तेजी से अमीर बनने की चाहत में लोग अक्सर कानून के दायरे को लांघ जाते हैं, लेकिन कई बार उनका यह सफर सलाखों के पीछे जाकर ही थमता है। हाल ही में एक ऐसी ही सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां अपराध की दुनिया की एक लोकप्रिय वेब सीरीज से प्रेरित होकर शातिर किस्म के अपराधियों ने घर में ही नकली नोट छापने की फैक्ट्री शुरू कर दी थी। पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में जाली करेंसी और उपकरण बरामद किए हैं।
वेब सीरीज 'फर्जी' से मिला खतरनाक आइडिया
जांच के दौरान पुलिस के सामने हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें यह पूरा आइडिया एक चर्चित वेब सीरीज 'फर्जी' को देखकर आया था। सीरीज देखने के बाद उन्हें लगा कि इस तरीके से आसानी और तेजी से मोटी कमाई की जा सकती है। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब की मदद से नोट छापने की तकनीक सीखी। आरोपी दिल्ली के एक फ्लैट में रहकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे और बाद में अलग-अलग इलाकों में नकली नोटों की सप्लाई करते थे।
महाराष्ट्र से मंगाया जाता था खास प्रिंटिंग पेपर
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। सामान्य प्रिंटिंग पेपर की जगह वे खास तरह के कागज का इस्तेमाल करते थे जो हूबहू असली नोटों के कागज जैसा प्रतीत होता था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विशेष पेपर महाराष्ट्र से एक अन्य शख्स के जरिए भेजा जाता था। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और बरामदगी
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक रणनीतिक घेराबंदी करते हुए तीन आरोपियों—शुभम, महेंद्र और टीनू को धर दबोचा। इनके कब्जे से 5 लाख 26 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और प्रिंटिंग सामग्री बरामद की गई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले इस गिरोह के बाकी गुर्गों की तलाश भी तेजी से की जा रही है, और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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