राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए बड़ी सौगात
देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाना अब न सिर्फ आरामदायक होने जा रहा है, बल्कि इसके जरिए आपकी जेब में कुछ पैसे भी आ सकते हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई (NHAI) ने सड़क यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए एक बेहद अनोखा और उपयोगी कदम उठाया है। अक्सर लंबे सफर के दौरान रास्ते में पड़ने वाले शौचालय बहुत गंदे और बदहाल मिलते हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का पक्का समाधान निकालने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय के विशेष अभियान के तहत 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' की शुरुआत की गई है। इस नई पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने हर एक विश्राम स्थल और शौचालय में साफ-सफाई का उच्च स्तर बना रहे।
अगर आप भी अक्सर अपनी कार या अन्य वाहनों से हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। अब सफर के दौरान गंदगी देखने पर आपको चुपचाप आगे बढ़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप सिस्टम की इस खामी को उजागर करके इनाम भी जीत सकते हैं। सरकार चाहती है कि आम नागरिक खुद इस स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनें और जहां भी लापरवाही दिखे, उसकी सटीक जानकारी सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।
कैसे काम करेगा क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज और क्या है नियम
एनएचएआई की इस नई योजना का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को बहुत ही आसान सी प्रक्रिया का पालन करना होगा। सफर के दौरान यदि आपको किसी टोल प्लाजा या हाईवे के दायरे में आने वाला कोई भी शौचालय गंदे हाल में मिलता है, तो आपको तुरंत अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना है। इसके लिए आपके फोन में 'राजमार्ग यात्रा' ऐप का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड होना चाहिए। इसी ऐप के माध्यम से आपको उस गंदे शौचालय की एक साफ तस्वीर खींचनी होगी।
ध्यान रहे कि यह तस्वीर जियो-टैग होनी चाहिए और उसमें समय यानी टाइम-स्टैम्प स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए ताकि अधिकारियों को यह पता चल सके कि शिकायत किस समय और किस सटीक जगह से की गई है। तस्वीर अपलोड करने के साथ-साथ यात्री को अपना नाम, पूरा स्थान, चालू मोबाइल नंबर और अपने वाहन का पंजीकरण नंबर जैसी जरूरी जानकारियां भी देनी होंगी। विभाग द्वारा इन सभी विवरणों की जांच की जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर शिकायतकर्ता को एक हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
"राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले हर नागरिक का सफर सुरक्षित और सुखद होना हमारा मुख्य लक्ष्य है। शौचालयों की स्वच्छता में सुधार के लिए शुरू किया गया यह अभियान आम लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। हमें पूरा विश्वास है कि यात्री इस पहल का बढ़-चढ़कर हिस्सा बनेंगे।" — वरिष्ठ सड़क परिवहन अधिकारी, एनएचएआई
फास्टैग एनुअल पास से टोल टैक्स बचाने का शानदार मौका
सड़क यात्रा को सुगम और किफायती बनाने की दिशा में एनएचएआई ने एक और बड़ा कदम उठाया है जो रोजमर्रा के यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जो लोग रोजाना या अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, उनका टोल टैक्स में काफी पैसा खर्च होता है। इस खर्च को कम करने के लिए फास्टैग एनुअल पास की सुविधा दी जा रही है। इस विशेष पास के तहत एक बार में तीन हजार से अधिक का भुगतान करके आप सालभर में दो सौ बार तक टोल प्लाजा पार कर सकते हैं।
यह वार्षिक पास देश भर के ग्यारह सौ से ज्यादा टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह मान्य है। हालांकि, यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले यह जांच लें कि उनका पास किस रूट पर सक्रिय है और कहां इसकी सीमाएं लागू होती हैं। इस पास के आ जाने से बार-बार पैसे कटने की झंझट से मुक्ति मिलती है और सफर का बजट भी नियंत्रित रहता है।
सर्दियों के मौसम और धुंध को लेकर हाईवे पर बढ़ाई गई सुरक्षा
मौसम में बदलाव और सर्दियों की दस्तक के साथ ही हाईवे पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हाल ही में आपदा एवं राहत विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि एक्सप्रेसवे और मुख्य मार्गों पर संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। खासकर कोहरे और धुंध के समय विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इस जोखिम को कम करने के लिए सभी प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट्स के पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सड़कों पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और सफेद पट्टियों को चमकता हुआ और स्पष्ट रखने को कहा गया है ताकि रात के वक्त या कम रोशनी में भी ड्राइवरों को सड़क की सीमा साफ-साफ दिखाई दे सके।
सड़कों के गड्ढों और अनफिट वाहनों पर सख्त निगरानी
आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने शहर की टूटी-फूटी सड़कों और हाईवे के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कई जगहों पर सीवर या पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों के गड्ढे ठीक से नहीं भरे जाते हैं, जिससे दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। अब ऐसे सभी स्थानों पर सड़क की समय पर मरम्मत करने और अनफिट तथा जुगाड़ से बने असुरक्षित वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस आपसी तालमेल के साथ मिलकर लगातार चेकिंग अभियान चला रहे हैं ताकि नियमों को ताक पर रखकर चलने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।











