एशियन गेम्स 2026 का काउंटडाउन शुरू: किन खेलों पर टिकी हैं देश की नजरें
महाद्वीपीय खेलों के महाकुंभ यानी एशियन गेम्स 2026 का रोमांच जल्द ही परवान चढ़ने वाला है। खेलप्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार भारतीय दल का प्रदर्शन कैसा रहेगा। पिछले संस्करण के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद इस बार उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस बार भी कई स्पर्धाओं में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराएगा।
भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालयों की तैयारियों के बीच एथलीटों ने पसीना बहाना शुरू कर दिया है। प्रतियोगिता के दौरान हर दिन आने वाले नतीजे पदक तालिका की तस्वीर बदलेंगे। फैंस अपने चहेते खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस बार कई युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका मिलने जा रहा है।
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नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी: एथलेटिक्स में भारत को बड़ा झटका
भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में हमेशा की तरह एथलेटिक्स, शूटिंग और तीरंदाजी शामिल हैं। एथलेटिक्स में इस बार भारत के 79 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पिछली बार हांगझोउ में भी एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा था, जहां भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 29 पदक अपने नाम किए थे।
हालांकि, इस बार भारत को एथलेटिक्स में एक बड़ा झटका लगा है। देश के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 2026 एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगे। चोट के चलते उन्होंने इस सीजन से हटने का कड़ा फैसला किया है। नीरज ने 2018 और 2022 के एशियन गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में लगातार गोल्ड मेडल जीते थे। उनकी कमी निश्चित रूप से खिलेगी, लेकिन टीम के बाकी खिलाड़ी इस कमी को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अनुभवी खिलाड़ियों पर दारोमदार: अविनाश साबले और अन्नू रानी से उम्मीदें
नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय एथलेटिक्स टीम कमजोर नहीं आंकी जा सकती है। भारत के पास अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी जैसे बेहद अनुभवी और मंजे हुए खिलाड़ी मौजूद हैं, जिनसे पोडियम फिनिश की पूरी उम्मीद है। इन खिलाड़ियों ने पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक और फील्ड के इन दिग्गजों का अनुभव युवा खिलाड़ियों का भी हौसला बढ़ाएगा। प्रतियोगिताओं में कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे, लेकिन भारतीय एथलीटों की हालिया फॉर्म को देखते हुए पदक आने की पूरी संभावना बनी हुई है। देश के करोड़ों खेलप्रेमियों की दुआएं इन खिलाड़ियों के साथ हैं।
शूटिंग, तीरंदाजी और टीम खेलों में भारत की मजबूत दावेदारी
शूटिंग और तीरंदाजी में भी भारत के पास बेहद मजबूत और पैनी दावेदारी है। पिछले हांगझोउ खेलों में तीरंदाजी ने भारत को कई ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलाए थे। इस बार भी ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवतले जैसे शीर्ष कंपाउंड तीरंदाजों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके अलावा शूटिंग रेंज में भी युवा और अनुभवी निशानेबाजों का मिश्रण भारत की झोली में कई पदक डाल सकता है।
व्यक्तिगत खेलों के अलावा टीम खेलों में हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें बने हुए हैं। पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमें इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रही हैं। हॉकी और कबड्डी में पारंपरिक रूप से भारत का दबदबा रहा है और इन टीमों का लक्ष्य केवल और केवल स्वर्ण पदक जीतना होगा।
"हमारा लक्ष्य हर स्पर्धा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना और देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना है। हमारे एथलीट पूरी तरह तैयार हैं।"— खेल विशेषज्ञ एवं विश्लेषक
चीन की मजबूत शुरुआत और पदक तालिका का पूरा गणित
एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका में चीन पारंपरिक रूप से अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। शुरुआती दौर में चीन कई स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। देशवार रैंकिंग और मेडल टैली हर नए खेल और इवेंट के नतीजे के साथ तेजी से अपडेट होती है।
आपको बता दें कि एशियन गेम्स की पदक तालिका में देशों की रैंकिंग तय करने का एक खास नियम होता है। रैंकिंग सबसे पहले स्वर्ण पदक यानी गोल्ड मेडल की संख्या के आधार पर तय की जाती है। जिस देश के पास सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल होते हैं, वह तालिका में सबसे ऊपर रहता है। यदि गोल्ड मेडल की संख्या बराबर हो जाती है, तब सिल्वर और उसके बाद ब्रॉन्ज मेडल की संख्या देखी जाती है। केवल कुल पदकों की संख्या रैंकिंग तय करने का एकमात्र आधार नहीं होती है।
हांगझोउ 2023 का स्वर्णिम इतिहास और इस बार की उम्मीदें
एशियन गेम्स के इतिहास में चीन ने कुल मिलाकर सबसे ज्यादा पदक जीते हैं। हांगझोउ 2022 (जो 2023 में आयोजित हुआ था) तक चीन के नाम हजारों पदक दर्ज थे। हालांकि, भारत के लिहाज से पिछला संस्करण बेहद यादगार रहा था।
2023 में आयोजित हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने अपना अब तक का ऑल-टाइम बेस्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 106 पदक जीते थे। इनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। यह इतिहास में पहली बार था जब भारत ने किसी एक एशियन गेम्स में 100 से ज्यादा पदक जीतने का जादुई आंकड़ा पार किया था। इस बार भी देश को अपने खिलाड़ियों से इसी तरह के जुझारू और ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद है। प्रतियोगिता के दौरान हर अपडेट खेल प्रेमियों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला साबित होगा।





