त्योहारों से पहले भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लौटी बहार
भारतीय कार बाजार के लिए सितंबर का महीना बेहद शानदार साबित हुआ है, विशेषकर देश की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के लिए। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही आम आदमी और मध्यम वर्ग के परिवारों में गाड़ियों की खरीद को लेकर भारी उत्साह देखा गया है। कंपनी की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने के दौरान भारतीय सड़कों पर इस ब्रांड की पकड़ और अधिक मजबूत हुई है। देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों की पसंद एक बार फिर इस दिग्गज ऑटोमेकर की गाड़ियां बनी हैं, जिसने बिक्री के तमाम पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि त्योहारों के आगमन से पहले बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण ग्राहकों द्वारा नई गाड़ियों की एडवांस बुकिंग और ऑटो कंपनियों द्वारा दी जा रही आकर्षक डील्स हैं। मारुति सुजुकी ने इस अवधि में यह साबित कर दिया है कि भारतीय उपभोक्ताओं के दिलों में उसकी किफायती और भरोसेमंद कारों का जादू आज भी बरकरार है। शहरी इलाकों से लेकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों तक हर जगह ग्राहकों ने डीलरशिप का रुख किया है, जिससे बिक्री के ग्राफ में अप्रत्याशित उछाल आया है.
संबंधित खबरें
घरेलू बाजार में पैसेंजर कारों की बिक्री का नया कीर्तिमान
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने सितंबर 2026 के दौरान घरेलू बाजार में कुल 1,81,838 पैसेंजर गाड़ियों की रीटेल और होलसेल सप्लाई की। पिछले साल इसी समान अवधि यानी सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 1,32,820 गाड़ियों का था। इस प्रकार साल-दर-साल आधार पर कंपनी ने लगभग 36.91 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़त हासिल की है। इतना ही नहीं, ठीक पिछले महीने यानी अगस्त 2026 में बेची गई 1,76,971 यूनिट्स की तुलना में भी इस बार 2.75 प्रतिशत की अतिरिक्त ग्रोथ दर्ज की गई है, जो लगातार मजबूत होती मांग को स्पष्ट करती है.
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बदलते दौर में ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए लाए गए नए वेरिएंट्स और बेहतर फीचर्स ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है। मध्यम वर्ग के खरीदार अब सुरक्षा और आधुनिक तकनीक से लैस कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं, और मारुति के पोर्टफोलियो ने इन सभी पैमानों पर सटीक बैठते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। अगस्त के मुकाबले भी करीब 4,867 यूनिट्स ज्यादा बेचकर कंपनी ने यह दिखा दिया है कि बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है.
यूवी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल और छोटी कारों का दमदार कमबैक
मारुति सुजुकी की सफलता में इस बार यूटिलिटी व्हीकल (UV) सेगमेंट का योगदान सबसे अहम रहा है। इस कैटेगरी में कंपनी ने 78,911 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 48,695 यूनिट्स पर था। यह सीधे तौर पर लगभग 62.05 प्रतिशत की भारी वृद्धि को दर्शाता है, यानी एक साल में 30,216 यूनिट्स अधिक बिकीं। इस सेगमेंट में ब्रेजा, अर्टिगा, ग्रैंड विटारा, फ्रोंक्स, जिम्नी और इनविक्टो जैसे लोकप्रिय मॉडलों ने धूम मचा रखी है.
दूसरी तरफ, देश के आम आदमी की पहली पसंद मानी जाने वाली छोटी और मिनी कारों तथा कॉम्पैक्ट सेगमेंट की गाड़ियों ने भी बेहतरीन वापसी की है। ऑल्टो, बलेनो, स्विफ्ट, डिजायर, वैगनआर और सेलेरियो जैसी गाड़ियां शामिल हैं। इन सभी मॉडलों की कुल बिक्री 91,887 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की 74,090 यूनिट्स के मुकाबले करीब 24.02 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, ईको वैन की बिक्री में भी 10.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,040 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई है.
एक्सपोर्ट और कमर्शियल सेगमेंट में भी मजबूत बढ़त
केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मारुति सुजुकी के वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। सितंबर महीने के दौरान कंपनी का कुल एक्सपोर्ट 4.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44,219 यूनिट्स पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 42,204 यूनिट्स था। इसके अलावा लाइट कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में आने वाली 'सुपर कैरी' की बिक्री भी 18.09 प्रतिशत बढ़कर 3,414 यूनिट्स हो गई। इन सभी व्यावसायिक मोर्चों पर मिली सफलता से कंपनी का कुल टर्नओवर और मार्केट शेयर मजबूत हुआ है.
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट्स में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी का लोहा माना जा रहा है। कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल हर एक वाहन अपनी ईंधन दक्षता और कम रखरखाव लागत के लिए जाना जाता है, जो विदेशों में भी भारतीय कारों की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की यह साख देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है.
तीसरी तिमाही में कुल बिक्री 6.97 लाख यूनिट के पार
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के आंकड़ों को देखें तो कंपनी ने अपनी व्यावसायिक ताकत का एक और बड़ा उदाहरण पेश किया है। इस तीन महीने की अवधि में मारुति सुजुकी की कुल संचयी बिक्री (घरेलू बिक्री, एक्सपोर्ट और अन्य सप्लाई मिलाकर) 6,96,654 यूनिट्स के पार चली गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 5,50,874 यूनिट्स का था, जो इस बार लगभग 26.46 प्रतिशत की शानदार सालाना वृद्धि को रेखांकित करता है.
"भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति लगातार मजबूत हो रही है। त्योहारी सीजन के इस शुरुआती दौर में ग्राहकों की तरफ से जिस प्रकार का उत्साह दिखाया गया है, उससे साफ है कि आने वाले महीनों में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनेंगे। हमारी प्राथमिकता हमेशा से देश के हर परिवार तक बेहतरीन और सुरक्षित मोबिलिटी पहुंचाना रही है।" — ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक्सपर्ट
निष्कर्ष और आगामी बाजार का रुख
कुल मिलाकर, मारुति सुजुकी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की रीढ़ है। सितंबर 2026 के ये आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर के बाद भी भारतीय मध्यम वर्ग की अर्थव्यवस्था और खपत की क्षमता बेहद मजबूत बनी हुई है। आने वाले महीनों में दीवाली और धनतेरस जैसे बड़े त्योहारों के मद्देनजर ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह रफ्तार और अधिक तेज होने की पूरी उम्मीद है, जिससे पूरी इंडस्ट्री को एक नई और स्थायी दिशा मिलेगी।








