अमेरिकी शेयर बाजार का बड़ा सूचकांक नैस्डैक कंपोजिट इन दिनों भारी उथल-पुथल से गुजर रहा है। कंपनियों की वित्तीय रिपोर्ट आने के मौसम से ठीक पहले इस बाजार में सुस्ती और गिरावट साफ देखी जा रही है। दुनिया भर के निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने वाले दिनों में बाजार का रुख क्या होगा। तकनीक आधारित शेयरों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि नैस्डैक 100 इंडेक्स अभी तीस हजार चार सौ तेरह के मजबूत सपोर्ट स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार में तेजी का दम कमजोर पड़ने के कारण शेयरों में लगातार पुलबैक देखा जा रहा है। निवेशक हर नए आंकड़े आने से पहले बहुत संभलकर कदम उठा रहे हैं। कोई भी बड़ा जोखिम लेने से इस समय बचा जा रहा है।
महंगाई के आंकड़ों और तिमाही नतीजों का इंतजार
इस बीच अमेरिकी बाजार की नजरें वहां के ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई डेटा और कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर टिकी हुई हैं। ये आंकड़े तय करेंगे कि आने वाले हफ्तों में शेयर बाजार किस दिशा में आगे बढ़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है।
दिग्गज वित्तीय संस्थान यूबीएस ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि नैस्डैक में निकट भविष्य के दौरान हल्की गिरावट का जोखिम काफी बढ़ गया है। हालांकि लंबे समय के नजरिए से अच्छे शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह समय बहुत धैर्य रखने का है। बाजार के जानकारों का सुझाव है कि छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
भारतीय निफ्टी पचास से हो रही है तुलना
भारत के शेयर बाजार के लिहाज से भी इन वैश्विक खबरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। हाल ही में विश्लेषकों ने अमेरिकी नैस्डैक कंपोजिट और भारतीय निफ्टी पचास के पिछले दस सालों के रिटर्न की तुलना की है। यह देखा जा रहा है कि दोनों प्रमुख बाजारों ने पिछले एक दशक में अपने निवेशकों को कितना फायदा पहुंचाया है और किस इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
भारतीय निवेशक भी अब वैश्विक बाजारों की इन हलचल पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका में होने वाले हर छोटे-बड़े बदलाव का असर दुनिया भर के बाजारों के साथ दलाल स्ट्रीट पर भी देखने को मिलता है। बाजार के जानकारों की सलाह है कि इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी दिखाने के बजाय मजबूत और भरोसेमंद कंपनियों के शेयरों पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।
आगे की राह और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले कुछ दिन शेयर बाजार के लिए काफी अहम साबित होने वाले हैं। कंपनियों के नतीजे और महंगाई के आंकड़े ही यह तय करेंगे कि बाजार में फिर से तेजी लौटेगी या कमजोरी का दौर जारी रहेगा। निवेशकों को किसी भी अफवाह पर ध्यान देने के बजाय पूरी तरह से तथ्यात्मक और वित्तीय सलाह के आधार पर ही निवेश के फैसले लेने चाहिए।








