मारुति सुजुकी ने बदला भारतीय कार बाजार का समीकरण, पेश की CNG ऑटोमैटिक तकनीक
भारतीय वाहन बाजार में ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और शहरी ट्रैफिक की समस्याओं के बीच मारुति सुजुकी ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जिसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी। अब तक कार खरीदारों के सामने यह दुविधा हमेशा बनी रहती थी कि वे कम खर्च के लिए सीएनजी मॉडल चुनें या फिर भारी ट्रैफिक से बचने के लिए ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को प्राथमिकता दें। इस दोतरफा असमंजस को दूर करते हुए देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने अपनी तीन सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय गाड़ियों—मारुति स्विफ्ट (Maruti Swift), मारुति डिजायर (Maruti Dzire) और मारुति बलेनो (Maruti Baleno)—को सीएनजी किट के साथ ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन यानी एएमटी (AMT) गियरबॉक्स में बाजार में उतार दिया है।
इस नई तकनीकी शुरुआत के बाद वाहन चालकों को न केवल ईंधन पर होने वाले भारी खर्च से राहत मिलेगी, बल्कि बार-बार क्लच दबाने और गियर बदलने की पारंपरिक थकान भरी प्रक्रिया से भी पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। टाटा मोटर्स के बाद मारुति सुजुकी देश की दूसरी ऐसी ऑटोमोबाइल कंपनी बन गई है जो फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी तकनीक के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध करा रही है। कंपनी की इस रणनीतिक पहल से उन मध्यम वर्ग के ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं और अपनी जेब पर भारी पड़ने वाले पेट्रोल के खर्च से बचना चाहते हैं।
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जानिए नई मारुति Swift, Dzire और Baleno CNG AMT की कीमतें
किसी भी वाहन को खरीदते समय उसकी कीमत सबसे बड़ा और निर्णायक कारक होती है। मारुति सुजुकी ने अपनी इन तीनों आधुनिक सीएनजी ऑटोमैटिक गाड़ियों को बेहद प्रतिस्पर्धी और व्यावहारिक कीमत पर बाजार में उतारा है। अगर बात करें स्पोर्टी लुक के लिए पहचानी जाने वाली मारुति स्विफ्ट सीएनजी एएमटी की, तो इसके शुरुआती वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 7.92 लाख रुपये रखी गई है। वहीं, हाल ही में अपनी शानदार सुरक्षा रेटिंग और सेडान सेगमेंट में दबदबे के लिए मशहूर मारुति डिजायर सीएनजी एएमटी की शुरुआती कीमत 8.53 लाख रुपये तय की गई है।
इसके अलावा, प्रीमियम नेक्सा डीलरशिप के जरिए बेची जाने वाली मारुति बलेनो सीएनजी एएमटी को खरीदने के लिए ग्राहकों को 8.32 लाख रुपये खर्च करने होंगे। इन गाड़ियों के विभिन्न वेरिएंट्स की बात करें तो स्विफ्ट को वीएक्सआई, वीएक्सआई (ओ) और जेडएक्सआई ट्रिम्स में उपलब्ध कराया गया है, जबकि डिजायर को वीएक्सआई और जेडएक्सआई वेरिएंट्स में खरीदा जा सकता है। वहीं, बलेनो सीएनजी एएमटी को कंपनी ने डेल्टा और जेटा जैसे लोकप्रिय वेरिएंट्स में उतारा है, जिससे खरीदार अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही चुनाव कर सकें।
दमदार इंजन और शानदार माइलेज का बेजोड़ संगम
तकनीकी विशिष्टताओं की दृष्टि से इन तीनों कारों में बेहद दमदार और आधुनिक 1.2-लीटर का तीन-सिलेंडर Z12E पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया गया है। जब ये गाड़ियां सीएनजी मोड पर चलती हैं, तो यह इंजन लगभग 70 हॉर्सपावर (bhp) की शक्ति और 102 न्यूटन मीटर (Nm) का टॉर्क उत्पन्न करता है। इस पावरट्रेन को 5-स्पीड एएमटी गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है, जो सुचारू रूप से आगे के पहियों को शक्ति संचारित करता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स होने के बावजूद इन गाड़ियों की ईंधन दक्षता (Mileage) ने ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स को भी हैरान कर दिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मारुति स्विफ्ट सीएनजी एएमटी 35.34 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का माइलेज देने में सक्षम है। वहीं, मारुति डिजायर सीएनजी एएमटी इस मामले में सबसे आगे निकलते हुए 36.47 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का शानदार माइलेज देती है। इसके अलावा, मारुति बलेनो सीएनजी एएमटी भी 34.47 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का सफर तय करने का दावा करती है। इस तरह का माइलेज न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लंबी यात्राओं के दौरान जेब पर भी बहुत हल्का साबित होता है।
"भारतीय बाजार में ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए हमने अपने लोकप्रिय मॉडल्स में सीएनजी के साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की सुविधा जोड़ी है। इससे न केवल ड्राइविंग का अनुभव सुगम होगा, बल्कि कम रनिंग कॉस्ट का लाभ भी सीधे तौर पर आम आदमी तक पहुंचेगा।"— मारुति सुजुकी प्रवक्ता
महज 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर आएगी रनिंग कॉस्ट
आम नागरिक के लिए किसी भी गाड़ी को चलाने का असली पैमाना उसकी प्रति किलोमीटर की लागत यानी रनिंग कॉस्ट होती है। वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमत लगभग 87 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रही है। इस दर और मारुति डिजायर सीएनजी एएमटी द्वारा दिए जाने वाले 36.47 किलोमीटर प्रति किलोग्राम के माइलेज के गणित को यदि कैलकुलेट किया जाए, तो इस गाड़ी को चलाने की लागत मात्र 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर के करीब बैठती है।
यह लागत आज के समय में दोपहिया वाहनों यानी मोटरसाइकिलों के खर्च के लगभग बराबर या उससे भी कम है, जबकि इसमें चार पहिए की सुरक्षा, एयर कंडीशनिंग का आराम और पूरे परिवार के साथ सफर करने की सुविधा मिलती है। बढ़ते पेट्रोल के दामों के इस दौर में यह आंकड़ा कार मालिकों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। जो लोग हर महीने हजारों रुपये ईंधन पर खर्च करते हैं, उनके मासिक बजट में इस तकनीक से भारी बचत होनी तय है।
बूट स्पेस और सीएनजी टैंक की व्यावहारिक व्यवस्था
सीएनजी कारों के साथ अक्सर एक बड़ी समस्या यह देखी जाती थी कि सीएनजी का भारी सिलेंडर लग जाने के बाद गाड़ी का बूट स्पेस (डिफ़रेंशियल लगेज एरिया) पूरी तरह खत्म हो जाता था और सामान रखने के लिए जगह नहीं बचती थी। लेकिन मारुति सुजुकी ने अपनी इन नई सीएनजी ऑटोमैटिक कारों में इस समस्या का भी बहुत ही शानदार और वैज्ञानिक समाधान निकाला है। कंपनी ने स्विफ्ट और डिजायर दोनों में सिंगल-सिलेंडर सीएनजी सेटअप को बरकरार रखा है, जिसमें बूट के भीतर ही 55-लीटर वॉटर-इक्विवेलेंट का सीएनजी टैंक करीने से फिट किया गया है।
इसी तरह प्रीमियम हैचबैक बलेनो में भी सीएनजी टैंक और स्पेयर टायर को लगेज कंपार्टमेंट के भीतर बेहद सुनियोजित तरीके से समायोजित किया गया है, जिसके बाद भी इसमें पर्याप्त बूट स्पेस मिलता है। बलेनो सीएनजी में लगभग 318 लीटर का उपयोगी बूट स्पेस मिलता है, जिससे लंबी छुट्टियों पर जाने के दौरान परिवार का सामान रखने में कोई असुविधा नहीं होती। इन सभी खूबियों के चलते मारुति की ये नई सीएनजी ऑटोमैटिक कारें भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक नया मुकाम तय करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।







