रूस ने बुधवार तड़के कीव और यूक्रेन के करीब एक दर्जन दूसरे इलाकों पर मिसाइलों और ड्रोन की भारी बौछार कर दी। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इस भीषण हमले में कम से कम 19 आम लोग मारे गए, जिनमें चार मासूम बच्चे भी शामिल हैं, और करीब 60 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेन को इस हमले की आशंका पहले से थी, लेकिन वह हवाई सुरक्षा तंत्र की सीमाओं के कारण इसे पूरी तरह रोक पाने में नाकाम रहा। जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के तेल ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए।
प्रिलुकी में सबसे बड़ा नुकसान, अपार्टमेंट इमारत तबाह
इस हमले का सबसे बड़ा केंद्र उत्तरी चेर्निहीव इलाके का प्रिलुकी शहर रहा। गृह मंत्री इहोर व्यहिवस्की के मुताबिक, यहां एक रिहायशी अपार्टमेंट इमारत पूरी तरह तबाह हो गई, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई और लगभग 50 लोग घायल हुए। मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा पोल्टावा इलाके के क्रेमेनचुक में दो लोगों की मौत हुई और सात घायल हो गए, जहां राहत और बचाव कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि कीव सहित तीन अन्य शहरों में भी कई लोगों के हताहत होने की खबर है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले से एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि खुफिया रिपोर्टों के अनुसार रूस एक बड़े और विनाशकारी हमले की तैयारी में है। यह हमला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 74वें जन्मदिन के ठीक मौके पर हुआ। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रूस का मकसद केवल नुकसान पहुंचाना और नागरिकों के मन में खौफ पैदा करना था। क्रेमेनचुक के क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन प्रमुख विताली दियाकिवनिच ने कहा कि दुश्मन यह चाहता है कि लोग रात में सोने से डरें और अपनी जिंदगी की कोई योजना न बना सकें।
एयर डिफेंस की कमी और यूक्रेन का पलटवार
यूक्रेन के लिए रूस की बैलिस्टिक मिसाइलें इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पश्चिमी देशों द्वारा दिए गए पैट्रियट सिस्टम के लिए पर्याप्त गोला-बारूद न होने के कारण यूक्रेन इन्हें आसमान में ही रोकने में असमर्थ साबित हो रहा है। ऐसे में यूक्रेनी प्रशासन दुनिया भर में पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों की तलाश कर रहा है। इसके साथ ही, ऊंचे आसमान में उड़ने वाले रूस के नए जेट ड्रोन्स को ट्रैक करने के लिए यूक्रेन नए इंटरसेप्टर विकसित करने में जुटा हुआ है।
दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने मिसाइल और ड्रोन निर्माण से जुड़े औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया। दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में बंदरगाहों और सैन्य साजो-सामान ले जा रहे जहाजों पर भी हमले किए गए। इसके जवाब में यूक्रेन ने रूस के पर्म, समारा और अस्त्राखान क्षेत्रों में लंबी दूरी के ड्रोन्स से दो तेल ठिकानों और एक ट्रेनिंग ग्राउंड को निशाना बनाया।
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