उत्तराखंड की राजनीति में बीजेपी का नया दांव, सुशासन और विकास के सहारे मैदान में उतरेगी पार्टी
उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में साल 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी आलाकमान ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में सफलता हासिल करने का मुख्य आधार राज्य सरकार का सुशासन और विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड होगा। देहरादून पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रभारी राम माधव ने इस रणनीति का खुला ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन की ताकत और सरकार की उपलब्धियों का समन्वय ही पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाएगा।
राजधानी देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित बैठकों के इस दौर में पार्टी के भीतर अभूतपूर्व जोश देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नेताओं और पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकों में चुनावी वैतरणी पार करने के गुर सिखाए गए। राम माधव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में सुशासन की राजनीति की एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिससे जनता का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामों को जनता की अदालत में ले जाने की तैयारी है।
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सातों मोर्चों को मैदान में उतारने की तैयारी, बूथ स्तर तक मजबूत होगा सियासी तंत्र
चुनावी वैतरणी पार करने के लिए बीजेपी ने अपने सभी सातों मोर्चों को सक्रिय कर दिया है। इनमें युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं। पार्टी प्रभारी राम माधव ने इन सभी मोर्चों के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अलग से गहन मंथन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि संगठन का हर एक मोर्चा अपने-अपने सामाजिक दायरे में जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करे और जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।
रणनीति के तहत अगले चार से छह महीने का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवधि में पार्टी अपने सांगतिक तंत्र को पूरी तरह से चुनावी मोड में ले आएगी। बूथ स्तर तक संवाद को मजबूत करने के लिए विशेष अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई है। हर मोर्चे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाएं और लोगों को बताएं कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार ने किस प्रकार विकास के नए आयाम गढ़े हैं। महिलाओं, युवाओं और किसानों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए विशेष सम्मेलनों और बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
साठ पार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व पर जताया गया पूरा भरोसा
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में साठ से अधिक सीटें जीतने का बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह लक्ष्य भले ही कठिन लगे, लेकिन जिस तरह से पार्टी ने अपनी प्रशासनिक और सांगठनिक मशीनरी को सक्रिय किया है, उसने विपक्षी दलों की नींद उड़ा दी है। राम माधव ने बैठकों के दौरान साफ संकेत दिए कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने जो कल्याणकारी नीतियां लागू की हैं, वे चुनाव में पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी।
पार्टी का मानना है कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता विकास और स्थिरता के पक्ष में हमेशा खड़ी रही है। ऐसे में सरकार के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जब कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर पहुंचेंगे, तो विरोधियों के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचेगा। पिछले कुछ समय से पार्टी ने राज्य में आंतरिक सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष जोर दिया है। जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर चल रही गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलती रहे और समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल से बनेगी जीत की रणनीति
किसी भी राजनीतिक दल की सफलता में सरकार और संगठन के बीच का तालमेल रीढ़ की हड्डी का काम करता है। उत्तराखंड में भी बीजेपी इसी फॉर्मूले पर पूरी ताकत से काम कर रही है। एक तरफ जहां प्रशासनिक स्तर पर विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सांगठनिक स्तर पर उन्हें जनता के बीच प्रचारित किया जा रहा है। राम माधव के इस दौरे ने कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह भर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि सभी लोग अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को छोड़कर केवल और केवल चुनावी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हमें उत्तराखंड में विकास और सुशासन के अपने एजेंडे को जन-जन तक पहुंचाना है। आगामी चुनाव में 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य हासिल करने के लिए हमारे सभी मोर्चों और कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में जुटना होगा।" — राम माधव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी, बीजेपी
विपक्ष के हमलों का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया खास एक्शन प्लान
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर भी तेज होगा। इसे ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने पहले से ही एक मजबूत डिफेंसिव और एग्रेसिव एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। मोर्चों के पदाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे विपक्ष के किसी भी भ्रम फैलाने वाले प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दें और तथ्यों के आधार पर सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखें।
युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए विशेष कैंपेन चलाए जाएंगे। इसके साथ ही, महिला मतदाताओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। कुल मिलाकर, उत्तराखंड की राजनीतिक पिच पर बीजेपी ने अपनी बैटिंग का अंदाज तय कर लिया है और आने वाले दिनों में यह चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के पूरे आसार हैं।




