नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें इस समय सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। हर साल की तरह इस बार भी साल के दूसरे छमाही के महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हाल ही में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उम्मीद थी कि कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। लेकिन बैठक खत्म होने के बाद जब कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई, तो कर्मचारियों में मायूसई छा गई। अब सभी की निगाहें आने वाले त्योहारों यानी दशहरा और दिवाली पर टिकी हैं कि सरकार कर्मचारियों को क्या बड़ा तोहफा देती है।
मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन महंगाई भत्ते की फाइल पर मुहर नहीं लग पाई। आमतौर पर सरकार जुलाई से लागू होने वाले डीए का ऐलान सितंबर या अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों में कर देती है। इस बार इसमें थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस देरी का मतलब यह नहीं है कि भत्ता नहीं बढ़ेगा। नियम के मुताबिक, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर डीए में तीन से चार प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इसका सीधा फायदा करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा।
कर्मचारी संगठनों की मांग और बोनस पर नजर
इस बीच, विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ यानी एआईडीईएफ ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि डीए का ऐलान जल्द से जल्द किया जाए। इसके साथ ही महासंघ ने त्योहारी सीजन को देखते हुए बोनस की सीमा को भी बढ़ाने की मांग रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सरकार को बिना किसी और देरी के रुका हुआ फैसला जल्द लेना चाहिए। संगठनों का तर्क है कि यदि दशहरे से पहले ऐलान हो जाता है, तो बाजार में भी त्योहारी रौनक और अधिक बढ़ जाएगी।
दूसरी ओर, कोल इंडिया लिमिटेड जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते यानी वेरिएबल डीए की नई दरें पहले ही जारी कर दी हैं। कोल इंडिया के इस फैसले से करीब एक लाख से अधिक वर्कर्स को फायदा मिल रहा है और उनकी दैनिक मजदूरी या वेतन में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस स्थानीय और सेक्टर-विशेष राहत के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई हैं कि केंद्र सरकार भी जल्द ही पूरे देश के कर्मचारियों के लिए डीए हाइक का ऐलान कर देगी।
त्योहारी सीजन में मिल सकता है बड़ा वित्तीय लाभ
आमतौर पर सरकार अक्टूबर के महीने में ही दिवाली के आसपास केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का तोहफा देती है। पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो कई बार कैबिनेट ने त्योहारों से ठीक पहले डीए बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके साथ एरियर का पैसा भी कर्मचारियों के खातों में भेजा जाता है। यदि इस बार भी ऐसा होता है, तो कर्मचारियों को अक्टूबर या नवंबर के वेतन के साथ पिछले महीनों का बकाया पैसा यानी एरियर भी एकमुश्त मिल जाएगा, जिससे त्योहारी खरीदारी में काफी मदद मिलेगी।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और संबंधित विभागों में डीए की फाइल पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होते ही इसे कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के लिए रख दिया जाएगा। हालांकि अभी तक सरकार या किसी अधिकृत मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है, फिर भी सूत्रों का यही कहना है कि दशहरे के बाद और दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म हो सकता है और उनके खाते में बढ़ी हुई रकम आने का रास्ता साफ हो सकता है।









