नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने विमानों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में एक विमान के अंदर पावर बैंक में आग लगने की खतरनाक घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद से ही विमानन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई थीं और अब जाकर इस पर सख्त रोक लगा दी गई है।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब इंडिगो एयरलाइंस के एक विमान में अचानक से सफर के दौरान एक यात्री के पावर बैंक से धुआं और आग निकलने लगी। गनीमत यह रही कि क्रू मेंबर ने समझदारी दिखाते हुए स्थिति को तुरंत संभाल लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने विमान के भीतर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। जांच में सामने आया कि कुछ खास ब्रांड और घटिया गुणवत्ता वाले पावर बैंक हवा के दबाव और तापमान में बदलाव के कारण बहुत जल्दी फट जाते हैं।
इंडिगो विमान की घटना के बाद डीजीसीए का कड़ा कदम
इस खतरनाक हादसे के तुरंत बाद डीजीसीए ने एयरलाइंस कंपनियों और सुरक्षा विंग के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में यह तय किया गया कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद डीजीसीए ने उन सभी पावर बैंकों पर बैन लगा दिया है जिनमें आग लगने का जोखिम सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अब चेकिंग के दौरान अगर किसी यात्री के पास प्रतिबंधित ब्रांड का पावर बैंक मिला, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
एजेंसी के इस नए आदेश के बाद देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर सुरक्षा कर्मियों को और ज्यादा मुस्तैद कर दिया गया है। सुरक्षा जांच यानी सिक्योरिटी होल्ड एरिया में अब स्कैनिंग मशीन के जरिए पावर बैंकों की क्षमता और उनके ब्रांड की बारीकी से जांच की जा रही है। यात्रियों को हिदायत दी जा रही है कि वे घर से निकलने से पहले ही अपने इलेक्ट्रॉनिक सामान के बारे में पूरी जानकारी जुटा लें ताकि एयरपोर्ट पर किसी भी तरह की परेशानी या जुर्माने से बच सकें।
यात्रीगण ध्यान दें: एयरपोर्ट जाने से पहले चेक करें अपना पावर बैंक
अगर आप भी आने वाले दिनों में हवाई सफर करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। आपको अपने बैग में रखे पावर बैंक की क्षमता यानी मिलीएम्पियर ऑवर की जांच कर लेनी चाहिए। डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, एक तय सीमा से ज्यादा क्षमता वाले पावर बैंक वैसे भी विमान के केबिन बैग में ले जाने की अनुमति नहीं होती है। इसके अलावा जिन खास ब्रांड्स और मॉडल्स को लेकर चेतावनी जारी की गई है, उन्हें तो भूलकर भी अपने साथ सफर में न रखें।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सफर के दौरान पावर बैंक को हमेशा बंद हालत में रखना चाहिए और उसे किसी भी चालू उपकरण से लगातार कनेक्ट करके नहीं छोड़ना चाहिए। कई बार शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग की वजह से ये उपकरण हवा में ही सुलग जाते हैं जो केबिन के अंदर बैठे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में डाल सकता है। एयरलाइंस कंपनियां भी लगातार एसएमएस और टिकट के जरिए यात्रियों को इन नए नियमों के बारे में जागरूक कर रही हैं।
बाजार में बिकने वाले दूसरे गैजेट्स पर भी पड़ सकता है असर
इस पाबंदी के बाद बाजार में बिकने वाले सस्ते और बिना आईएसआई मार्क वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। लोग अक्सर ऑनलाइन या स्थानीय बाजारों से सस्ते दाम में मिलने वाले चाइनीज पावर बैंक खरीद लेते हैं जिनमें सुरक्षा के मानकों का बिल्कुल पालन नहीं किया जाता है। ऐसे उपकरण न सिर्फ फोन की बैटरी खराब करते हैं बल्कि हवाई सफर जैसे संवेदनशील स्थानों पर जानलेवा साबित हो सकते हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दौरा किया, तो पाया कि सुरक्षाकर्मी लाउडस्पीकर के जरिए यात्रियों लगातार यह घोषणा कर रहे हैं कि वे प्रतिबंधित पावर बैंक को अपने हैंड बैगेज में न रखें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ भारतीय विमानन नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सफर करने से पहले अपने सामान की दो बार जांच करना ही समझदारी है।












