इंदौर से शुरू हुई हुंकार अब पूरे मध्य प्रदेश में होगी प्रसारित
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के हालिया 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की सफलता के बाद अब मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस अभियान को राज्यव्यापी बनाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इंदौर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के ठीक अगले दिन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने का यह सिलसिला केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे मध्य प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि राज्य के युवाओं में शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को लेकर भारी असंतोष है। इस असंतोष को एक सकारात्मक राजनीतिक और सामाजिक मंच देने के लिए 'छात्रों की गूंज' को एक बड़े आंदोलन का रूप दिया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तरों पर युवाओं से संवाद स्थापित करेंगे और उनकी समस्याओं को सीधे तौर पर सरकार के सामने रखेंगे।
संबंधित खबरें
शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्राथमिक दायित्व बनता है कि वह राज्य के विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न बनाए और उन्हें उच्च कोटि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए। मध्य प्रदेश में आज भी कई ऐसे इलाके हैं जहां स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
पटवारी ने जोर देकर कहा कि राज्य में 'क्वालिटी एजुकेशन' को लेकर एक नई और प्रभावी पहल किए जाने की सख्त जरूरत है। इसके साथ ही, उन्होंने रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि डिग्री पूरी करने के बाद भी युवाओं के हाथ खाली रह जाना राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। कांग्रेस पार्टी लगातार मांग कर रही है कि युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोले जाएं और पारदर्शी तरीके से सरकारी भर्तियां की जाएं।
सत्ताधारी दल पर तंज और भविष्य की सियासी रणनीति
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की ओर से आ रही प्रतिक्रियाओं पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि सत्तापक्ष को नकारात्मक राजनीति छोड़कर सकारात्मक सोच के साथ इन जरूरी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के अभी करीब दो साल यानी लगभग 800 दिन बाकी हैं। कांग्रेस पार्टी अभी से पूरी तैयारी के साथ वर्ष 2028 में प्रदेश में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर जमीन पर काम कर रही है।
"छात्रों की गूंज का कार्यक्रम समाप्त हो जाए, ऐसा बिल्कुल नहीं है। अब मध्य प्रदेश के हर जिले में छात्रों की गूंज का कार्यक्रम किया जाएगा। हमारा उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े वास्तविक मुद्दों को जनता के सामने लाना है।" — जीतू पटवारी, प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी व्यक्तिगत आलोचना या बयानबाजी में पड़ने के बजाय पूरी तरह से नीतिगत मुद्दों पर फोकस रखना चाहती है। पार्टी का मकसद युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि वे देश और राज्य के विकास में अपनी पूरी भागीदारी निभा सकें।
अंतर्राष्ट्रीय मिसालों का हवाला और युवाओं के अधिकार
बेरोजगारी के मुद्दे पर बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वैश्विक स्तर का उदाहरण दिया। उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था में एक घंटे के भीतर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की बातें सामने आती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारी सरकारों को भी अपने यहां रोजगार के पुख्ता आंकड़े पेश करने चाहिए और यह बताना चाहिए कि वे युवाओं के भविष्य को लेकर कितने गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों के नतीजे हों या फिर अन्य शिक्षण संस्थानों के हालात, यह साफ दिखाता है कि आज का युवा अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है। यह लड़ाई केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों के भविष्य की सीधी लड़ाई है, जिसे कांग्रेस पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।
इंदौर की जनता और प्रशासन का जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद जीतू पटवारी ने इंदौर की जनता, स्थानीय मीडिया, सिख समाज, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA), पुलिस और जिला प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर की एक पुरानी और गौरवशाली परंपरा रही है कि यहां जब भी विपक्ष का कोई बड़ा नेता आता है, तो गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाता है। शहर में इस कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या राजनीतिक बाधा उत्पन्न नहीं की गई, जिसके लिए वे सभी सहयोगियों के आभारी हैं।
पार्टी नेताओं का मानना है कि आने वाले दिनों में जब यह अभियान जिला स्तर पर शुरू होगा, तो स्थानीय स्तर पर भी युवाओं का समर्थन बड़े पैमाने पर मिलेगा। कांग्रेस का यह कदम आगामी राजनीतिक समीकरणों में कितना असरदार साबित होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर राज्य की सियासत अब और अधिक गरमाने वाली है।







