राजनीतिक गलियारों में तीखी बयानबाजी का दौर
देश की राजनीति में आए दिन बयानों के तीर चलते रहते हैं, इसी कड़ी में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एक नया राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है। उन्होंने हाल ही में एक राजनीतिक दल और उसके नेतृत्व पर तीखा कटाक्ष करते हुए बड़ा बयान दिया है। मंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश के राजनीतिक मंच पर विभिन्न मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ राजनीतिक संगठन जनता के मुद्दों पर काम करने के बजाय केवल संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस्तीफे मांगने का काम कर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से गर्माहट पैदा कर दी है और विरोधी दलों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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सीजेपी की कार्यशैली पर केंद्रीय मंत्री का तंज
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीएफ) के प्रमुख रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि इस पार्टी का मुख्य एजेंडा केवल इस्तीफे की मांग करना रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए सुझाव दिया कि इस संगठन को अपना नाम बदलकर 'इस्तीफा जनता पार्टी' कर लेना चाहिए क्योंकि इनके पास इसके अलावा कोई दूसरा रचनात्मक काम नहीं बचा है।
आठवले ने याद दिलाया कि इससे पहले भी इस संगठन ने कई मौकों पर देश के बड़े मंत्रियों और संवैधानिक अधिकारियों के इस्तीफे की मांग उठाई थी। नीट परीक्षा पर्चा लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष और ऐसे नए संगठन बिना किसी ठोस आधार के केवल माहौल खराब करने की राजनीति कर रहे हैं। हाल ही में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी उन्होंने इस संगठन की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दीपके के राजनीतिक सफर पर रामदास आठवले की टिप्पणी
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बारे में बात करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि वह राजनीति की दुनिया में अभी नए खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दीपके महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं, बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और दलित समाज से आते हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा अमेरिका में प्राप्त की है और राजनीतिक क्षेत्र में उन्हें अभी लंबा अनुभव हासिल करना बाकी है।
आठवले ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह दशकों से दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकताओं को समझने के लिए जमीनी स्तर पर लंबा काम करना पड़ता है, जो नए राजनीतिक दलों के नेताओं में अभी देखने को नहीं मिल रहा है।
"सीजेपी सिर्फ इस्तीफे मांगती रहती है। उन्हें अपना नाम बदलकर इस्तीफा जनता पार्टी रख लेना चाहिए। अभिजीत दीपके राजनीति में नए हैं, जबकि हम लंबे समय से जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। देश की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।" — रामदास आठवले, केंद्रीय मंत्री
असम के विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना
गुवाहाटी दौरे के दौरान रामदास आठवले ने पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर असम में हुए बुनियादी ढांचे के विकास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के प्रयासों से राज्य में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है।
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देश भर में 59 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से अकेले असम राज्य में लगभग दो करोड़ खाते शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक संबल प्रदान किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
वर्ष 2029 के चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा
अपने बयानों के अंत में रामदास आठवले ने भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर बात करते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने पूर्ण आत्मविश्वास के साथ कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा करती है। उनके अनुसार, एनडीए सरकार देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक काम कर रही है।
आठवले ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि देश की जनता के आशीर्वाद और मजबूत विकास कार्यों के बल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2029 में होने वाले आम चुनावों में जीत हासिल कर लगातार चौथी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे विपक्षी दलों के बहकावे में न आएं और देश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर कदम बढ़ाएं।








