उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के लिए एक बार फिर रोजगार के मोर्चे पर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के लिए चयनित 818 युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल नवनियुक्त युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की रोजगार नीति पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और मिशन मोड पर चल रही है। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और अधिकारियों के बीच सीएम योगी का यह बयान चर्चा का मुख्य विषय बन गया है कि सरकार का लक्ष्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
लोकभवन में गूंजा युवाओं का उत्साह, 818 चयनितों को मिले नियुक्ति पत्र
लखनऊ स्थित लोकभवन के मुख्य सभागार में आयोजित इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का माहौल बेहद उत्साहजनक था। राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे 818 नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर सरकारी नौकरी मिलने की खुशी साफ झलक रही थी। आयुष और अन्य विभागों में चयनित हुए इन युवाओं को जब प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिए, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक अभ्यर्थी से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उन्हें पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ जनता की सेवा करने की प्रेरणा दी।
समारोह की शुरुआत में प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान धन्वंतरि की एक भव्य प्रतिमा भेंट की। इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सीएम योगी का स्वागत करते हुए उन्हें रुद्राक्ष का पौधा और भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने भी मुख्यमंत्री को पौधा और भगवान श्रीराम दरबार की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इन पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल में हुई।
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'वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे': मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर पलटवार
युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विरोधी लोग भले ही आंकड़ों की बाजीगरी करते रहें और नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाते रहें, लेकिन हमारा काम सिर्फ और सिर्फ युवाओं के हितों की रक्षा करना और उन्हें रोजगार देना है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे। उत्तर प्रदेश का युवा अब मेहनतकश और योग्य है, उसे उसकी योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से रोजगार मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा।"
"प्रदेश का युवा अब देश और दुनिया में अपनी मेहनत और मेधा का परचम लहरा रहा है। हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार दे रही है और आगे भी यह अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने आगे कहा कि पिछली सरकारों के दौर में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के कारण योग्य युवाओं का हक मारा जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने चयन आयोगों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बना दिया है। आज उत्तर प्रदेश में नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं होती, बल्कि केवल अभ्यर्थी की मेहनत और उसकी योग्यता ही उसकी पहचान बनती है। यही कारण है कि आज प्रदेश के कोने-कोने से युवाओं का विश्वास सरकारी व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हुआ है।
आगामी छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का मेगा प्लान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित एलान करते हुए घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में अगले छह महीनों के भीतर एक लाख से अधिक नई सरकारी भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस मेगा प्लान के तहत राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी चयन आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस आगामी भर्ती प्रक्रिया में पुलिस विभाग, शिक्षा क्षेत्र, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड और अन्य तकनीकी व प्रशासनिक सेवाओं के पद शामिल होंगे। सरकार का यह प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को उनके गृह जिले या राज्य के भीतर ही बेहतरीन रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े। पिछले साढ़े सात वर्षों में राज्य सरकार ने लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और प्राइवेट सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेश लाकर रोजगार के नए द्वार खोले हैं।
पुलिस, होमगार्ड और शिक्षा क्षेत्र में होंगी बंपर भर्तियां
राज्य सरकार के इस नए रोजगार अभियान के तहत सबसे ज्यादा फोकस पुलिस और शिक्षा क्षेत्र पर रहने की उम्मीद है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस महकमे में लगातार भर्तियां की जा रही हैं। इसके साथ ही बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। होमगार्ड विभाग में भी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को सीधा लाभ मिल सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) और अन्य चयन बोर्ड इस दिशा में पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे, जिससे यह साफ हो गया कि प्रशासनिक तंत्र शासन की इस प्राथमिकता को लेकर पूरी तरह गंभीर और सतर्क है। युवा संगठनों और प्रतियोगी छात्रों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि तय समय-सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी होगी।
समारोह में दिग्गजों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
लोकभवन में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के अध्यक्ष एसएन साबत ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी ने इस बात को पुख्ता किया कि उत्तर प्रदेश सरकार रोजगार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को लेकर कितनी गंभीर है। कार्यक्रम के अंत में नवचयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि आज का दिन उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सुनहरा दिन है। सरकार की इस नीति से न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी एक नई गति मिली है।







