नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर आज सुबह से भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की और सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया।
मौके पर मौजूद हमारे फील्ड रिपोर्टर के अनुसार, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर भी इसी तरह का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। एनएसयूआई के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी और चुनाव आयोग विरोधी नारे लगाए। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में ली गईं नेता नेहा बोरा समेत कई अन्य साथियों को बाद में दिल्ली के अलग-अलग थानों और कैंपों से रिहा कर दिया गया।
संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिंसक झड़प और हंगामे की आशंका को देखते हुए संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है। थाने के बाहर मीडिया का भारी जमावड़ा लगा हुआ है क्योंकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसद भी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलने पहुंचे थे। किंग्सवे कैंप और संसद मार्ग थाने के आसपास के रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी गई है जिससे ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उन नेताओं पर भी तंज कसा जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं को दबाया जा रहा है लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग पर अड़ा हुआ है।
विपक्ष का आक्रामक रुख और आगे की रणनीति
दिल्ली में हुए इस बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रहा है। हिरासत से रिहा होने के बाद नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। देश के कई अन्य हिस्सों से भी युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा इसी तरह के प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 जैसे एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार जमीनी अपडेट जुटा रही है और आगे की हर बड़ी खबर आप तक पहुंचाती रहेगी.
आम नागरिकों और यातायात पर असर
इस अचानक हुए विरोध प्रदर्शन के कारण मध्य दिल्ली के कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया है। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।









