एसएस रिटेल के शेयरों में अचानक आई भारी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों आईपीओ बाजार की हलचल काफी तेज बनी हुई है। स्पेशलिटी और कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी एसएस रिटेल लिमिटेड के शेयरों में आज कारोबार की शुरुआत में तो मजबूती दिखाई दी, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि शेयर औंधे मुंह नीचे आ गए। बाजार जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी तूफानी तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) का रास्ता चुना, जिसका सीधा असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिला है।
कारोबार के दौरान सुबह के सत्र में जब शेयर बाजार खुला, तो एसएस रिटेल के शेयरों ने करीब 1.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ सकारात्मक शुरुआत की थी। निवेशकों को उम्मीद थी कि पिछले सप्ताह की तरह आज भी तेजी का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, यह शुरुआती उत्साह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया और कुछ ही मिनटों के भीतर बाजार में बिकवाली हावी हो गई। देखते ही देखते स्टॉक लाल निशान में चला गया और निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
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इंट्राडे कारोबार में दर्ज हुई बड़ी कमजोरी
कारोबार के शुरुआती घंटों में ही एसएस रिटेल के शेयर बिकवाल के दबाव में बुरी तरह घिर गए। सुबह 9.45 बजे तक के इंट्राडे आंकड़ों पर नजर डालें तो इस कंपनी के शेयरों में लगभग 3.62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। इस जोरदार मंदी के चलते शेयर लुढ़ककर 700.95 रुपये के निचले स्तर (लो लेवल) तक आ गए। पिछले कुछ सत्रों से इस काउंटर पर लगातार भारी उठापटक और उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए आईपीओ की लिस्टिंग के बाद 'प्राइस डिस्कवरी' की एक लंबी प्रक्रिया होती है। एसएस रिटेल के मामले में भी यही हो रहा है। जब शेयर बाजार में किसी कंपनी के शेयरों की कीमत उसकी वास्तविक वैल्यू से बहुत तेजी से ऊपर भागती है, तो बाजार के बड़े खिलाड़ी और समझदार निवेशक मौके का फायदा उठाकर अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं। आज के कारोबार में भी बिल्कुल ऐसा ही नजारा देखने को मिला है।
शानदार लिस्टिंग और ताबड़तोड़ तेजी का इतिहास
एसएस रिटेल ने बीते सप्ताह ही 23 सितंबर को शेयर बाजार में अपनी धमाकेदार शुरुआत की थी। इस कंपनी का आईपीओ प्राइस मात्र 424 रुपये तय किया गया था, लेकिन जब यह शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुआ तो इसने निवेशकों को हैरान कर दिया। यह शेयर 639.10 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जिसने निवेशकों को पहले ही दिन प्रति शेयर 215.10 रुपये का तगड़ा लिस्टिंग गेन दे दिया था। बाजार में कदम रखते ही इसे लेकर निवेशकों में भारी क्रेज देखा गया था।
लिस्टिंग के ठीक अगले ही दिन यह शेयर अपनी छलांग जारी रखते हुए 888 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई या सर्वोच्च स्तर पर जा पहुंचा था। इस तरह की ताबड़तोड़ और एकतरफा रैली ने छोटे और मझोले निवेशकों को बेहद आकर्षित किया था। हर कोई इस शेयर में पैसा लगाने के लिए बेताब दिख रहा था, जिससे इसकी कीमतों में कृत्रिम तेजी भी लगातार दर्ज की जा रही थी।
बल्क डील और बड़े निवेशकों की सक्रियता
एसएस रिटेल के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से रोजाना बड़े पैमाने पर सौदे हो रहे हैं। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चलता है कि लिस्टिंग के पहले दिन से ही इस काउंटर पर लगातार बल्क डील (Bulk Deals) होती आ रही हैं। इरेज ब्रोकिंग, एनके सिक्यॉरिटीज और ग्रैविटॉन रिसर्च जैसे नामचीन संस्थागत निवेशक और वित्तीय संस्थान इसमें लगातार भारी मात्रा में शेयरों की खरीद और बिक्री कर रहे हैं। इन दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण इस शेयर में हर दिन भारी वॉल्यूम देखने को मिल रहा है।
जब बाजार में बड़े निवेशक इस प्रकार की सक्रियता दिखाते हैं, तो शेयरों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव होना स्वाभाविक है। जानकारों का यह भी मानना है कि छोटे खुदरा निवेशकों को इस तरह के शेयरों में निवेश करने से पहले बेहद सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक तेजी के बाद आने वाली करेक्शन या गिरावट उनका मुनाफा पलभर में साफ कर सकती है।
बाजार विशेषज्ञों की राय और आगे का अनुमान
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि एसएस रिटेल जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश करना उच्च जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब वे अपने इश्यू प्राइस से बहुत ऊपर ट्रेड कर रहे हों। हालांकि कंपनी के फंडामेंटल और बिजनेस मॉडल पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, लेकिन कम समय में बहुत अधिक रिटर्न मिलने के कारण मुनाफावसूली का दौर अभी कुछ और दिन जारी रह सकता है।
"आईपीओ शेयरों में लिस्टिंग के बाद शुरुआती दिनों में भारी उतार-चढ़ाव आम बात है। जिन निवेशकों ने कम कीमत पर शेयर खरीदे थे, वे ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूल रहे हैं। खुदरा निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट-टर्न की उठापटक से घबराएं नहीं बल्कि कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर नजर रखें।" — वरिष्ठ बाजार विश्लेषक
कुल मिलाकर, एसएस रिटेल के शेयरों में आज आई यह गिरावट इस बात का प्रमाण है कि शेयर बाजार में बिना सोचे-समझे अंधाधुंध पैसा लगाना खतरनाक हो सकता है। आने वाले सत्रों में देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह शेयर अपने निचले स्तर से दोबारा वापसी करने में कामयाब होता है या फिर बिकवाली का यह दबाव इसे और नीचे ले जाता है।







