विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/संसद सत्र के बीच राजघाट पर गांधी समाधि के सामने विपक्षी सांसदों का मौन धरना, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
राजनीतिपढ़ने में समय: 6 मिनट

संसद सत्र के बीच राजघाट पर गांधी समाधि के सामने विपक्षी सांसदों का मौन धरना, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामे के बीच विपक्षी दलों के सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि के समक्ष मौन धरना दिया। सांसदों ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति को लेकर कड़ा रोष जताया है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•43
🌐Read in English →
शेयर करें:
संसद सत्र के बीच राजघाट पर गांधी समाधि के सामने विपक्षी सांसदों का मौन धरना, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
📷 संसद सत्र के बीच राजघाट पर गांधी समाधि के सामने विपक्षी सांसदों का मौन धरना, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामे के बीच विपक्षी दलों के सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि के समक्ष मौन धरना दिया। सांसदों ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति को लेकर कड़ा रोष जताया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

संसद के शीतकालीन सत्र में जारी गतिरोध के बीच राजघाट पर विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

भारतीय संसद के वर्तमान सत्र में लगातार चल रहे हंगामे और गतिरोध के बीच विपक्षी दलों के सांसदों ने एक नए और प्रतीकात्मक विरोध का रास्ता चुना है। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक राजघाट पर आज सुबह विपक्षी सांसदों का एक बड़ा काफिला पहुंचा। महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर इन सभी सांसदों ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संसदीय प्रणाली के हालातों को लेकर मौन धरना दिया।

संसद भवन से निकलकर सीधे राजघाट पहुंचे इन सांसदों के हाथों में संविधान की प्रतियां और देश में लोकतांत्रिक मर्यादाओं की बहाली से जुड़े नारे लिखे बैनर नजर आए। विपक्ष का कहना है कि संसद के भीतर उनकी आवाज को लगातार कुचला जा रहा है और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से सरकार बच रही है। इसी के विरोध स्वरूप राष्ट्रपिता बापू की शरण में आकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात देश के सामने रखने का यह निर्णय लिया गया है।

विपक्ष के इस प्रदर्शन में देश की कई प्रमुख विपक्षी पार्टियों के वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल रहे। सुबह से ही राजघाट परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। विपक्षी नेताओं ने एक सुर में कहा कि देश के संघीय ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं पर जिस तरह के खतरे मंडरा रहे हैं, उसके खिलाफ जनता को जागरूक करना उनका नैतिक दायित्व है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

महात्मा गांधी की समाधि के समक्ष मौन व्रत और संविधान की रक्षा का संकल्प

राजघाट पर पहुंचे सांसदों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उसके बाद वहां मौन व्रत धारण कर बैठ गए। इस दौरान विपक्षी खेमे के नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा सत्य, अहिंसा और संवाद की वकालत की थी, लेकिन वर्तमान सरकार संसद के भीतर संवाद की हर परंपरा को तोड़ने का काम कर रही है।

सांसदों का यह भी आरोप था कि देश की बुनियादी समस्याओं पर सदन के अंदर चर्चा कराने की मांग करने पर विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया जाता है या उनकी माइक म्यूट कर दी जाती है। ऐसे में जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए महात्मा गांधी के सिद्धांतों का स्मरण करना और उनके मार्ग पर चलकर सरकार को आईना दिखाना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

धरने के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने आपाधापी भरी राजनीति से ऊपर उठकर देश के संविधान और भाईचारे को बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश की जो सामाजिक और राजनीतिक आबोहवा है, वह गांधीजी के सपनों के भारत के बिल्कुल विपरीत है। विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार तानाशाही रवैया छोड़2कर लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान नहीं करती, उनका यह वैचारिक संघर्ष विभिन्न माध्यमों से जारी रहेगा।

संसदीय कार्यवाही के बहिष्कार और विरोध की नई रणनीति पर मंथन

राजघाट पर हुए इस धरने को महज एक सांकेतिक विरोध नहीं बल्कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर अपनाई जाने वाली बड़ी रणनीतिक तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स लगातार इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए किस तरह से जनता के बीच जाया जाए।

सांसदों का कहना है कि वे हर उस मंच का इस्तेमाल करेंगे जहां देश के आम नागरिकों की आवाज को बुलंद किया जा सके। संसद के भीतर भले ही सत्ता पक्ष के पास बहुमत का संख्या बल हो, लेकिन सड़क से लेकर समाधि स्थलों तक जनता के मुद्दों को गूंजने से रोकने में सरकार कामयाब नहीं हो पाएगी। विपक्ष की इस लामबंदी से दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है और आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही बेहद हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शीतकालीन सत्र के इन आखिरी दिनों में विपक्ष का यह आक्रामक रुख सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि वह हर मुद्दे पर नियम-कानून के तहत चर्चा करने को तैयार है, बशर्ते सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दिया जाए।

"देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की हर साजिश का हम पुरजोर विरोध करेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श ही आज हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने की शक्ति दे रहे हैं।" — विपक्षी सांसद प्रतिनिधिमंडल

आम जनता से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा न होने का मलाल

धरना स्थल पर मौजूद कई युवा सांसदों ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर संसद के भीतर सार्थक बहस नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि करदाताओं के पैसों से चलने वाली संसद यदि जनता के काम न आ सके, तो ऐसी कार्यप्रणाली का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि देश की जनता जिन उम्मीदों के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजती है, उन उम्मीदों पर पानी फेरा जा रहा है। राजघाट पर मौन धरने के जरिए उन्होंने देशवासियों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर जनहित की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे।

इस विरोध प्रदर्शन के बाद अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच किसी प्रकार की आम सहमति बन पाती है या फिर संसद के शेष सत्र में गतिरोध और गहराएगा। फिलहाल राजनीतिक पटल पर यह घटनाक्रम एक नया मोड़ लेकर आया है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

सत्यशोधन या सियासत: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का राजघाट पर हल्ला बोल

सत्यशोधन या सियासत: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का राजघाट पर हल्ला बोल

लोकतंत्र बचाने की जंग या सियासी ड्रामा: चुनाव आयोग के खिलाफ राजघाट पर सड़कों पर उतरे राहुल और प्रियंका

लोकतंत्र बचाने की जंग या सियासी ड्रामा: चुनाव आयोग के खिलाफ राजघाट पर सड़कों पर उतरे राहुल और प्रियंका

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ाई तेज; अभिजीत दीपके को मिला ध्रुव राठी का साथ, बेंगलुरु में हल्ला बोल

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ाई तेज; अभिजीत दीपके को मिला ध्रुव राठी का साथ, बेंगलुरु में हल्ला बोल

राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने लिया हिरासत में, जंतर-मंतर जाने से रोका

राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने लिया हिरासत में, जंतर-मंतर जाने से रोका

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती और सेल्फ रेस्पेक्ट का सवाल

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती और सेल्फ रेस्पेक्ट का सवाल

राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह: राहुल, प्रियंका और खरगे ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चा

राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह: राहुल, प्रियंका और खरगे ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चा

रियाद जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी, हूतियों के हमले की खबर से मचा हड़कंप

रियाद जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी, हूतियों के हमले की खबर से मचा हड़कंप

पंजाब में राजनीतिक हलचल और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मान सरकार का बड़ा कदम

पंजाब में राजनीतिक हलचल और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मान सरकार का बड़ा कदम

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘rahul-gandhi-jantar-mantar-protest’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

सत्यशोधन या सियासत: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का राजघाट पर हल्ला बोलPOLITICS

सत्यशोधन या सियासत: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का राजघाट पर हल्ला बोल

8 अक्टू॰29
लोकतंत्र बचाने की जंग या सियासी ड्रामा: चुनाव आयोग के खिलाफ राजघाट पर सड़कों पर उतरे राहुल और प्रियंकाPOLITICS

लोकतंत्र बचाने की जंग या सियासी ड्रामा: चुनाव आयोग के खिलाफ राजघाट पर सड़कों पर उतरे राहुल और प्रियंका

8 अक्टू॰31
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ाई तेज; अभिजीत दीपके को मिला ध्रुव राठी का साथ, बेंगलुरु में हल्ला बोलPOLITICS

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ाई तेज; अभिजीत दीपके को मिला ध्रुव राठी का साथ, बेंगलुरु में हल्ला बोल

8 अक्टू॰41
राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने लिया हिरासत में, जंतर-मंतर जाने से रोकाPOLITICS

राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने लिया हिरासत में, जंतर-मंतर जाने से रोका

7 अक्टू॰51
'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती और सेल्फ रेस्पेक्ट का सवालPOLITICS

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती और सेल्फ रेस्पेक्ट का सवाल

8 अक्टू॰37
राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह: राहुल, प्रियंका और खरगे ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चाPOLITICS

राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह: राहुल, प्रियंका और खरगे ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चा

8 अक्टू॰37
रियाद जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी, हूतियों के हमले की खबर से मचा हड़कंपPOLITICS

रियाद जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी, हूतियों के हमले की खबर से मचा हड़कंप

8 अक्टू॰37
पंजाब में राजनीतिक हलचल और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मान सरकार का बड़ा कदमPOLITICS

पंजाब में राजनीतिक हलचल और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मान सरकार का बड़ा कदम

8 अक्टू॰51
विज्ञापन • ADVERTISEMENT