सिनेमाई गलियारों में हलचल और प्रमोशन का आगाज
भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे बड़े और भव्य प्रोजेक्ट्स में शुमार फिल्म 'रामायण' इन दिनों लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में इस बहुप्रतीक्षित फिल्म से जुड़ा एक प्रमोशनल इवेंट आयोजित किया गया था, जिसे लेकर काफी उत्साह था। मेकर्स और फैंस दोनों की नजरें इस कार्यक्रम पर टिकी थीं, क्योंकि फिल्म की स्टार कास्ट और इसके भव्य सेट को लेकर पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर थी। हालांकि, यह इवेंट अपनी किसी बड़ी घोषणा या सिनेमाई झलकियों के बजाय आयोजकों की भारी कुव्यवस्था और मीडिया के साथ उपजे विवाद के कारण सुर्खियों में आ गया।
किसी भी फिल्म की सफलता में मीडिया की भूमिका बेहद अहम होती है, और जब बात इतने बड़े बजट के माइथोलॉजिकल प्रोजेक्ट की हो, तो उम्मीदें और भी बढ़ जाती हैं। लेकिन मुंबई में आयोजित इस प्रेस मीट के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसने फिल्म इंडस्ट्री के गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। समय की पाबंदी और पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका सीधा असर फिल्म के प्रचार पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
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घंटों का लंबा इंतजार और आधिकारिक चुप्पी
घटना की शुरुआत दोपहर के वक्त तय समय से हुई, जब देश भर के तमाम प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान इस मेगा इवेंट को कवर करने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के लिए दोपहर 1:30 बजे का वक्त मुकर्रर किया गया था, और सभी पत्रकार समय पर वेन्यू पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके थे। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। शुरुआती दो घंटों तक आयोजकों की तरफ से कोई भी आधिकारिक अपडेट या सूचना साझा नहीं की गई।
अनिश्चितता के इस माहौल में जब पत्रकारों ने वहां मौजूद पीआर टीम से देरी का कारण पूछना चाहा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। घंटों तक बिना किसी स्पष्टीकरण के इंतजार करने के बाद, मीडियाकर्मियों के बीच नाराजगी फैलना स्वाभाविक था। बाद में यह बात सामने आई कि मशहूर अंतरराष्ट्रीय कंटेंट क्रिएटर मिस्टरबीस्ट की प्राइवेट फ्लाइट मिस हो जाने की वजह से पूरा शेड्यूल गड़बड़ा गया था। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस देरी की जानकारी समय पर मीडिया को क्यों नहीं दी गई?
पब्लिसिटी टीम का रवैया और बढ़ता तनाव
जब पत्रकारों ने व्यवस्था में फैली इस अराजकता और लंबे इंतजार पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, तो हालात और ज्यादा बिगड़ गए। आरोप है कि पब्लिसिटी टीम के सदस्यों ने अपनी गलती स्वीकार करने या माफी मांगने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना लहजा अपनाया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कथित तौर पर यह कह दिया गया कि जो लोग इंतजार नहीं कर सकते, वे जा सकते हैं।
इस तरह के बयानों ने आग में घी का काम किया। मीडिया बिरादरी के लिए यह पेशेवर मर्यादा का हनन था। एक बड़े प्रोडक्शन हाउस और पेशेवर पीआर एजेंसी से इस तरह के ढुलमुल रवैये की उम्मीद बिल्कुल नहीं की जाती है। प्रेस के प्रतिनिधियों ने इस अपमानजनक व्यवहार का विरोध करते हुए इवेंट के बहिष्कार यानी वॉकआउट का कड़ा निर्णय लिया, जिससे आयोजकों के होश उड़ गए।
रणबीर कपूर की प्रतिक्रिया और सिमटता कार्यक्रम
विवाद जब अपनी चरम सीमा पर था और मामला मुख्य कलाकारों तक पहुंचा, तब स्थिति को संभालने के बजाय मतभेद और गहरे हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब अभिनेताओं को यह बताया गया कि मीडियाकर्मी नाराज होकर जा रहे हैं, तो लीड एक्टर रणबीर कपूर की ओर से भी कथित तौर पर उदासीन प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें कहा गया कि यदि उन्हें जाना है तो जा सकते हैं।
इस रूखे और बेपरवाह रवैये ने आग पर पानी डालने के बजाय उसे और भड़का दिया। इसके परिणामस्वरूप, अधिकांश मीडिया संस्थानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरी तरह से बायकॉट कर दिया। जो प्रेस मीट लगभग एक घंटे तक चलने वाली थी और जिसमें फिल्म से जुड़े कई बड़े खुलासे होने थे, उसे महज दस मिनट में ही समेटना पड़ा।
"पेशेवर कार्यक्रमों में समय की गरिमा और पत्रकारों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना रवैया किसी भी बड़े प्रोजेक्ट की छवि को नुकसान पहुंचाता है।" — वरिष्ठ मीडिया विश्लेषक
दस मिनट के संक्षिप्त सेशन में क्या खास रहा?
महज दस मिनट के उस छोटे और अफरा-तफरी से भरे सत्र में कलाकारों ने औपचारिकताएं पूरी कीं। स्टेज पर रणबीर कपूर ने प्रतीकात्मक रूप से शिव धनुष उठाया और विधिवत प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने देर से पहुंचे अंतरराष्ट्रीय मेहमान मिस्टरबीस्ट के साथ थोड़ी बहुत बातचीत की। इस दौरान मंच पर फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी, निर्माता नमित मल्होत्रा के अलावा मुख्य कलाकारों में साई पल्लवी और रवि दुबे भी मौजूद थे।
कम समय और खराब माहौल के कारण फिल्म से जुड़ा कोई भी विस्तृत या महत्वपूर्ण ऐलान इस दौरान नहीं किया जा सका। प्रोडक्शन टीम या मेकर्स की ओर से इस पूरे घटनाक्रम के बाद कोई भी औपचारिक खेद प्रकट नहीं किया गया, जिससे मीडिया हलकों में मायूसी और नाराजगी का भाव और गहरा हो गया है।
मेकर्स द्वारा नए पोस्टर्स का विमोचन और भव्य स्टारकास्ट
इस तमाम ड्रामे और हंगामे के बीच, फिल्म के निर्माताओं ने देर रात दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए 'रामायण' के दो नए और शानदार पोस्टर्स सोशल मीडिया पर साझा किए। एक पोस्टर में कन्नड़ सुपरस्टार यश अपने खूंखार और शक्तिशाली अवतार में रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरे पोस्टर में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को वनवास की ओर प्रस्थान करते हुए दिखाया गया है। इन पोस्टर्स ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और फैंस की उत्सुकता को जिंदा रखा है।
महर्षि वाल्मीकि के महाकाव्य पर आधारित यह सिनेमैटिक महागाथा दो भागों में बनाई जा रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखेंगी। इसके अलावा सनी देओल हनुमान के रूप में, लारा दत्ता कैकेयी के रूप में, रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा के रूप में और दिग्गज अभिनेता अरुण गोविल राजा दशरथ के रूप में नजर आएंगे। इस भव्य फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होगा, जबकि दूसरा हिस्सा साल 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा।

