बिहार विधान परिषद चुनाव में जेडीयू की आंतरिक सियासत में भूचाल
बिहार की राजनीति एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। राज्य में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनावों ने सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू के भीतर चल रही अंदरूनी कलच को सतह पर ला दिया है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव केवल एक सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह पार्टी के दिग्गजों के बीच शक्ति परीक्षण का अखाड़ा बन चुका है। एक तरफ जहां पार्टी नेतृत्व ने अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरे पर दांव लगाया है, वहीं पार्टी के भीतर से ही बगावत के सुर उठने लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में मोकामा के बाहुबली विधायक और जेडीयू नेता अनंत सिंह हैं। अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ जाकर न केवल बगावत का बिगुल फूंक दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे से खड़े हुए उम्मीदवार के समर्थन में मैदान में उतरकर खुली चुनौती पेश कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर सत्ताधारी दल के भीतर यह मतभेद किस हद तक पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
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अनंत सिंह की बगावत और जन सुराज उम्मीदवार के लिए आक्रामक प्रचार
मोकामा के मौजूदा विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है। पिछले दिनों जब डॉ. अनुज सिंह ने अपना नामांकन दाखिल किया था, तब अनंत सिंह एक खुली जीप पर सवार होकर उनके साथ रोड शो में शामिल हुए थे। उस दौरान उनके पहनावे और अंदाज ने राजनीतिक पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनंत सिंह ने हाल ही में नवादा और नालंदा जिलों में आशीर्वाद यात्रा निकालकर धुआंधार प्रचार किया है और मतदाताओं से पेटी भरकर वोट देने की अपील की है।
अनंत सिंह का साफ तौर पर आरोप है कि जेडीयू के मौजूदा एमएलसी और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार ने उनके खिलाफ अतीत में साजिश रची थी। इसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते वे इस चुनाव में नीरज कुमार की हार सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर उतर आए हैं। अपनी आशीर्वाद यात्रा के दौरान उन्होंने यहां तक दावा किया है कि इस चुनाव में उनके समर्थित उम्मीदवार की जीत इतने भारी मतों से होगी कि विरोधी की जमानत तक जब्त हो जाएगी।
नीतीश कुमार से मिले नीरज कुमार, मिला पार्टी नेतृत्व का ठोस संदेश
एक तरफ जहां बागी विधायक अनंत सिंह विरोधी खेमे के उम्मीदवार के लिए वोट मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस मुलाकात के बाद नीरज कुमार ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्हें पार्टी प्रमुख की तरफ से चुनाव लड़ने का आधिकारिक प्रपत्र मिल चुका है। साथ ही उन्हें नेतृत्व की तरफ से पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने का कड़ा निर्देश भी मिला है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी नेतृत्व अपने आधिकारिक उम्मीदवार के साथ पूरी ताकत से खड़ा है। जानकारों का मानना है कि पार्टी के शीर्ष स्तर पर इस विवाद को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अनंत सिंह के तेवर जिस तरह आक्रामक बने हुए हैं, उसने चुनावी समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
एनडीए और बीजेपी की प्रतिक्रिया, सहयोगी दलों का क्या है रुख
जेडीयू के भीतर मचे इस घमासान पर विपक्षी दलों के साथ-साथ एनडीए के सहयोगियों की भी पैनी नजर है। राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता रणबीर नंदन ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला बताया है। उन्होंने कहा कि सामूहिक फैसले और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के दायरे अलग-अलग होते हैं, और किसी के व्यक्तिगत निर्णयों पर तुरंत कोई कठोर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
भाजपा नेता ने यह भी जोड़ा कि एनडीए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरा है और गठबंधन के सभी प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका यह भी दावा रहा कि इस बार के विधान परिषद चुनावों में एनडीए राज्य की सभी आठों सीटों पर शानदार जीत दर्ज करने जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि स्थानीय स्तर की इन अंतर्कलह का असर बड़े राजनीतिक गठबंधन पर नहीं पड़ने वाला है।
एमएलसी चुनाव के समीकरण और आगे की राजनीतिक राह
बिहार में होने वाले इन विधान परिषद चुनावों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जिनके लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न होगा। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित डॉ. अनुज सिंह के बीच का यह मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है। इसमें न केवल जेडीयू बल्कि विपक्षी दलों जैसे आरजेडी और कांग्रेस के भीतर भी सीटों के तालमेल को लेकर खींचतान देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं का मिजाज आम चुनावों से अलग होता है, जहां व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय समीकरण बहुत बड़ा असर डालते हैं। ऐसे में बाहुबली विधायक अनंत सिंह का अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर प्रचार करना और नीतीश कुमार का अपने उम्मीदवार को सीधा संरक्षण देना, इस चुनाव को बिहार की राजनीति का सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मुकाबला बना चुका है।
"पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और पार्टी नेतृत्व के आशीर्वाद से हम इस चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।" — नीरज कुमार, जेडीयू एमएलसी प्रत्याशी








