साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए एक नया और खतरनाक हथकंडा अपनाया है। गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर मोबाइल पर एक विशेष एपीके (APK) फाइल भेजने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। इस शातिर गैंग ने एक बुजुर्ग को अपनी ठगी का शिकार बनाते हुए उनके बैंक खाते से पांच लाख रुपये से अधिक की रकम उड़ा ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस बड़े नेटवर्क की परतें उधड़ने लगी हैं।
ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
यह पूरा मामला एक बुजुर्ग की शिकायत के बाद प्रकाश में आया। आरोपियों ने बुजुर्ग के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा जिसमें दावा किया गया कि यदि तुरंत गैस बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। मैसेज में दिए गए नंबर पर जब बुजुर्ग ने संपर्क किया, तो ठगों ने उन्हें एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही उस फाइल को फोन में इंस्टॉल किया गया, शातिरों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते से 5,12,334 रुपये ट्रांसफर कर लिए।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का सरगना टेलीग्राम और अन्य माध्यमों से नागरिकों का गोपनीय डेटा खरीदता था। आरोपियों के पास से करीब 20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं और एक हजार बैंक ग्राहकों का डेटा बरामद हुआ है। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन शातिरों ने कम से कम 116 लोगों को इसी तरह की खतरनाक एपीके फाइलें भेजी थीं।
क्या है एपीके फाइल और क्यों है यह खतरनाक?
APK यानी एंड्रॉइड पैकेज किट (Android Package Kit) एक ऐसा फाइल फॉर्मेट है जिसका उपयोग एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर ऐप्स को इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। साइबर अपराधी अक्सर अज्ञात स्रोतों से भेजी गई इन फाइलों का इस्तेमाल मालवेयर फैलाने और यूजर के फोन का पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए करते हैं। एक बार यह फाइल फोन में इंस्टॉल हो जाने पर ठग पीड़ित के निजी डेटा, बैंक ऐप्स और ओटीपी तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
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