त्योहारों के मौसम में आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेगी महंगाई
हर साल जब त्योहारों का सीजन नजदीक आता है, तो बाजार में रौनक बढ़ जाती है और लोग जमकर खरीदारी करते हैं। लेकिन इस बार का फेस्टिव सीजन ग्राहकों के लिए अपनी जेब पर थोड़ा ज्यादा जोर डालने वाला साबित हो सकता है। यदि आप भी इस त्योहारी सीजन में अपने घर नया एयर कंडीशनर (AC), स्मार्ट टेलीविजन (TV), रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) या वॉशिंग मशीन लाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देश भर में इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है।
आगामी 1 अक्टूबर से बाजार में बिकने वाले कई प्रमुख घरेलू उपकरणों के दाम में भारी इजाफा होने की पूरी संभावना है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस साल कीमतों में बढ़ोतरी का यह तीसरा दौर है। कंपनियों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण उनके सामने दाम बढ़ाना मजबूरी बन गया है, जिसका सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ेगा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारों के इस उत्साह के बीच इलेक्ट्रॉनिक सामानों के महंगे होने से लोगों को अपनी खरीदारी की प्लानिंग में बदलाव करना पड़ सकता है। खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए जो बजट बनाकर खरीदारी करते हैं, यह खबर किसी झटके से कम नहीं है।
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किस उपकरण पर कितनी बढ़ेगी कीमत और क्या है नया रेट स्ट्रक्चर
कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही नई मूल्य सूची के अनुसार, सबसे ज्यादा मार एयर कंडीशनर (AC) की खरीद पर पड़ने वाली है। उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न कंपनियां एसी की कीमतों में 5 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने जा रही हैं। भीषण गर्मी के बाद अब सर्दियों से पहले एसी के दाम बढ़ना खरीदारों को हैरान करने वाला है।
इसके अलावा वॉशिंग मशीन, सिंगल और डबल डोर रेफ्रिजरेटर तथा एलईडी टेलीविजन (LED TV) के दामों में भी 3 से 5 फीसदी तक की वृद्धि देखने को मिलेगी। हर कंपनी की अपनी अलग नीतियां और कीमतें बढ़ाने का समय हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर पूरे बाजार में इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होने तय हैं।
उद्योग के जानकारों का कहना है कि इस बार दिवाली की शॉपिंग करना पिछले साल के मुकाबले काफी महंगा पड़ेगा। केवल बड़े अप्लायंसेज ही नहीं, बल्कि किचन और घर के अन्य इलेक्ट्रॉनिक साजो-सामान भी इस बढ़ोतरी के दायरे में आ सकते हैं, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना होगा।
अचानक क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? जानिए इसके पीछे की मुख्य वजहें
सवाल यह उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि कंपनियों को त्योहारों के ठीक मुहाने पर कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं? इसके पीछे कई बड़े आर्थिक कारण जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत में बेतहाशा वृद्धि है।
कंपनियों पर कॉपर (तांबा), एल्युमिनियम, स्टील और प्लास्टिक जैसी मूल सामग्रियों की खरीद का भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही, ग्लोबल मार्केट में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन यानी सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च भी बढ़ गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे तनावपूर्ण हालातों ने भी वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे आयात और उत्पादन लागत काफी ऊपर चली गई है।
"कच्चे माल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी बढ़ गया है। ऐसे में हमारे पास अपने उत्पादों के दाम आंशिक रूप से बढ़ाने के अलावा कोई और दूसरा विकल्प नहीं बचा है। यदि लागत का यह दबाव बना रहा, तो आने वाले महीनों में भी कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।" — उद्योग विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ इलेक्ट्रॉनिक बाजार विश्लेषक
किन-किन कंपनियों ने कर दिया है दाम बढ़ाने का आधिकारिक ऐलान
प्रमुख घरेलू उपकरण निर्माताओं ने इस दिशा में अपने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ब्लू स्टार (Blue Star), गोदरेज अप्लायंसेज (Godrej Appliances), हायर (Haier), डाइकिन (Daikin), एलजी (LG), बॉश होम कंफर्ट (Bosch) और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स (SPPL) जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने के फैसले पर मुहर लगा दी है।
मिसाल के तौर पर, हायर इंडिया ने घोषणा की है कि वह 1 अक्टूबर से अपने रूम एसी की कीमतों में सीधे तौर पर 5 फीसदी की बढ़ोतरी करने जा रही है। साथ ही टीवी और वॉशिंग मशीन के दामों में भी 2 से 3 फीसदी का इजाफा किया गया है। एलजी और बॉश जैसी कंपनियों ने भी अपने एसी मॉडल्स की कीमतों में लगभग 5 फीसदी की वृद्धि कर दी है। हालांकि, पैनासोनिक जैसी कुछ अन्य कंपनियां फिलहाल बाजार के रुख का बारीकी से आकलन कर रही हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या ग्राहकों को मिल सकती है कहीं से कोई राहत?
इस मंहगाई के माहौल में ग्राहकों के लिए एक छोटी सी राहत की उम्मीद भी बची हुई है। खुदरा डीलर्स और कंपनियों के पास पुराने दामों पर खरीदा गया पुराना स्टॉक अभी भी गोदामों में मौजूद है। गोदरेज और अन्य ब्रांड्स के अधिकारियों का कहना है कि यह पुराना स्टॉक आने वाले एक से डेढ़ महीने तक बाजार में चल सकता है।
इसका मतलब यह है कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत में यदि आप खरीदारी करते हैं, तो कुछ चुनिंदा दुकानों या प्लेटफॉर्म्स पर आपको पुराने रेट्स पर ही सामान मिल सकता है। यानी दिवाली के आसपास जब तक पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक ग्राहकों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। हालांकि, दिवाली के बाद जब बाजार में पूरी तरह नया स्टॉक आएगा, तब बढ़ी हुई कीमतें बहुत स्पष्ट रूप से सामने आ जाएंगी।
स्मार्ट खरीदारी के लिए क्या है सही तरीका?
यदि आप इस त्योहारी सीजन में कोई भी बड़ा घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का पक्का मन बना चुके हैं, तो आपको बेहद सूझबूझ के साथ फैसला करना होगा। केवल ब्रांड और फीचर्स देखने के बजाय, विभिन्न दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मिल रहे ऑफर्स, कैशबैक और डिस्काउंट का मिलान जरूर कर लें।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार में कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखें और फेस्टिव सेल के दौरान मिलने वाले बैंक ऑफर्स या एक्सचेंज स्कीम्स का पूरा लाभ उठाएं। सही समय पर और सही योजना के साथ की गई खरीदारी से आप इस महंगाई की मार से काफी हद तक बच सकते हैं।







