हैदराबाद/ग्राउंड ब्यूरो — देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वीसी सज्जनानार ने ठगों के खिलाफ एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और फोन पर मिलने वाले लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें। ठग आए दिन नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
वीसी सज्जनानार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो और संदेश साझा किया है। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं। वे लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके बैंक खातों से सारी रकम साफ कर देते हैं। इस तरह के मामलों में जरा सी सावधानी बड़ा नुकसान बचा सकती है।
वीडियो कॉल और डिजिटल अरेस्ट के जाल से कैसे बचें?
साइबर अपराधी खुद को कस्टम्स, पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताते हैं। वे लोगों को फोन पर ड्रग्स या पार्सल भेजने के नाम पर डराते हैं। अधिकारी सज्जनानार ने साफ किया है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन पर या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। अगर आपको ऐसा कोई फोन आए, तो तुरंत फोन काट दें और डरें बिल्कुल नहीं।
ठग लोगों को रातों-रात अमीर बनाने का लालच भी देते हैं। वे शेयर बाजार या क्रिप्टो में निवेश के नाम पर फर्जी ऐप्स डाउनलोड करवाते हैं। शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर वे बड़ी रकम हड़प लेते हैं। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश कर रही है, लेकिन जनता की जागरूकता ही इस अपराध को रोक सकती है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?
अगर आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो समय बहुत कीमती होता है। सज्जनानार ने लोगों को याद दिलाया है कि वे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति तुरंत 'cybercrime.gov.in' पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। समय रहते शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
देश के कई शहरों में पुलिस विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में भी साइबर सुरक्षा के पाठ पढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ठग नए हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी निजी जानकारी किसी से साझा न करें।
सोशल मीडिया पर सतर्कता और हमारी ग्राउंड पड़ताल
द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस मामले की जमीनी पड़ताल की, तो पता चला कि बुजुर्ग और गृहणियां इन ठगों का सबसे ज्यादा शिकार बन रही हैं। वीसी सज्जनानार जैसे अधिकारियों की चेतावनी आम लोगों के लिए एक ढाल का काम कर रही है। लोग अब सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी पोस्ट और कॉल्स के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं। पुलिस भी ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर रही है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि तकनीक ने जीवन आसान किया है, लेकिन खतरा भी बढ़ाया है। जब तक हम खुद सतर्क नहीं रहेंगे, तब तक कोई भी कानून पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सकता। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोचें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराधियों के बहकावे में कभी न आएं।







