नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — गेमिंग की दुनिया में सबसे बड़े नाम रॉकस्टार गेम्स की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। नेटफ्लिक्स पर आने वाले संभावित प्रीमियर से ठीक पहले जीटीए 6 का गेमप्ले और पूरा मैप इंटरनेट पर लीक हो गया है। इस ताजा लीक के बाद दुनिया भर के गेमर्स और कंपनी के अधिकारियों के बीच भारी हड़कंप मच गया है। शुरुआती खबरों के मुताबिक, इस बार लीक बहुत बड़े स्तर पर हुआ है और खेल से जुड़ी कई गुप्त जानकारियां बाहर आ गई हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब साइबरलीक नाम के एक हैकर ने इंटरनेट पर अचानक से धावा बोल दिया। इस हैकर ने सिर्फ फोटो या छोटे क्लिप साझा करने के बजाय पूरे पच्चीस मिनट का लंबा गेमप्ले वीडियो सार्वजनिक कर दिया। इस वीडियो में गेम के अंदर का शहर, गाड़ियां और पात्र साफ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और लाखों लोगों ने इसे कुछ ही घंटों में देख लिया।
गेम के नाम पर क्रिप्टो सिक्का बेचने का खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि इस लीक के पीछे बैठे मुख्य आरोपी ने खेल के नाम पर लोगों से पैसे कमाने का नया रास्ता निकाला है। हैकर ने जीटीए 6 को लेकर सोशल मीडिया पर बने भारी हाइप और दीवानगी का पूरा फायदा उठाया है। इस दौरान उसने बाजार में अपना साइबरलीक नाम का मेमकोइन बेचकर अच्छी खासी कमाई की है। गेम प्रेमियों की भावनाओं और उत्सुकता का इस तरह से व्यापार किए जाने पर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने गहरी चिंता जताई है।
रॉकस्टार गेम्स ने इस पूरी घटना पर अपनी चुप्पी आखिरकार तोड़ दी है और स्थिति को संभालने की कोशिश की है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इन लीक के बावजूद खेल की मुख्य योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने अपनी पुरानी घोषणा के अनुसार उन्नीस नवंबर को ही खेल को बाजार में उतारने की पक्की पुष्टि कर दी है। कंपनी की तकनीकी टीम इस समय खेल के कोड को सुरक्षित करने और आगे के हमलों को रोकने के लिए दिन-रात काम कर रही है।
कानून की गिरफ्त से बाहर हैकर और पुलिस की तलाश जारी
इस बड़ी सेंधमारी के बाद भी मुख्य आरोपी साइबरलीक अभी तक कानून की पकड़ से बाहर चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध इकाइयां और स्थानीय पुलिस एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। डिजिटल पदचिन्हों के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के लोग बड़ी कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ डिजिटल व्यवस्था को भी चुनौती देते हैं।
जमीनी स्तर पर गेमिंग समुदाय और आम दर्शकों के बीच इस घटना को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इस लीक को देखकर बहुत उत्साहित हैं और खेल की एक झलक पाना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ, समझदार गेमर्स का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो इस तरह की गैरकानूनी चोरियों का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि इस तरह के लीक से बनाने वालों की मेहनत खराब होती है और खेल का असली मजा किरकिरा हो जाता है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और आगे की राह
द फ्रीलान्स की इस विशेष पड़ताल में यह साफ हो गया है कि डिजिटल सुरक्षा आज के समय में कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है। करोड़ों डॉलर के बजट वाले इस बड़े प्रोजेक्ट की सुरक्षा में चूक होना कंपनी के लिए एक बड़ा सबक है। आने वाले दिनों में रॉकस्टार गेम्स को अपनी डिजिटल दीवारें और मजबूत करनी होंगी ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना फिर से न दोहराई जा सके। फिलहाल सभी की निगाहें उन्नीस नवंबर पर टिकी हैं जब यह बहुप्रतीक्षित खेल आधिकारिक तौर पर दुनिया के सामने आएगा।










