एनएसई का मेगा आईपीओ निवेशकों के लिए खुला
देश के सबसे बड़े और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई (NSE) का मच अवेटेड आईपीओ आखिरकार आज से रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक खुला रहेगा, जिसमें निवेशक अपनी पसंद के अनुसार बोली लगा सकते हैं। बाजार में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है और पहले ही दिन इसे शानदार शुरुआती रिस्पॉन्स मिला है।
कारोबार के पहले दिन ही यह आईपीओ 44% तक सब्सक्राइब हो चुका है, जो यह साफ दिखाता है कि निवेशकों में इसे लेकर कितना उत्साह है। बड़े निवेशकों से लेकर आम रिटेल निवेशक तक इस स्टॉक एक्सचेंज के शेयर अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।
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प्राइस बैंड और निवेश की पूरी जानकारी
एनएसई के इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। इसका लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया है। इसका मतलब यह है कि अगर आप अपर प्राइस बैंड यानी ₹1,785 के हिसाब से आवेदन करते हैं, तो रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,280 का निवेश करना होगा।
यह आईपीओ कुल ₹22,569 करोड़ का है। साल 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ वाले इश्यू के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ है। इतने बड़े पैमाने पर आईपीओ आने से शेयर बाजार में भी काफी हलचल देखने को मिल रही है और जानकारों की इस पर पैनी नजर है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और ऑफर फॉर सेल की सच्चाई
एनएसई के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी फिलहाल ₹125 पर आ गया है, जो कुछ दिन पहले ₹218 के आसपास था। हालांकि जीएमपी में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी लिस्टिंग लगभग ₹1,910 के आसपास हो सकती है।
यह भी जानना जरूरी है कि इस आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा सीधे एनएसई के खाते में नहीं जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) यानी ओएफएस है, जिसमें कंपनी के पुराने और मौजूदा शेयरधारक अपने 12.64 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयरों की बिक्री से मिलने वाली सारी रकम सीधे उन निवेशकों को मिलेगी जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज हाउस की राय
हाल ही में वित्तीय वर्ष के दौरान एनएसई के रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार वापसी की है। कंपनी का मुनाफा और आय दोनों ही बढ़े हैं, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल की ओर इशारा करते हैं।
"एनएसई की बाजार में मजबूत पकड़ और भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाती है, लेकिन केवल लिस्टिंग गेन के भरोसे पैसा लगाने वाले निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।" — बाजार विश्लेषक
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसई की मोनोपोली और बड़ा यूजर बेस इसके सबसे बड़े पॉजिटिव पॉइंट्स हैं। हालांकि, निवेशकों को निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल और बाजार के उतार-चढ़ाव को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।





