उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती का इंतजार खत्म, जारी हुआ फाइनल रिजल्ट
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने बहुप्रतीक्षित होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 का अंतिम चयन परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राज्य के सभी 75 जिलों में रिक्त पड़े पदों को भरने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। बोर्ड द्वारा जारी की गई जिलेवार मेरिट सूची में उन तमाम अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं जिन्होंने इस लंबी और कठिन चयन प्रक्रिया के हर चरण में सफलता हासिल की है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस भर्ती अभियान के तहत कुल 41,424 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी सेवा में युवाओं के शामिल होने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था को नया बल मिलेगा, बल्कि रोजगार की तलाश कर रहे लाखों परिवारों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी योग्यता और जिलेवार आवंटन की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया की पारदर्शी और कड़ी व्यवस्था के चलते इस बार योग्य उम्मीदवारों का सही आकलन हो सका है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, परिणाम तैयार करते समय सभी आरक्षित श्रेणियों और मानकों का पूरी तरह से पालन किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर वर्ग के मेधावी युवाओं को उनका हक मिल सके।
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25 लाख से ज्यादा आवेदन और कड़ी परीक्षा का दौर
यह भर्ती प्रक्रिया अपने विशाल आकार और भारी प्रतिस्पर्धा के कारण शुरू से ही चर्चा का विषय रही है। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के इन पदों के लिए कुल 25 लाख 32 हजार 196 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए थे। इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों ने यह साबित कर दिया था कि राज्य के युवाओं में सरकारी नौकरियों के प्रति कितना भारी क्रेज और उत्साह है। शुरुआती चरणों की छंटनी के बाद लिखित परीक्षा का आयोजन कराया गया था।
भर्ती बोर्ड ने लिखित परीक्षा का आयोजन 25, 26 और 27 अप्रैल को प्रदेश के 74 जिलों में कुल 6 पालियों में सफलतापर्वक संपन्न कराया था। परीक्षा के बाद कड़े मूल्यांकन के आधार पर 1 लाख 7 हजार 221 अभ्यर्थियों को अगले चरण यानी दस्तावेजों की जांच (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के लिए आमंत्रित किया गया था। यह चरण जुलाई से अगस्त के बीच तय समयसीमा के भीतर पूरा किया गया।
इसके पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) का आयोजन किया गया, जिसमें उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का कड़ा परीक्षण हुआ। इन सभी पड़ावों को सफलतापूर्वक पार करने वाले अंतिम 41,424 अभ्यर्थियों के भाग्य का फैसला अब बोर्ड ने शनिवार को सबके सामने रख दिया है।
महिलाओं की शानदार भागीदारी और आरक्षित वर्गों का आंकड़ा
इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन तस्वीर देखने को मिली है। बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अंतिम रूप से चयनित होने वाले कुल 41,424 अभ्यर्थियों में से 8,290 महिलाएं भी शामिल हैं। इन बेटियों और महिलाओं ने कठिन शारीरिक और मानसिक परीक्षाओं में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर मुकाबला किया और अपनी काबिलियत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
आरक्षण के मोर्चे पर भी बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। कुल चयनित उम्मीदवारों में अनारक्षित श्रेणी के तहत 8,502 लोगों को जगह मिली है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 6,950 अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से 21,580, अनुसूचित जाति (SC) से 10,932 और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी से 410 उम्मीदवारों ने अपनी सफलता का परचम लहराया है।
"उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के पदों पर हुई यह भर्ती पूरी तरह से पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई है। चयनित सभी युवाओं को जल्द ही उनके निर्धारित जिलों में प्रशिक्षण के बाद तैनात किया जाएगा, जिससे राज्य की आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।"— वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड
लंबे समय बाद हुई इतनी बड़ी भर्ती का इतिहास
उत्तर प्रदेश के होमगार्ड विभाग में इतने बड़े पैमाने पर भर्ती का इतिहास काफी पुराना और उतार-चढ़ाव वाला रहा है। जानकारों के अनुसार, प्रदेश में इससे पहले होमगार्ड्स की आखिरी बड़ी भर्ती साल 2011 में मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान कराई गई थी। वह पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से जिला स्तर पर आयोजित की गई थी। उसके बाद के लंबे वर्षों में विभाग के भीतर कोई भी बड़ी सीधी भर्ती नहीं हो सकी थी, जिसके कारण रिक्तियों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा था।
वर्ष 2018 में मौजूदा भाजपा सरकार के दौर में इस प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन प्रयागराज में आयोजित हुई उस प्रक्रिया के दौरान कुछ गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने उस भर्ती को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था और तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई थी। उसके इतने लंबे अंतराल के बाद अब जाकर यह नई चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक अपने अंजाम तक पहुंची है।
विभाग के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में डिजिटल और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए पारदर्शी तरीके से परिणाम घोषित किए गए हैं, जिससे किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
अक्टूबर के अंत में स्कोरकार्ड और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया
जो उम्मीदवार इस अंतिम चयन सूची में अपना नाम देखने से चूक गए हैं या जो अपने अंकों को लेकर उत्सुक हैं, उनके लिए भी भर्ती बोर्ड ने एक राहत भरी जानकारी साझा की है। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया है कि लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर (Normalized Scores) आगामी अक्टूबर महीने के आखिरी सप्ताह में आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि का इस्तेमाल करके अपने अंक देख सकेंगे।
चयनित हो चुके उम्मीदवारों के लिए अभी कुछ चरण और बाकी हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति, संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी की देखरेख में कराए जाने वाले स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Test), शैक्षणिक दस्तावेजों और आरक्षण प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियों की जांच, तथा चरित्र सत्यापन (Character Verification) के अधीन होगी। इन सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही उम्मीदवारों को संबंधित जिलों में विधिवत रूप से तैनात किया जाएगा।
अभ्यर्थी अपना परिणाम और अन्य जरूरी अपडेट देखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://uppbpb.gov.in पर लगातार नजर बनाए रखें।








