देशभर में बदला मौसम का मिजाज
देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ घंटों के भीतर देश के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश देखने को मिलेगी। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक कई जगहों पर काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर पानी बरस रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया मौसमी सिस्टम एक्टिव होने की वजह से बारिश का यह दौर फिर से शुरू हुआ है। खासकर तटीय इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे सफर के दौरान पूरी सावधानी बरतें।
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16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने साफ किया है कि देश के करीब 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली-NCR समेत कई अन्य राज्य शामिल हैं। इन सभी जगहों पर लोकल प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है क्योंकि लगातार पानी गिरने से जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसके अलावा किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है।
70 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान लोगों को पेड़ों और कमजोर बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की हिदायत दी गई है।
तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते उड़ानों और रेल यातायात पर भी असर पड़ सकता है। रेलवे और एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी गाड़ियों और ट्रेनों का शेड्यूल जरूर चेक कर लें ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।
"मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए सभी संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।" — मौसम विभाग अधिकारी, IMD
पहाड़ी इलाकों में भी बिगड़े हालात
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश आफत बनकर बरस रही है। कई जगहों पर छोटे-बड़े भूस्खलन की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके कारण रास्तों को बंद करना पड़ा है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को भी मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन लगातार रास्तों से मलबा हटाने के काम में जुटा हुआ है ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों तक मौसम का यह तेवर ऐसा ही बना रह सकता है, इसलिए लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।




