देश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देने के लिए मध्य प्रदेश में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 अक्टूबर को ग्वालियर में एशिया के पहले 'टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन' (TMZ) के भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे। श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित इस TMZ में निवेश करने वाली 24 से ज्यादा ग्लोबल कंपनियां भी इस मौके पर अपने प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि पूजन करेंगी।
टेलीकॉम हब के रूप में उभरेगा मध्य प्रदेश
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा और तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया था कि अब तक 24 कंपनियों ने कुल 5500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमा किए हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में लगभग 18,000 नौकरियां पैदा होंगी। यह प्रोजेक्ट न केवल बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करेगा, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और रोजगार के नए मौकों का एक पूरा इकोसिस्टम भी विकसित करेगा।
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'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल और सरकारी सहायता
इस प्रोजेक्ट को स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) की तर्ज पर एक खास 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। इसके तहत कंपनियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी इंडस्ट्रियल माहौल मिलेगा, जिससे वे कम समय में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 493 करोड़ रुपये की 100% वित्तीय सहायता दे रही है, जबकि राज्य सरकार ने लगभग 170 एकड़ जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई है।
इस रिपोर्ट से संबंधित सभी तथ्य आधिकारिक घोषणाओं और प्रशासनिक दस्तावेजों पर आधारित हैं। 'The Freelance' इसकी सत्यता और प्रगति की नियमित निगरानी करता है। साभार: पीटीआई / आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।








