भारतीय रेलवे में बेटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ इन दिनों सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के पास एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जैसे ही ट्रेन के डिब्बों में अचानक टिकट चेकिंग शुरू हुई, वैसे ही यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई। बहुत से लोग बिना टिकट के यात्रा कर रहे थे और पकड़े जाने के डर से उनके होश उड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई यात्री जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन से ही नीचे कूद पड़े।
रेलवे सुरक्षा और टिकट चेकिंग दल के अधिकारियों के मुताबिक, अचानक हुई इस छापेमारी से ट्रेन के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ शातिर बेटिकट यात्रियों ने खुद को बचाने के लिए ट्रेन के टॉयलेट के अंदर खुद को बंद कर लिया। हालांकि, सतर्क चेकिंग स्टाफ ने एक-एक करके सभी संदिग्ध जगहों की तलाशी ली। अधिकारियों ने टॉयलेट में छुपे लोगों को बाहर निकाला और उनके खिलाफ नियम के अनुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी कार्रवाई के दौरान ट्रेन के अंदर बाकी यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चलती ट्रेन से कूदना और जान जोखिम में डालना
ट्रेन से अचानक कूदने की इस घटना में कई यात्रियों के घायल होने का भी खतरा था। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यात्रियों की इस लापरवाही ने रेलवे सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जुर्माना या टीटीई के डर से लोग अपनी जान की परवाह किए बिना खतरनाक कदम उठा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बेटिकट यात्रा करना कानूनन अपराध है और इसके लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है। मामूली पैसों की बचत के चक्कर में लोग अपनी जिंदगी को दांव पर लगा रहे हैं जो बेहद चिंताजनक बात है।
मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत स्थिति को संभाला और ट्रेन के सभी दरवाजों पर नजर रखी ताकि कोई अन्य यात्री चलती गाड़ी से कूदकर खुद को चोट न पहुंचाए। पकड़े गए सभी 371 बेटिकट यात्रियों को हिरासत में लिया गया और उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रूप से लखनऊ लाया गया। लखनऊ स्टेशन पर इन सभी से रेलवे नियमों के तहत जुर्माना वसूला गया। रेलवे विभाग का साफ कहना है कि बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए टीटीई पहनेंगे कैमरे वाली जैकेट
बेटिकट यात्रियों की बढ़ती संख्या और टिकट जांच के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए रेलवे ने एक नया कदम उठाया है। अब ट्रेनों में टिकट चेक करने वाले कर्मचारी यानी टीटीई विशेष कैमरे वाली जैकेट पहनकर ड्यूटी करेंगे। इस नई तकनीक से यात्रियों और कर्मचारियों के बीच होने वाली हर बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड होगी। इससे न केवल बेटिकट यात्रियों पर नकेल कसेगी, बल्कि टीटीई स्तर पर किसी भी तरह की रिश्वतखोरी या लेन-देन की गुंजाइश भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से चेकिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बन जाएगी। कैमरे वाली जैकेट होने से कोई भी यात्री चेकिंग स्टाफ पर गलत आरोप नहीं लगा पाएगा और न ही कर्मचारी नियमों के खिलाफ जाकर कोई ढिलाई बरत सकेंगे। हाल ही में हुई बाराबंकी की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि रेलवे अब अपनी व्यवस्था को लेकर कितना सख्त हो चुका है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें ताकि इस तरह की शर्मनाक और खतरनाक स्थिति से बचा जा सके।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
हमारी टीम ने जब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि ग्रामीण इलाकों और लोकल रूटों पर बेटिकट यात्रा करने की समस्या बहुत आम हो चुकी है। लोग बिना टिकट धड़ल्ले से सफर करते हैं और चेकिंग स्टाफ को देखकर भागने की कोशिश करते हैं। रेलवे की यह सख्ती आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है। यात्रियों को यह समझना होगा कि रेलवे की संपत्ति और सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कैमरों वाली जैकेट और अचानक होने वाली औचक छापेमारी से आने वाले दिनों में बेटिकट यात्रा करने वालों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं।






