होम/राज्य/लद्दाख में फिर गरमाया पूर्ण राज्य का मुद्दा: सोनम वांगचुक की अगुवाई में 23-24 सितंबर को होगी पदयात्रा, क्या हैं इसके मायने?
राज्यपढ़ने में समय: 4 मिनट

लद्दाख में फिर गरमाया पूर्ण राज्य का मुद्दा: सोनम वांगचुक की अगुवाई में 23-24 सितंबर को होगी पदयात्रा, क्या हैं इसके मायने?

केंद्र सरकार के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद लद्दाख में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के नेतृत्व में प्रतिनिधि संगठन अब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
18 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
लद्दाख में फिर गरमाया पूर्ण राज्य का मुद्दा: सोनम वांगचुक की अगुवाई में 23-24 सितंबर को होगी पदयात्रा, क्या हैं इसके मायने?
📷 लद्दाख में फिर गरमाया पूर्ण राज्य का मुद्दा: सोनम वांगचुक की अगुवाई में 23-24 सितंबर को होगी पदयात्रा, क्या हैं इसके मायने? — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।
  • लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने केंद्र के साथ बातचीत में ठोस प्रगति न होने पर निराशा जताई है।
  • सोनम वांगचुक ने खराब मौसम के चलते 6 दिवसीय यात्रा को बदलकर 23 और 24 सितंबर को एक प्रतीकात्मक पदयात्रा घोषित किया है।

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग एक बार फिर देश की राजनीतिक सुर्खियों के केंद्र में आ गई है। केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रमुख प्रतिनिधि संगठनों के बीच चल रही वार्ताओं में अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण अब स्थानीय स्तर पर असंतोष उभरने लगा है। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है।

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन की तैयारी

बीते 9 सितंबर को गृह मंत्रालय की सब-कमेटी के साथ लद्दाख के प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में क्षेत्र के विकास, पूर्ण राज्य और अन्य संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई थी। हालांकि, बैठक के बाद लद्दाख के प्रतिनिधि संगठनों ने खुले तौर पर निराशा जताई और कहा कि सरकार की तरफ से उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसके बाद से ही क्षेत्र में नए सिरे से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें स्थानीय लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है।

📷 सोनम वांगचुक और लद्दाख के स्थानीय प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर लगातार मुखर हैं।
विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

सोनम वांगचुक निकालेंगे पदयात्रा, बदला गया शेड्यूल

परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 23 और 24 सितंबर को एक विशेष पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। पहले इस यात्रा को छह दिनों का लंबा कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन लद्दाख के पहाड़ी इलाकों में बढ़ती ठंड और खराब मौसम के मिजाज को देखते हुए इसके दिनों में बदलाव किया गया है। अब यह एक प्रतीकात्मक 20 किलोमीटर की पदयात्रा होगी, जिसके बाद 24 सितंबर को शहीदों को याद करते हुए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।

"लद्दाख के लोगों की पहचान, पर्यावरण और संस्कृति की रक्षा के लिए हमें संवैधानिक सुरक्षा की सख्त जरूरत है। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं और हमें उम्मीद है कि हमारी मांगें पूरी होंगी।" — सोनम वांगचुक, पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता

क्या होता है पूर्ण राज्य का दर्जा और इसके फायदे?

आम जनता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर 'पूर्ण राज्य का दर्जा' मिलने से किसी क्षेत्र या केंद्र शासित प्रदेश में क्या बदलाव आता है? सरल शब्दों में कहें तो पूर्ण राज्य का मतलब एक ऐसा स्वतंत्र क्षेत्र है जो अपने आंतरिक और प्रशासनिक फैसले खुद ले सके। पूर्ण राज्य बनने पर वहां एक चुनी हुई विधानसभा होती है, जनता अपना मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद चुनती है। इसके अलावा, राज्य सरकार के पास कानून बनाने और स्थानीय स्तर पर टैक्स वसूलने के पूर्ण अधिकार होते हैं, जो फिलहाल लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे तौर पर उपराज्यपाल के अधीन आते हैं।

छठी अनुसूची और अन्य प्रमुख मांगें

पूर्ण राज्य के अलावा लद्दाख के संगठन संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष सुरक्षा की भी पुरजोर मांग कर रहे हैं। छठी अनुसूची मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत के आदिवासी क्षेत्रों में स्वायत्त जिला परिषदों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और जमीन की रक्षा करती है। लद्दाख के नेताओं का मानना है कि इस तरह के सुरक्षा कवच से वहां की जमीनों, नौकरियों और अनोखी संस्कृति को बाहरी हस्तक्षेप से बचाया जा सकेगा। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरीSTATES

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

24 सित॰
एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसSTATES

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

24 सित॰
वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवालSTATES

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

24 सित॰
वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होशSTATES

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

23 सित॰
वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जानSTATES

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

23 सित॰
वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचराSTATES

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

22 सित॰
वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'STATES

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

21 सित॰
सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीदSTATES

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

21 सित॰