंकड़े को पार कर चुकी है और बहुत जल्द यह एक लाख के ऐतिहासिक मील के पत्थर को छूने वाली है। पिछले महीने ही इस वाहन की 15,000 से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं, जो इसकी लोकप्रियता का जीता-जागता प्रमाण है।
इस गाड़ी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके अलग-अलग वेरिएंट्स को खरीदारों से समान रूप से प्यार मिल रहा है। ब्रेजा की कुल बुकिंग में करीब 38 फीसदी हिस्सा इसके शक्तिशाली टर्बो वर्जन का है, जबकि 40 फीसदी ग्राहक अंडरबॉडी सीएनजी विकल्प को चुन रहे हैं। इसके अलावा, पारंपरिक 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन वाले वेरिएंट की मांग भी 22 फीसदी बनी हुई है, जो विभिन्न वर्ग के ड्राइवरों की पसंद को साफ जाहिर करती है।
हरियाणा के खरखौदा प्लांट में बढ़ाई गई उत्पादन क्षमता
ग्राहकों के बढ़ते दबाव और लंबी प्रतीक्षा सूची को देखते हुए मारुति सुजुकी ने अपने विनिर्माण केंद्रों पर रफ्तार तेज कर दी है। हरियाणा के खरखौदा में स्थित अत्याधुनिक प्लांट में अब एसयूवी के उत्पादन को युद्धस्तर पर बढ़ाया जा रहा है। कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करते हुए मासिक एसयूवी आपूर्ति को 50,000 यूनिट से बढ़ाकर सीधे 56,000 यूनिट तक पहुंचा दिया है।
उत्पादन बढ़ाने के इस रणनीतिक कदम से डीलरों के पास स्टॉक की किल्लत को दूर करने में मदद मिल रही है। हालांकि, अक्टूबर की शुरुआत में डीलर नेटवर्क के पास केवल 17 दिन का ही स्टॉक बचा हुआ था, जो इस बात का संकेत है कि गाड़ियां शोरूम में पहुंचते ही हाथों-हाथ बिक रही हैं। प्रबंधन का पूरा जोर इस बात पर है कि त्योहारी खरीदारी के दौरान किसी भी ग्राहक को गाड़ी की डिलीवरी के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
छोटी कारों और हैचबैक सेगमेंट में भी मजबूत डिमांड
ऐसा नहीं है कि बाजार में केवल एसयूवी सेगमेंट का ही बोलबाला है। मारुति की अन्य लोकप्रिय गाड़ियां भी बिक्री के मामले में पीछे नहीं हैं। हाल ही में अपडेट की गई मारुति बलेनो ने अपनी बिक्री के पहले ही महीने में करीब 25,000 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज कर सबको चौंका दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय मध्यम वर्ग के बीच पारंपरिक हैचबैक और सेडान कारों का क्रेज अभी भी पूरी तरह बरकरार है।
कंपनी के बिक्री आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एंट्री-लेवल हैचबैक की बिक्री में 86 फीसदी, मिड-हैचबैक में 40 फीसदी और एसयूवी श्रेणी में 56 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह विविधता इस बात को साबित करती है कि मारुति के पास हर बजट और हर जरूरत के परिवार के लिए एक सटीक विकल्प मौजूद है।
सितंबर महीने में जबरदस्त बिक्री और निर्यात के आंकड़े
बढ़ती मांग का सीधा असर मारुति सुजुकी के मासिक वित्तीय और बिक्री परिणामों पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया है। कंपनी ने सितंबर 2026 के दौरान कुल मिलाकर 2,36,013 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसमें घरेलू बाजार, अन्य निर्माताओं को की गई आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुआ निर्यात शामिल है। केवल घरेलू पैसेंजर वाहनों की बात करें तो यह आंकड़ा 1,81,838 यूनिट्स तक पहुंच गया।
घरेलू मोर्चे के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी मारुति के वाहनों का डंका बज रहा है। सितंबर के महीने में कंपनी ने 44,219 कारों का सफल निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। अप्रैल से सितंबर के बीच कंपनी का कुल निर्यात 2.32 लाख यूनिट के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है, जो भारतीय ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
"हमारे पास इस समय दो लाख से ज्यादा कारों की पेंडिंग बुकिंग मौजूद है और त्योहारी सीजन को लेकर मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। हम अपने ग्राहकों को समय पर गाड़ियां उपलब्ध कराने के लिए लगातार उत्पादन और सप्लाई बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।" — पार्थो बनर्जी, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स), मारुति सुजुकी
त्योहारी सीजन में और तेजी आने की पूरी उम्मीद
मानसून के सत्र में बदलाव और मौसम के मिजाज के बावजूद ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आगामी त्योहारी सीजन कार बाजार के लिए बेहद शानदार साबित होने वाला है। लोग धनतेरस और दीपावली जैसे पावन अवसरों पर नई गाड़ी खरीदने को प्राथमिकता देते हैं, और मारुति की गाड़ियों की लंबी वेटिंग लिस्ट इस बात की गवाही दे रही है कि इस बार भी शोरूमों में खूब रौनक रहने वाली है।
कंपनी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती इस रिकॉर्ड तोड़ मांग को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की है। यदि मारुति अपने नए प्लांट्स के जरिए आपूर्ति को इसी तरह गति देती रही, तो न केवल पेंडिंग बुकिंग का बोझ कम होगा, बल्कि बिक्री के नए रिकॉर्ड भी स्थापित होंगे। भारतीय ऑटो बाजार की यह तेजी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश की आर्थिकी और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में लगातार सकारात्मक सुधार हो रहा है।








