स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के बावजूद आज भी समाज के एक बड़े वर्ग में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नीम-हकीमों और अंधविश्वास भरे घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने की प्रवृत्ति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल बिरादरी को भी हैरान कर दिया है। पाइल्स (बवासीर) के असहनीय दर्द से परेशान एक मरीज ने नीम-हकीम के चक्कर में ऐसा खतरनाक कदम उठाया कि उसकी जान पर बन आई।
नीम-हकीम की सलाह पड़ी भारी, शरीर के अंदर गया डेढ़ किलो का पत्थर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कानपुर के रहने वाले एक व्यक्ति को बवासीर की गंभीर समस्या थी। बीमारी के दर्द और इलाज को लेकर झिझक के चलते उसने किसी नीम-हकीम की सलाह ले ली। नीम-हकीम ने उसे गर्म पत्थर से सिकाई करने का अजीबोगरीब नुस्खा बताया। मरीज ने पत्थर को गर्म किया और सिकाई शुरू कर दी। लेकिन इस दौरान उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि लापरवाही का यह तरीका उसके लिए कितना खतरनाक साबित होने वाला है। सिकाई के दौरान अचानक करीब डेढ़ किलो वजनी पत्थर उसके शरीर के अंदर चला गया।
शुरुआत में मरीज समझ ही नहीं पाया कि स्थिति से कैसे निपटे। लेकिन धीरे-धीरे उसका दर्द और तकलीफ इतनी बढ़ गई कि उसके लिए उठना-बैठना और चलना-फिरना भी मुश्लिक हो गया। आखिरकार, जब बर्दाश्त से बाहर हुआ तो परिजन उसे लेकर कानपुर के प्रसिद्ध उर्सला जिला अस्पताल पहुंचे।
X-ray में खुला राज, डॉक्टरों के उड़े होश
अस्पताल पहुंचने पर मरीज ने डॉक्टरों को अपनी परेशानी सिर्फ पाइल्स बताई, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को भांपते हुए डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने तुरंत एक्स-रे कराने का फैसला किया। जब एक्स-रे रिपोर्ट सामने आई तो डॉक्टरों की आंखें खुली की खुली रह गईं। रिपोर्ट में शरीर के अंदर एक भारी-भरकम पत्थर साफ दिखाई दे रहा था।
डॉक्टरों ने जब मरीज से सख्ती और संवेदनशीलता के साथ दोबारा पूछताछ की, तो उसने पूरी सच्चाई बयां कर दी। उसने बताया कि कैसे सिकाई के दौरान यह हादसा हुआ था। डॉक्टर प्रशांत मिश्रा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मरीज की जान बचाते हुए इस भारी वस्तु को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई और कई घंटे तक चली जटिल सर्जरी के बाद आखिरकार उस डेढ़ किलो के पत्थर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
डॉक्टरों की चेतावनी: अंधविश्वास और नीम-हकीम से बचें
सफल ऑपरेशन के बाद अब मरीज पूरी तरह खतरे से बाहर है और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहा है। अपनी गलती स्वीकार करते हुए मरीज का कहना है कि दर्द से निजात पाने के चक्कर में उसने बहुत बड़ी गलती कर दी थी, और अब वह भविष्य में कभी ऐसी भूल नहीं करेगा।
वहीं, इस मामले पर डॉ. प्रशांत मिश्रा ने लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बवासीर या किसी अन्य गुप्त रोग की स्थिति में लोग शर्म या झिझक के कारण नीम-हकीमों या इंटरनेट के बहकावे में आकर खतरनाक घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर इस तरह के प्रयोग जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसलिए किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत योग्य और पेशेवर चिकित्सक से ही परामर्श लेना चाहिए।
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