BPSC TRE-4 परीक्षा में मैथिली और कला विषयों को शामिल करने की मांग पर लगी मुहर
बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा यानी TRE-4 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है। इस भर्ती प्रक्रिया में मैथिली समेत कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं और कला विषयों को प्रमुखता से शामिल किए जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस फैसले के बाद से राज्यभर के उन अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है जो लंबे समय से अपनी मातृभाषा के आधार पर रोजगार के अवसरों की मांग कर रहे थे।
विशेष रूप से मिथिला क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के बीच इस बदलाव को लेकर भारी उत्साह का माहौल है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय भाषाओं का दायरा विस्तृत होगा, बल्कि योग्य शिक्षकों को अपने ही राज्य में पढ़ाने का बेहतरीन मौका भी मिलेगा। परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 को पहले ही स्थान दिया जा चुका है और अब संशोधित रिक्तियों को पोर्टल पर अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
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सांसद गोपालजी ठाकुर की पहल और सरकार का सकारात्मक रुख
शिक्षक भर्ती परीक्षा के इस चौथे चरण में मैथिली भाषा को जोड़ने का सफर इतना आसान नहीं था। इसके पीछे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों का लगातार प्रयास शामिल रहा है। स्थानीय स्तर पर लगातार उठ रही मांगों के बाद भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर ने इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने राज्य के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
सांसद गोपालजी ठाकुर ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात कर एक औपचारिक मांग पत्र भी सौंपा था। उनकातर्क था कि नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाना सबसे प्रभावी तरीका है, इसलिए विद्यालयों में क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों का होना अनिवार्य है। सरकार की ओर से इस आग्रह पर सकारात्मक पहल करते हुए मैथिली और अन्य छूटी हुई भाषाओं को भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बना लिया गया।
"शिक्षक भर्ती परीक्षा में मैथिली भाषा की रिक्तियों को शामिल किए जाने से हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह निर्णय न केवल भाषा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि मिथिला क्षेत्र के नौजवानों को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से सीधे जोड़ेगा।" — गोपालजी ठाकुर, सांसद
बढ़ गए हैं कुल पद: अब 33,320 शिक्षकों की होगी सीधी नियुक्ति
हालिया प्रशासनिक संशोधनों और समीक्षा बैठकों के बाद BPSC TRE-4 के अंतर्गत आने वाले कुल पदों की संख्या में इजाफा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस भर्ती प्रक्रिया में 932 नए पदों को जोड़ा गया है, जिसके बाद अब कुल 33,320 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन अतिरिक्त पदों में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए विशेष विषय के शिक्षकों की वेकैंसियां शामिल हैं।
शुरुआती दौर में इस भर्ती परीक्षा के लिए लगभग 32,388 पदों की अधियाचना भेजी गई थी। हालांकि, विभिन्न जिलों से और अभ्यर्थियों के संगठनों की ओर से छूटे हुए विषयों को शामिल करने की लगातार मांग उठाई जा रही थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने समीक्षा करते हुए मैथिली, बांग्ला, ललित कला, नृत्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों व भाषाओं की रिक्तियों को जोड़ने का निर्णय लिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और क्षेत्रीय भाषाओं का भविष्य
भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा मातृभाषा में दिए जाने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चे अपनी स्थानीय भाषा में चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। इसी नीति के अनुरूप बिहार सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को एक दूरदर्शी निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
मैथिली जैसी समृद्ध ऐतिहासिक भाषा को विधिवत रूप से विद्यालयी शिक्षा और शिक्षक बहाلی प्रक्रिया का हिस्सा बनाए जाने से इसका शैक्षणिक दायरा और मजबूत होगा। आने वाले समय में स्कूलों में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती से विद्यार्थियों को अपनी भाषा में उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल, आगे की प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
जैसे ही BPSC TRE-4 में मैथिली और अन्य कला विषयों की रिक्तियों को जोड़े जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई, अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। पिछले कई महीनों से परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्रों का कहना है कि यह उनके लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। अब वे पूरी ऊर्जा के साथ अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।
आयोग की ओर से जल्द ही इन तमाम संशोधित पदों और विषयों के साथ विस्तृत अधिसूचना जारी किए जाने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि आवेदन से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण जानकारी समय पर मिल सके।








