नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय रेलवे ने देश के करोड़ों यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर का ऐलान किया है। अब पटरियों पर जल्द ही 24 कोच वाली हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। रेलवे बोर्ड की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 50 नए स्लीपर ट्रेनसेट तैयार किए जा रहे हैं। इन अत्याधुनिक ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी, जिससे लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों का समय बहुत अधिक बचेगा। इस नई पहल से देश के प्रमुख महानगरों के बीच रेल यात्रा का पूरा अनुभव ही बदल जाएगा।
इस कड़ी में सबसे बड़ा फायदा देश के दो बड़े तकनीकी और आर्थिक केंद्रों बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर करने वाले लोगों को मिलने वाला है। अब तक इन दोनों शहरों के बीच ट्रेन से आने-जाने में करीब 22 से 24 घंटे का लंबा समय लग जाता था। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी और वे विमान या सड़क मार्ग का विकल्प तलाशने पर मजबूर होते थे। लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आने से यह दूरी सिर्फ 16 घंटे में तय हो जाएगी। पिछले करीब 30 सालों से इस रूट पर एक बेहतर और तेज गति वाली स्लीपर ट्रेन की मांग की जा रही थी जो अब पूरी होने जा रही है।
1137 किलोमीटर की दूरी अब सिर्फ 16 घंटे में होगी तय
बेंगलुरु और मुंबई के बीच की कुल दूरी करीब 1137 किलोमीटर है। मौजूदा समय में इस दूरी को तय करने में एक पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। लेकिन नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस पूरे रास्ते को बहुत कम समय में नाप लेगी। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस ट्रेन का संचालन पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेन के भीतर झटके महसूस नहीं होंगे और पटरियों पर इसकी पकड़ बेहद मजबूत और सुरक्षित होगी।
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल इस सफर के खर्च और खान-पान को लेकर है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ट्रेन का किराया आम लोगों के बजट को ध्यान में रखकर तय किया जा सकता है। इसमें लगभग 3000 रुपये के आसपास का किराया हो सकता है जिसमें नाश्ते और खाने की सुविधा भी शामिल हो सकती है। हालांकि रेलवे बोर्ड की तरफ से अभी तक आधिकारिक और अंतिम किराए की सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन अनुमान है कि यह सफर प्रीमियम बसों और विमान यात्रा के मुकाबले काफी किफायती और आरामदायक साबित होगा।
देशभर में 50 अत्याधुनिक ट्रेनसेट तैयार करने का बड़ा प्लान
सिर्फ एक रूट ही नहीं, बल्कि रेलवे का यह प्लान पूरे देश के लिए बहुत बड़ा कदम है। सरकार की योजना आने वाले समय में ऐसे 50 नए ट्रेनसेट पटरियों पर उतारने की है। इन ट्रेनों में कुल 24 कोच होंगे जिनमें एसी 3-टीयर, एसी 2-टीयर और फर्स्ट एसी की आधुनिक बोगियां शामिल होंगी। रात के सफर को बेहद आरामदायक बनाने के लिए बर्थ के डिजाइन में खास बदलाव किए गए हैं। गद्दे और सीट्स को इस तरह से बनाया गया है कि लंबी यात्रा के दौरान शरीर थकावट महसूस न करे।
जमीनी स्तर पर रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म्स को भी इन लंबी 24 कोच वाली ट्रेनों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। सिग्नल सिस्टम और पटरियों की क्षमता को भी लगातार सुधारा जा रहा है ताकि ट्रेन बिना किसी रुकावट के अपनी अधिकतम रफ्तार हासिल कर सके। इसके अलावा अमृत भारत एक्सप्रेस और अन्य वंदे भारत श्रेणियों पर भी तेजी से काम चल रहा है। कुल मिलाकर आने वाले महीनों में भारतीय रेलवे की सूरत पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी और आम आदमी का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुगम हो जाएगा।
यात्रियों के लिए कब से शुरू होगी बुकिंग और क्या हैं उम्मीदें
आम जनता और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के मन में अब यही सवाल है कि यह ट्रेन कब से पटरियों पर उतरेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती ट्रायल और टेस्टिंग का काम अंतिम चरण में है। जैसे ही इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री से ट्रेनसेट को हरी झंडी मिलेगी, रूट के हिसाब से तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा। त्योहारी सीजन या नए साल से पहले इस सेवा के शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
द फ्रीलान्स की टीम ने जब बेंगलुरु और मुंबई के स्थानीय यात्रियों से बात की, तो उनमें गजब का उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि अगर यह ट्रेन वादे के मुताबिक 16 घंटे में सफर पूरा करती है और किराया बजट में रहता है, तो यह उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। रेलवे की यह कोशिश न सिर्फ समय बचाएगी बल्कि भारतीय परिवहन व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रेलवे कब इसकी पहली आधिकारिक घोषणा करता है।







