नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों चयनकर्ताओं के फैसलों और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर बहस छिड़ गई है। इसी बीच, आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का वनडे टीम से बाहर होने के बाद एक बेहद तीखा और यथार्थवादी बयान सामने आया है। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन और खेल डेस्क से प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंत ने अपने करियर के ग्राफ और टीम में चयन के मापदंडों पर खुलकर बात की है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट जगत में उन्हें वनडे फॉर्मेट से दूर रखने पर तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
'जब तक आप विराट कोहली न हों...' - पंत का बेबाक बयान
ऋषभ पंत ने अपने हालिया इंटरव्यू में स्वीकार किया कि एक ऐथलीट के तौर पर करियर में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने तंज भरे और यथार्थवादी लहजे में कहा कि जब तक आप विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी नहीं हैं, तब तक आपके करियर का ग्राफ लगातार ऊपर-नीचे होता रहता है। पंत का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि आधुनिक भारतीय क्रिकेट में निरंतरता और बेंच स्ट्रेंथ का दबाव कितना अधिक है, जहां एक खराब सीरीज या फॉर्मेट में नाकामी आपको सीधे प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
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आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: 'यह बिल्कुल नाइंसाफी है'
पंत के समर्थन में केवल प्रशंसक ही नहीं, बल्कि क्रिकेट विश्लेषक भी खुलकर सामने आ गए हैं। पूर्व ओपनर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने चयनकर्ताओं के फैसले पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। चोपड़ा ने सवाल उठाया कि सिर्फ एक मैच खेलने के बाद खिलाड़ी को तीन साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा ड्रॉप कर देना किस तरह का न्याय है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि पंत जैसे मैच विनर खिलाड़ी को इस तरह दरकिनार करना भारतीय मध्यक्रम की योजनाओं पर भी सवाल खड़े करता है।
घरेलू क्रिकेट में वापसी और ईरानी कप 2026 की चर्चा
अंतरराष्ट्रीय मंच पर असहजता के बीच, पंत के लिए अब घरेलू क्रिकेट ही खुद को साबित करने का मुख्य जरिया बनता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी ईरानी कप 2026 के लिए 'रेस्ट ऑफ इंडिया' की संभावित प्लेइंग इलेवन में ऋषभ पंत को कप्तान की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा है। इस टीम में सनत, शिखर और सरफराज खान जैसे अन्य बड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट का यह मंच पंत के लिए अपनी लय वापस पाने और चयनकर्ताओं को करारा जवाब देने का सबसे बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
भविष्य का असर: क्या पंत की वनडे वापसी आसान होगी?
भारतीय टीम का अगला शेड्यूल बेहद व्यस्त है और मैनेजमेंट टी20 व टेस्ट के साथ-साथ वनडे में भी नई पीढ़ी को आजमाने में जुटा है। ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में भारत की रीढ़ बन चुके हैं, लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप, खासकर वनडे में उनकी निरंतरता पर हमेशा सवाल रहे हैं। यदि उन्हें फिर से टीम इंडिया की नीली जर्सी में नियमित रूप से देखना है, तो उन्हें घरेलू सर्किट और मिलने वाले हर छोटे मौके पर खुद को साबित करना होगा।
मुख्य बिंदु व पड़ताल
- ऋषभ पंत ने वनडे टीम से बाहर होने पर माना कि ऐथलीट के जीवन में ग्राफ ऊपर-नीचे होता है।
- पंत ने विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल उनके जैसी कद-काठी वाले खिलाड़ी ही इस दबाव से पूरी तरह अछूते रहते हैं।
- क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने 3 साल में सिर्फ एक मैच खिलाकर पंत को ड्रॉप किए जाने को 'नाइंसाफी' करार दिया।
- घरेलू क्रिकेट में वापसी करते हुए पंत को ईरानी कप 2026 में 'रेस्ट ऑफ इंडिया' की कप्तानी मिलने की संभावना है।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर भारतीय क्रिकेट के उस कड़े सत्य को उजागर करता है, जहां टैलेंट होने के बावजूद बाहर बैठना किसी भी बड़े खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। आने वाले घरेलू मैच तय करेंगे कि पंत का बल्ला चयनकर्ताओं को उनका फैसला बदलने पर मजबूर कर पाता है या नहीं।








