भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान कई बड़े शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी जोमैटो के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। जाने-माने वैश्विक ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने जोमैटो के शेयरों का नया टारगेट प्राइस 305 रुपये से बढ़ाकर 390 रुपये कर दिया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी के बिजनेस मॉडल में लगातार मजबूती आ रही है। विश्लेषकों का कहना है कि जोमैटो के फ्यूचर्स में खरीदारी करने वाले निवेशकों को शॉर्ट टर्म में अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयर एचडीएफसी बैंक में भी लंबे समय बाद बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिला है। बाजार के एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस शेयर में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की ओर से और अधिक निवेश आ सकता है। एचडीएफसी बैंक के शेयरों में खरीदारी का यह दौर निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। जानकारों का सुझाव है कि इस शेयर में निवेशक सही स्टॉप लॉस के साथ अपनी पोजीशन बना सकते हैं। बैंक के मजबूत फंडामेंटल्स को देखकर बाजार में पॉजिटिव माहौल बना हुआ है।
कोचिन शिपयार्ड में सरकार बेचने जा रही है पांच फीसदी हिस्सेदारी
डिफेंस सेक्टर से जुड़े कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है। केंद्र सरकार ने इस कंपनी में अपनी पांच प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के जरिए बेचने का ऐलान किया है। सरकार ने इसके लिए फ्लोर प्राइस 1400 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच हलचल तेज हो गई है। बाजार के जानकारों ने इस शेयर में बिकवाली करने या अपने सौदे संभाल कर रखने की सलाह दी है। ओएफएस के तहत आने वाले शेयरों की कीमत मौजूदा बाजार भाव से कम होने के कारण इसका असर स्टॉक की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, मल्टीबैगर शेयरों की श्रेणी में आने वाली कई अन्य कंपनियां भी स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर देने की तैयारी कर रही हैं। निवेशकों का ध्यान अब ऐसी कंपनियों पर ज्यादा केंद्रित हो गया है जो कम कीमत में बेहतर रिटर्न देने का दम रखती हैं। नेटवेब टेक्नोलॉजीज के सीएमडी संजय लोधा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी सितंबर तिमाही के नतीजों पर विस्तार से बात की है। उन्होंने बताया कि किस तरह कंपनी अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने और ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रही है।
आईटी और टेक्नोलॉजी शेयरों की चाल पर भी निवेशकों की नजर
तकनीकी क्षेत्र की कंपनियों और स्टार्टअप्स के शेयरों में भी इन दिनों निवेशकों की खासी दिलचस्पी दिख रही है। अल्फाबेट इंक यानी गूगल के शेयरों के इतिहास और ताजा दामों पर भी वैश्विक निवेशक लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भारतीय तकनीक आधारित कंपनियों पर भी देखने को मिलता है। जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में किसी भी तरह का निवेश करने से पहले कंपनी के तिमाही नतीजों और उसके वित्तीय स्वास्थ्य की पूरी जांच जरूर कर लेनी चाहिए।
बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि निवेशकों को भावनाओं में बहकर ट्रेड करने से बचना चाहिए। सही रणनीति और तय किए गए स्टॉप लॉस के साथ काम करने पर ही शेयर बाजार में सुरक्षित कमाई संभव है। द फ्रीलान्स की टीम बाजार के इन सभी उतार-चढ़ाव और नियामक बदलावों पर लगातार नजर बनाए रखेगी ताकि पाठकों तक सबसे सटीक और सच्ची आर्थिक खबरें पहुंचती रहें।




