साहिबगंज में खेल प्रतिभाओं का महाकुंभ
झारखंड के साहिबगंज जिले में पिछले दो दिनों से खेल का माहौल पूरी तरह से गर्माया हुआ था। सिद्धू कान्हू स्टेडियम में आयोजित 'खेलो झारखंड' प्रतियोगिता का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य राज्य के सुदूर इलाकों से उभरती हुई खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि साहिबगंज के गांवों और कस्बों में हुनर की कोई कमी नहीं है।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन मुख्य रूप से एथलेटिक्स, कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों में छात्र-छात्राओं के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सुबह से ही मैदान पर खिलाड़ियों की भीड़ और उत्साह देखते ही बनता था। हर टीम अपने-अपने प्रखंड का प्रतिनिधित्व कर रही थी और जीत के लिए अपनी पूरी ऊर्जा झोंक रही थी।
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खो-खो और कबड्डी में दिखा कस्तूरबा की बेटियों का दम
खो-खो और कबड्डी के मुकाबलों में इस बार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का दबदबा रहा। बालिका खो-खो प्रतियोगिता में कस्तूरबा बोरियो की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, बरहरवा के उत्क्रमित उच्च विद्यालय इस्लामपुर की टीम उपविजेता रही। खेल शिक्षकों का कहना है कि इन लड़कियों ने जिस तरह से फुर्ती और रणनीति का प्रदर्शन किया, वह काबिले तारीफ है।
कबड्डी के मैदान पर भी कस्तूरबा राजमहल की टीम का जलवा रहा, जिन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। हालांकि, साहिबगंज नगरपालिका की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी और उपविजेता के रूप में अपना नाम दर्ज कराया। बालक वर्ग में डीसीएसएमओई, तालझारी की टीम ने कबड्डी में अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि विशनपुर के खिलाड़ियों ने भी सराहनीय खेल दिखाया।
एथलेटिक्स में साहिबगंज के धावकों ने भरी उड़ान
एथलेटिक्स में साहिबगंज प्रखंड के खिलाड़ियों ने ट्रैक पर अपनी गति का लोहा मनवाया। 4x100 मीटर रिले दौड़ में संतोष मुर्मू, परमा हांसदा, आयुष कुमार और कृष्णा कुमार की टीम ने जिस लय के साथ दौड़ पूरी की, उसने दर्शकों का मन मोह लिया। रिले दौड़ में समन्वय और गति का जो तालमेल दिखा, वह आने वाले राज्य स्तरीय मुकाबलों के लिए एक शुभ संकेत है।
साहिबगंज की खेल प्रतिभाओं ने आज सिद्धू कान्हू स्टेडियम में जो प्रदर्शन किया है, वह यह दिखाता है कि सही दिशा में मेहनत करने पर हमारे बच्चे राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने की क्षमता रखते हैं। जिला स्तरीय चयन के बाद अब इन खिलाड़ियों को और अधिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। — उर्मिला हांसदा, जिला शिक्षा अधीक्षक
तालझारी प्रखंड की एथलीटों ने भी बालिका वर्ग में अपनी धाक जमाई। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों को यदि नियमित अभ्यास और उचित सुविधाएं मिलती रहें, तो वे न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी झारखंड का नाम रोशन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण और भविष्य की उम्मीदें
इस आयोजन में कोच योगेश यादव, अशोक साहनी और निमाई चौधरी जैसे तकनीकी विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को बारीकी से परखा। इन प्रशिक्षकों का मानना है कि 'खेलो झारखंड' जैसा मंच ग्रामीण स्तर के उन खिलाड़ियों के लिए संजीवनी है, जो आर्थिक अभाव या सुविधाओं की कमी के कारण पीछे छूट जाते थे।
प्रतियोगिता में साहिबगंज के पहलवान अंकुश की हालिया उपलब्धि का भी जिक्र किया गया, जिन्होंने वर्ल्ड ट्रायल में जगह बनाकर जिले को गर्व महसूस कराया है। यह सफलता अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उन्हें आगे के कठिन मुकाबलों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
निष्कर्ष: अब राज्य स्तर पर होगी असली अग्निपरीक्षा
साहिबगंज में आयोजित यह जिला स्तरीय प्रतियोगिता केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह राज्य स्तरीय मंच के लिए एक सीढ़ी थी। यहाँ चयनित खिलाड़ी अब राज्य की राजधानी में होने वाले बड़े मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। साहिबगंज के प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जिस तरह से इस कार्यक्रम को व्यवस्थित किया है, उससे खिलाड़ियों का हौसला दोगुना हुआ है। आने वाले समय में ये खिलाड़ी राज्य का गौरव बनेंगे, ऐसी पूरी उम्मीद है।




