आज के समय में ऑफिस एक ऐसा स्पेस बन चुका है जहां अलग-अलग पीढ़ियों के लोग एक साथ काम करते हैं। किसी के लिए देर तक ऑफिस में रुकना अपनी मेहनत और निष्ठा की निशानी है, तो कोई तय वक्त पर काम खत्म करके अपनी पर्सनल लाइफ को वक्त देना चाहता है। ऐसे में काम करने के तरीकों और नजरिए को लेकर मिलेनियल्स और जेन जी के बीच मतभेद सामने आना आम बात हो गई है। हाल ही में आए कई सर्वे इस बात पर रोशनी डालते हैं कि दोनों पीढ़ियों के बीच वर्क कल्चर को लेकर क्या सोच का अंतर है।
देर तक ऑफिस में रुकना और काम का पैमाना
कुछ कर्मचारियों के लिए ऑफिस में देर तक रुकना काम के प्रति डेडिकेशन दिखाने का एक जरिया हो सकता है। हालांकि, जेन जी के कुछ एम्प्लॉइज का मानना है कि हार्ड वर्क का फैसला ऑफिस में बिताए गए घंटों से नहीं, बल्कि काम की क्वालिटी से होना चाहिए। ओक इंगेज के जनवरी 2026 में जारी एक सर्वे में 26% जेन जी एम्प्लॉइज ने बताया कि उनके मिलेनियल कलीग लंबे वक्त तक काम करने को नॉर्मल मानते हैं। अगर कोई कर्मचारी अपना काम समय पर पूरा करके घर जाना चाहता है, तो उसे कम मेहनती समझना दोनों पीढ़ियों के बीच तनाव पैदा कर सकता है।
माइक्रोमैनेजिंग और हर बात पर दखल देना
किसी काम का बार-बार अपडेट मांगना, हर छोटी बात पर निर्देश देना या कर्मचारियों को अपने तरीके से काम न करने देना अक्सर परेशानी की वजह बनता है। नौकरी डॉट कॉम की जनवरी 2026 में जारी 'द जेन जी वर्क कोड' रिपोर्ट के अनुसार, 23 हजार से ज्यादा जेन जी प्रोफेशनल्स का सर्वे किया गया। इसमें माइक्रोमैनेजिंग बॉस यानी हर छोटी बात पर नजर रखने वाले बॉस को स्ट्रेस की बड़ी वजह मानने वाले जेन जी एम्प्लॉइज का आंकड़ा 16% था, जबकि मिलेनियल्स में यह 25% दर्ज किया गया। यानी यह आदत दोनों पीढ़ियों को परेशान करती है, हालांकि मिलेनियल्स इसे ज्यादा बड़ी समस्या मानते हैं।
वर्क-लाइफ बैलेंस और नई सोच
ऑफिस के बाद भी ईमेल चेक करना, छुट्टी के दिन काम के मैसेज का जवाब देना या हर वक्त काम के लिए उपलब्ध रहना कुछ लोगों के लिए सामान्य हो सकता है। लेकिन कई जेन जी कर्मचारी चाहते हैं कि काम और पर्सनल लाइफ के बीच एक स्पष्ट लकीर खींची जाए। 'द जेन जी वर्क कोड' रिपोर्ट बताती है कि 50% जेन जी प्रोफेशनल्स ने नौकरी चुनते समय सैलरी के अलावा वर्क-लाइफ बैलेंस को सबसे अहम माना है। इसके अलावा, पुराने अनुभवों को ही सर्वोपरि मानकर नए सुझावों को खारिज करने के बजाय दोनों पीढ़ियों को तालमेल बिठाकर काम करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो और रिपोर्ट्स के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह विषय वर्तमान में कॉर्पोरेट और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का हिस्सा है। साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल और रिसर्च रिपोर्ट्स।
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