उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शासन ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। हालिया तबादला सूची के अनुसार, एडीजी (ADG) से लेकर एसपी (SP) स्तर के कुल 20 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। इस बड़े फेरबदल के तहत राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तानों को बदला गया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
प्रमुख जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती
तबादला एक्सप्रेस के तहत जिन जिलों के कप्तान बदले गए हैं, उनमें बाराबंकी, बस्ती, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और जालौन प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की स्थिति को और प्रभावी बनाने के लिए इन नियुक्तियों को बेहद अहम माना जा रहा है।
सूची के अनुसार, रवीना त्यागी को बाराबंकी का एसपी, ओमवीर सिंह को बस्ती का एसपी और ए. राजा को बलिया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके साथ ही, सर्वेश मिश्रा को मऊ की कमान सौंपी गई है, जबकि विनय कुमार सिंह गाजीपुर के नए एसपी होंगे। मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिले में सूरज कुमार राय को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूर्णेन्दु सिंह को बागपत, मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ और सुरेश चंद्र रावत को जालौन का एसपी नियुक्त किया गया है।
एडीजी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव
केवल जिलों के कप्तान ही नहीं, बल्कि उच्च स्तर पर भी कई फेरबदल किए गए हैं। सतीश गणेश को एडीजी क्राइम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, वहीं भगवान स्वरूप को एडीजी टेक्निकल के साथ-साथ एडीजी क्राइम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यशवीर सिंह को जौनपुर का एसपी बनाया गया है, जबकि कुंवर ज्ञानंजय सिंह को प्रयागराज और अर्पित विजयवर्गीय को लखनऊ में डीसीपी (DCP) की अहम जिम्मेदारी मिली है।
इसके अतिरिक्त, कमलेश बहादुर को एसपी लोक शिकायत, कुंवर अनुपम सिंह को पीएसी मुख्यालय लखनऊ और संजय कुमार को चौथी वाहिनी प्रयागराज का सेनानायक बनाया गया है। चिराग जैन को बरेली में एसपी सिटी और मानुष पारीक को आजमगढ़ में एसपी सिटी की कमान सौंपी गई है, जबकि आलोक राज नारायण को मथुरा का एडिशनल एसपी बनाया गया है।
यह समाचार प्रशासनिक ट्रांसफर और आधिकारिक आदेशों पर आधारित है। 'The Freelance' इसकी तथ्यात्मक सटीकता के साथ-साथ प्रशासनिक बदलावों की निरंतर निगरानी करता है। साभार: उत्तर प्रदेश शासन / पीटीआई।








