बैंकों की लंबी छुट्टियों और हड़ताल से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अगर आप किसी सरकारी या निजी बैंक में अपना खाता संचालित करते हैं और आने वाले दिनों में बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सितंबर महीने का आखिरी हफ्ता आम जनता और बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी मुश्किलें लेकर आ रहा है। एक तरफ जहां वीकेंड की छुट्टियां पड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इन दोनों वजहों से लगातार कई दिनों तक बैंक के दरवाजे बंद रह सकते हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी के वित्तीय लेन-देन और जरूरी कागजी कामकाज पर पड़ेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई अन्य प्रमुख बैंकों ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी किया है। बैंकों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ग्राहक किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी बैंकिंग से जुड़ी योजनाएं पहले ही बना लें और 25 सितंबर से पहले अपने सभी जरूरी काम हर हाल में पूरा कर लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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लगातार पांच दिनों तक ठप रह सकता है कामकाज
बैंकों की छुट्टियों और हड़ताल का जो शेड्यूल सामने आ रहा है, उसके मुताबिक ग्राहकों को लगातार पांच दिनों तक भारी फजीहत का सामना करना पड़ सकता है। महीने का आखिरी हफ्ता कैलेंडर के हिसाब से छुट्टियों से भरा हुआ है। इसकी शुरुआत शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टियों से होगी। इसके तुरंत बाद बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो जाएगी, जिससे बैंकिंग सेक्टर का पहिया पूरी तरह से थम सकता है।
सामान्य तौर पर शनिवार और रविवार को बैंक बंद ही रहते हैं। इस बार शनिवार 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार है, जिस दिन देश के सभी अनुसूचित और गैर-अनुसूचित बैंकों में अवकाश रहता है। इसके अगले ही दिन यानी रविवार, 27 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इन दो दिनों की छुट्टी के तुरंत बाद यानी सोमवार 28 सितंबर, मंगलवार 29 सितंबर और बुधवार 30 सितंबर को बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर रहने वाले हैं। इस प्रकार देखा जाए तो शनिवार से लेकर बुधवार तक लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहेंगे।
बैंक यूनियनों की हड़ताल और एसबीआई का आधिकारिक अलर्ट
बैंक कर्मचारियों के प्रमुख संगठन 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और नीतियों के विरोध में 28 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिनों की हड़ताल का प्रस्ताव दिया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार और संबंधित प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ताओं के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकला है, जिसके चलते उन्हें यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
"बैंक यूनियनों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए हम अपनी तरफ से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि ग्राहकों को डिजिटल और वैकल्पिक चैनलों के जरिए बुनियादी सेवाएं मिलती रहें। हालांकि, शाखाओं में होने वाले भौतिक कार्य इस दौरान बाधित हो सकते हैं, इसलिए हम अपने सम्मानित ग्राहकों से अनुरोध करते हैं कि वे हड़ताल की तारीखों से पहले ही अपनी बैंकिंग से जुड़ी जरूरतें पूरी कर लें।" — वरिष्ठ बैंक अधिकारी, एसबीआई
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अन्य संचार माध्यमों के जरिए ग्राहकों को आगाह किया है कि हड़ताल की अवधि के दौरान एटीएम, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रखने की पूरी कोशिश की जाएगी, लेकिन बैंक शाखाओं के भीतर होने वाले नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस, लोन अप्रूवल और केवाईसी जैसे कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहेंगे।
सितंबर के आखिरी और अक्टूबर की शुरुआत के दिनों का पूरा गणित
अगर छुट्टियों के इस पूरे चक्र को विस्तार से समझें तो सितंबर के आखिरी नौ दिनों में कामकाजी दिनों की संख्या बहुत ही कम रह जाएगी। 26 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर तक के नौ दिनों के कुल अंतराल में केवल दो दिन ही बैंक खुलेंगे। आइए इस पूरे शेड्यूल को तारीखवार समझते हैं ताकि किसी प्रकार का कन्फ्यूजन न रहे:
- 26 सितंबर: चौथा शनिवार (साप्ताहिक अवकाश, बैंक बंद)
- 27 सितंबर: रविवार (साप्ताहिक अवकाश, बैंक बंद)
- 28 सितंबर: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल (कामकाज ठप)
- 29 सितंबर: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल (कामकाज ठप)
- 30 सितंबर: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल (कामकाज ठप)
- 1 अक्टूबर: बैंक खुलेंगे (सामान्य कामकाज)
- 2 अक्टूबर: गांधी जयंती (राष्ट्रीय अवकाश, बैंक बंद)
- 3 अक्टूबर: शनिवार (बैंक खुले रहेंगे)
- 4 अक्टूबर: रविवार (साप्ताहिक अवकाश, बैंक बंद)
इस प्रकार इन नौ दिनों में केवल 1 अक्टूबर और 3 अक्टूबर को ही बैंक सामान्य रूप से कामकाज के लिए खुलेंगे, जबकि बाकी के सात दिन या तो छुट्टियां रहेंगी या फिर कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
आम जनता और व्यापारियों के लिए जरूरी सलाह
बैंकों के इतने लंबे समय तक बंद रहने का सबसे ज्यादा असर व्यापारिक वर्ग, छोटे दुकानदारों और उन आम नागरिकों पर पड़ता है जिन्हें नगद पैसों की सख्त जरूरत होती है। त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले बैंकों का इस तरह लगातार बंद रहना वित्तीय योजनाओं को बिगाड़ सकता है। वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी इस दौरान पैसों की निकासी में दिक्कत आ सकती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि बैंक ग्राहक अपनी तात्कालिक जरूरतों का आकलन करते हुए पर्याप्त मात्रा में नकदी का प्रबंधन पहले ही कर लें। इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट ऐप्स, यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करके अपने कई काम घर बैठे ही निपटाए जा सकते हैं। हालांकि, बड़े कमर्शियल ट्रांजैक्शन, ड्राफ्ट बनवाने या बैंक अधिकारियों से मिलकर कागजी औपचारिकताएं पूरी करने वाले ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए 25 सितंबर की शाम तक बैंक की अपनी नजदीकी शाखा में जरूर पहुंच जाएं।






