नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में आगामी 16 अक्टूबर को एक बड़ा तिरंगा मार्च निकाला जाएगा। सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। यह मार्च कनॉट प्लेस के मशहूर सेंट्रल पार्क से शुरू होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के मन में देश प्रेम की भावना को और मजबूत करना और सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना है। आयोजकों ने इसके लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत जारी है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
इस पूरे अभियान को 'लहरा दो तिरंगा' नाम दिया गया है, जिसके तहत दिल्ली और आसपास के इलाकों के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों को जोड़ा जा रहा है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों के जरिए एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में पहुंचें। उन्होंने कहा कि यह समय देश के प्रति अपनी एकजुटता दिखाने का है और हर भारतवासी को इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। इस घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर #LehraDoTiranga और #AbhijeetDipke जैसे ट्रेंड्स तेजी से वायरल होने लगे हैं और लोग लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जुटेंगे हजारों लोग
कार्यक्रम के लिए चुने गए स्थान यानी कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क का ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व है। मध्य दिल्ली का यह इलाका हमेशा से बड़े आयोजनों और प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। 16 अक्टूबर को शाम के समय होने वाले इस तिरंगा मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कनॉट प्लेस के व्यस्त बाजारों में आने-जाने वाले आम खरीदारों और दुकानदारों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजकों का दावा है कि इस मार्च में दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों के छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराएंगे।
अभिजीत दिपके और उनकी टीम लगातार युवाओं से संपर्क साध रही है ताकि इस आयोजन को एक जन आंदोलन का रूप दिया जा सके। तिरंगा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी से बचने और पूरी तरह से राष्ट्रीय भावना पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है। मार्च के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे और स्वयंसेवकों की एक बड़ी टीम अनुशासन बनाए रखने के लिए तैनात की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च किसी पार्टी विशेष का नहीं बल्कि हर उस भारतीय का है जो तिरंगे से प्रेम करता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी मुहिम और लोगों का उत्साह
जैसे-जैसे 16 अक्टूबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इस अभियान को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 'लहरा दो तिरंगा' अभियान के बैनर और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। युवा वर्ग इन पोस्ट्स पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहा है और कई लोगों ने खुद सेंट्रल पार्क पहुंचने की पुष्टि की है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के जन-जागरूकता अभियान शहर के युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ने का काम करते हैं और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब कनॉट प्लेस के स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों से बात की, तो उन्होंने इस आयोजन पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ व्यापारियों का मानना है कि शाम के वक्त इस तरह के आयोजनों से बाजार में रौनक बढ़ती है, वहीं कुछ ने ट्रैफिक जाम की आशंका भी जताई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात को सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कितने लोग इस आह्वान पर सेंट्रल पार्क पहुंचते हैं और यह तिरंगा मार्च कितना सफल रहता है।
प्रशासन की तैयारियां और यातायात के लिए एडवायजरी
इस बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और यातायात विभाग ने अपनी कमर कस ली है। कनॉट प्लेस के सभी इनर और आउटर सर्कल पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। मेट्रो स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है क्योंकि शाम के समय भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि पार्किंग और जाम की समस्या से बचा जा सके।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, अभिजीत दिपके और उनकी टीम लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में है ताकि सभी अनुमति समय पर मिल जाएं। इस तिरंगा मार्च की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि आयोजक कितनी अनुशासनबद्ध तरीके से भीड़ को संभालते हैं। 16 अक्टूबर का यह शाम का वक्त दिल्ली की राजनीतिक और सामाजिक फिजा में एक नया रंग भरने के लिए पूरी तरह तैयार है, और हर किसी की नजरें अब सेंट्रल पार्क पर टिकी हुई हैं।




